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Maharajganj News: अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी
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शासनादेश के विरुद्ध लेखपालों पर गलत रिपोर्ट लगाकर आवेदन निरस्त करने का आरोप
प्रमाण पत्र जारी करने और लेखपालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे लोग
फरेंदा। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने की मांग को लेकर गोंड धुरिया समाज के छात्रों का तहसील परिसर में भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहा। पूरे दिन धरना स्थल पर अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा।
छात्रों का आरोप है कि तहसीलदार फरेंदा भारत के राजपत्र एवं उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के बावजूद उनके आवेदन निरस्त कर रहे हैं। इस वजह से वह विभिन्न भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। भूख हड़ताल का नेतृत्व गोंड समाज के जिलाध्यक्ष अंगद गोंड कर रहे हैं। उनके साथ वशिष्ठ गोंड, दिलीप गोंड, नंद्रिका गोंड, बनवारी लाल धुरिया, गंगाराम गोंड, मुकेश धुरिया, लालमन धुरिया, रामकरन गोंड, बाबूलाल गोंड, दीपक धुरिया, सुदामा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र समाज के लोग धरने पर बैठे हैं।
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण वे आंगनबाड़ी भर्ती, एसएससी जीडी, होमगार्ड भर्ती, छात्रवृत्ति एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। जबकि उनके परिवार के कई सदस्यों के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र पूर्व में जारी हो चुके हैं। परिवार के कुछ सदस्यों को प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं। इसके अलावा कई परिवारों के पास टीसी व अन्य अभिलेखों में गोंड, धुरिया जाति दर्ज होने के साक्ष्य मौजूद हैं।
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प्रमाण पत्र जारी करने और लेखपालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे लोग
फरेंदा। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने की मांग को लेकर गोंड धुरिया समाज के छात्रों का तहसील परिसर में भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहा। पूरे दिन धरना स्थल पर अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा।
छात्रों का आरोप है कि तहसीलदार फरेंदा भारत के राजपत्र एवं उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के बावजूद उनके आवेदन निरस्त कर रहे हैं। इस वजह से वह विभिन्न भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। भूख हड़ताल का नेतृत्व गोंड समाज के जिलाध्यक्ष अंगद गोंड कर रहे हैं। उनके साथ वशिष्ठ गोंड, दिलीप गोंड, नंद्रिका गोंड, बनवारी लाल धुरिया, गंगाराम गोंड, मुकेश धुरिया, लालमन धुरिया, रामकरन गोंड, बाबूलाल गोंड, दीपक धुरिया, सुदामा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र समाज के लोग धरने पर बैठे हैं।
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धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण वे आंगनबाड़ी भर्ती, एसएससी जीडी, होमगार्ड भर्ती, छात्रवृत्ति एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। जबकि उनके परिवार के कई सदस्यों के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र पूर्व में जारी हो चुके हैं। परिवार के कुछ सदस्यों को प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं। इसके अलावा कई परिवारों के पास टीसी व अन्य अभिलेखों में गोंड, धुरिया जाति दर्ज होने के साक्ष्य मौजूद हैं।
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