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बागवान मिला ऐसा कि महक उठी बगिया
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अमोढा प्राथमिक विद्यालय में बच्चो को पढ़ाते अध्यापक रिज्वनुल्लाह खां।
- फोटो : MAHARAJGANJ
बागवान मिला ऐसा कि महक उठी बगिया
प्रधानाध्यापक रिजवानुल्लाह ने बदल दी सरकारी स्कूल की सूरत, लोगों की मदद से स्मार्ट क्लास और इन्वर्टर की सुविधा मिली
घुघली। सरकारी शिक्षकों को अमोढ़ा प्राथमिक विद्यालय को देखकर अपनी सोच बदल डालनी पड़ेगी। रंग बिरंगे फूलों से महकते शिक्षा के इस मंदिर में न सिर्फ पठन-पाठन होता है, बल्कि चरित्र निर्माण भी होता है। यही वजह है कि यहां छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोगों की मदद से स्कूल में इन्वर्टर और डेस्क बेंच की व्यवस्था हुई है। स्मार्ट क्लास भी शुरू हो गया है। शिक्षकों की मदद से नवोदय स्कूल में दाखिला के लिए निशुल्क तैयारी भी कराई जाने लगी है।
प्रधानाध्यापक रिज्वनुल्लाह खां के अथक परिश्रम की बदौलत यह सब कुछ हुआ है। यहां आने वाले व्यवस्था देखकर हैरत में पड़ जाते हैं कि यह सरकारी स्कूल है या प्राइवेट। 100 गमलों वाले फूल, कंप्यूटर आदि की व्यवस्था स्कूल में है। बच्चे कंप्यूटर के माध्यम से तकनीकी ज्ञान सीखते हैं। बिजली नहीं रहने पर भी इन्वर्टर से काम चलता है।
एक कमरे की लाइब्रेरी बनी है, जहां पुस्तकें उपलब्ध हैं। घुघली बीआरसी से 5 किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय को संवारने में प्रधानाध्यापक रिज्वनुल्लाह ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यहां के छात्र को राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा 2021-22 में सफलता मिली है। प्रधानाध्यापक रिजवानुल्लाह खां ने बताया कि वर्तमान में छात्र संख्या 310 हो चुकी है। लोगों को पूरा सहयोग मिल रहा है। आने वाले दिनों में यहां बच्चों के लिए अन्य सुविधाएं विकसित होंगी।
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प्रधानाध्यापक रिजवानुल्लाह ने बदल दी सरकारी स्कूल की सूरत, लोगों की मदद से स्मार्ट क्लास और इन्वर्टर की सुविधा मिली
घुघली। सरकारी शिक्षकों को अमोढ़ा प्राथमिक विद्यालय को देखकर अपनी सोच बदल डालनी पड़ेगी। रंग बिरंगे फूलों से महकते शिक्षा के इस मंदिर में न सिर्फ पठन-पाठन होता है, बल्कि चरित्र निर्माण भी होता है। यही वजह है कि यहां छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोगों की मदद से स्कूल में इन्वर्टर और डेस्क बेंच की व्यवस्था हुई है। स्मार्ट क्लास भी शुरू हो गया है। शिक्षकों की मदद से नवोदय स्कूल में दाखिला के लिए निशुल्क तैयारी भी कराई जाने लगी है।
प्रधानाध्यापक रिज्वनुल्लाह खां के अथक परिश्रम की बदौलत यह सब कुछ हुआ है। यहां आने वाले व्यवस्था देखकर हैरत में पड़ जाते हैं कि यह सरकारी स्कूल है या प्राइवेट। 100 गमलों वाले फूल, कंप्यूटर आदि की व्यवस्था स्कूल में है। बच्चे कंप्यूटर के माध्यम से तकनीकी ज्ञान सीखते हैं। बिजली नहीं रहने पर भी इन्वर्टर से काम चलता है।
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एक कमरे की लाइब्रेरी बनी है, जहां पुस्तकें उपलब्ध हैं। घुघली बीआरसी से 5 किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय को संवारने में प्रधानाध्यापक रिज्वनुल्लाह ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यहां के छात्र को राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा 2021-22 में सफलता मिली है। प्रधानाध्यापक रिजवानुल्लाह खां ने बताया कि वर्तमान में छात्र संख्या 310 हो चुकी है। लोगों को पूरा सहयोग मिल रहा है। आने वाले दिनों में यहां बच्चों के लिए अन्य सुविधाएं विकसित होंगी।
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