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बारिश से टापू बनने वाले गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंपों पर बनेंगे चबूतरे
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बारिश से टापू बनने वाले गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंपों पर बनेंगे चबूतरे
महराजगंज। बाढ़ में चारों तरफ से पानी से घिर जाने वाले (टापू) जिले के चार तहसीलों के 116 गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंप की ऊंचाई आठ फीट तक किए जाने की योजना है। ताकि ऐसे गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
दरअसल, बारिश के मौसम में जिले के सभी चारों तहसील क्षेत्र में स्थित कुछ गांव टापू के रूप में तब्दील हो जाते हैं, जिससे गांव में लगे हैंडपंप गंदे पानी में डूब जाते हैं। इसके चलते ग्रामीणों को दूषित जल पीना पड़ता है। इससे लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। वहीं, बीमारी की दशा में उनकी मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं। ऐसे गांवों के लोगों को मुसीबत से बचाने के लिए पंचायती राज विभाग ने इंडिया मार्का हैंडपंप की ऊंचाई समतल से आठ फीट तक करने का फैसला किया है। पाइप लगाकर आठ फीट तक हैंडपंप को ऊंचा करने से जहां आमजन को शुद्ध पेयजल मिलेगा। वहीं, संक्रामक बीमारियों के चपेट में आने से भी बचाव होगा।
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फरेंदा तहसील में 42 गांवों के हैंडपंप होंगे ऊंचे
फरेंदा तहसील में सर्वाधिक 42 हैंडपंप ऊंचे किए जाएंगे। इसके साथ ही नौतनवां तहसील में 28, सदर तहसील में 25 तथा निचलौल तहसील के 21 गांवों में इस योजना को लागू किया जाएगा। सभी जगह पर सीढ़ीनुमा चबूतरे भी बनाए जाएंगे।
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कराया जा रहा सर्वे- डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी केबी वर्मा ने बताया कि बरसात में टापू बन जाने वाले गांवों में हैंडपंपों को चिन्हित करने के लिए सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। सूची मिलने के बाद चबूतरा निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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महराजगंज। बाढ़ में चारों तरफ से पानी से घिर जाने वाले (टापू) जिले के चार तहसीलों के 116 गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंप की ऊंचाई आठ फीट तक किए जाने की योजना है। ताकि ऐसे गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
दरअसल, बारिश के मौसम में जिले के सभी चारों तहसील क्षेत्र में स्थित कुछ गांव टापू के रूप में तब्दील हो जाते हैं, जिससे गांव में लगे हैंडपंप गंदे पानी में डूब जाते हैं। इसके चलते ग्रामीणों को दूषित जल पीना पड़ता है। इससे लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। वहीं, बीमारी की दशा में उनकी मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं। ऐसे गांवों के लोगों को मुसीबत से बचाने के लिए पंचायती राज विभाग ने इंडिया मार्का हैंडपंप की ऊंचाई समतल से आठ फीट तक करने का फैसला किया है। पाइप लगाकर आठ फीट तक हैंडपंप को ऊंचा करने से जहां आमजन को शुद्ध पेयजल मिलेगा। वहीं, संक्रामक बीमारियों के चपेट में आने से भी बचाव होगा।
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फरेंदा तहसील में 42 गांवों के हैंडपंप होंगे ऊंचे
फरेंदा तहसील में सर्वाधिक 42 हैंडपंप ऊंचे किए जाएंगे। इसके साथ ही नौतनवां तहसील में 28, सदर तहसील में 25 तथा निचलौल तहसील के 21 गांवों में इस योजना को लागू किया जाएगा। सभी जगह पर सीढ़ीनुमा चबूतरे भी बनाए जाएंगे।
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कराया जा रहा सर्वे- डीपीआरओ
जिला पंचायत राज अधिकारी केबी वर्मा ने बताया कि बरसात में टापू बन जाने वाले गांवों में हैंडपंपों को चिन्हित करने के लिए सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। सूची मिलने के बाद चबूतरा निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।