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Maharajganj News: मानसून की आहट से सजकर तैयार हुआ रैनकोट व छातों का बाजार
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200 रुपये में छोटी छतरी और 500 में मिल रहे हैं रेनकोट
100 रुपये में प्लास्टिक स्लीपर और 150 में जूते
महराजगंज। मानसून का दौर शुरू होने से पहले छातों व रेनकोट का बाजार सजकर तैयार हो गया है। जनपद मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक छतरी, रेनकोट प्लास्टिक शीट, प्लास्टिक जूता व चप्पल के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। मौसम को देखते हुए लोगों ने इसकी खरीदारी भी शुरू कर दी है।
बारिश से बचाने वाले प्लास्टिक उत्पाद बिक्री करने वाले कारोबारी जगराम ने बताया कि उनकी दुकान सीजनल है। मानसून आने के पहले दुकान सजाते हैं, नवंबर तक बिक्री होती है। संबंधित उत्पादों की बिक्री वह पिछले चार वर्षों से कर रहे हैं। इस बार सबसे छोटी छतरी 150 से 200 रुपये में मिल रही है। बड़ी छतरी 300 से शुरू हो रही है। पूरा शरीर ढंका रहे ऐसी नाप वाली प्लास्टिक शीट 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक में मिल रही है।
कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि बारिश में सर्वाधिक रेनकोट की बिक्री होती है। इन दिनों 300 से 500 व 700 के रेनकोट क्वालिटी के आधार पर उपलब्ध हैं। इसी तरह बारिश में पहनी जाने वाली प्लास्टिक की चप्पल 100 और जूता 150 रुपये में बिक रहा है। बारिश को देखकर लोग खरीद भी कर रहे हैं। कारोबारियों ने बताया कि पूरे बारिश तक इन उत्पादों की डिमांड व बिक्री होती रहती है।
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100 रुपये में प्लास्टिक स्लीपर और 150 में जूते
महराजगंज। मानसून का दौर शुरू होने से पहले छातों व रेनकोट का बाजार सजकर तैयार हो गया है। जनपद मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक छतरी, रेनकोट प्लास्टिक शीट, प्लास्टिक जूता व चप्पल के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। मौसम को देखते हुए लोगों ने इसकी खरीदारी भी शुरू कर दी है।
बारिश से बचाने वाले प्लास्टिक उत्पाद बिक्री करने वाले कारोबारी जगराम ने बताया कि उनकी दुकान सीजनल है। मानसून आने के पहले दुकान सजाते हैं, नवंबर तक बिक्री होती है। संबंधित उत्पादों की बिक्री वह पिछले चार वर्षों से कर रहे हैं। इस बार सबसे छोटी छतरी 150 से 200 रुपये में मिल रही है। बड़ी छतरी 300 से शुरू हो रही है। पूरा शरीर ढंका रहे ऐसी नाप वाली प्लास्टिक शीट 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक में मिल रही है।
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कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि बारिश में सर्वाधिक रेनकोट की बिक्री होती है। इन दिनों 300 से 500 व 700 के रेनकोट क्वालिटी के आधार पर उपलब्ध हैं। इसी तरह बारिश में पहनी जाने वाली प्लास्टिक की चप्पल 100 और जूता 150 रुपये में बिक रहा है। बारिश को देखकर लोग खरीद भी कर रहे हैं। कारोबारियों ने बताया कि पूरे बारिश तक इन उत्पादों की डिमांड व बिक्री होती रहती है।
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