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जनपद में सरकारी एंबुलेंस को लगा ‘बदहाली का रोग’

Mon, 05 Mar 2018 12:24 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Mon, 05 Mar 2018 12:24 AM IST
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The government ambulance in the district was 'disease of malady'
जनपद में सरकारी एंबुलेंस को लगा ‘बदहाली का रोग’ - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। जिले में उपलब्ध अधिकांश एंबुलेंसों सुविधाएं ही नहीं हैं और उन्हें मरीजों का सेवा में दौड़ा रहा है। ज्यादातर एंबुलेंस के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं तक नहीं हैं। कुछ में तो ब्लड प्रेशर (बीपी) मशीन भी नहीं है। साफ - सफाई भी नहीं है। जिले में 108, 21 और 102 नंबर के कुल 32 एंबुलेंस हैं। इनमें से जिला अस्पताल परिसर में दो एंबुलेंस खराब हालत में पड़ी हैं। उनमें न तो ऑक्सीजन सिलेंडर है, न ही अन्य संसाधन हैं। टायर भी खराब है। बेकार पडे़ एंबुलेंस को दुरुस्त कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। सुविधाओं के अभाव में जिले में दौड़ रही एंबुलेंस से मरीजों को कितनी राहत मिलती होगी, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
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घायलों के लिए संजीवनी बनी 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा में सुविधाएं नहीं हैं। बताया जाता है कि 108 नंबर एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट एड बाक्स, स्प्रे, बीपी मशीन सहित अन्य जरूरी संसाधन होते हैं। वहीं 102 नंबर एंबुलेंस में अन्य संसाधनों के साथ ही छोटे बच्चों के लिए जीवन रक्षक औषधियां भी उपलब्ध रहती हैं। उधर, एंबुलेंस की हालत यह है कि कई में बीपी मशीन ही नहीं है। कुछ में है तो वह ठीक हालत में नहीं है। सबसे हैरत की बात यह है कि कुछ एंबुलेंस में तो लगे सिलेंडर में ऑक्सीजन ही समाप्त है। फर्स्ट एड बाक्स में दवा भी उपलब्ध नहीं है। इस समस्याओं अलावा एंबुलेंस में सफाई भी ठीक नहीं है। यही हाल 102 नंबर एंबुलेंस का भी है। जिले की सड़कों पर दौड़ रही एंबुलेंस में सुविधाओं के अभाव से समस्या पैदा हो सकती है। ज्यादातर एंबुलेंस में फायर सेफ्टी के इंतजाम तो हैं लेकिन मशीनें खराब हैं। 
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जिले में 102 नंबर एंबुलेंस सेवा के प्रभारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि खराब पड़े एंबुलेंस जल्द ही बनकर मिल जाएंगे। रही बात सुविधाओं की तो उसे बेहतर बनाने का प्रयास जारी है। एंबुलेंस में जो उपलब्ध हैं, उसी में मरीजों के लिए बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर किसी एंबुलेंस में कोई कमी होगी तो उसे भी ठीक करा दिया जायेगा। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी और चालक दोनों का मुख्य उद्देश्य होता है कि मरीज को जल्द से जल्द राहत मिले। मरीज के बारे में जैसे ही सूचना मिलती है, एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करा दी जाती है। 
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