{"_id":"691f7c76a216555b310ad8e5","slug":"the-game-of-adulterationbusinessmen-are-preparing-cheese-by-mixing-flour-and-arrowroot-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-164714-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मिलावट का खेल...मैदा और अरारोट मिलाकर पनीर तैयार कर रहे धंधेबाजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मिलावट का खेल...मैदा और अरारोट मिलाकर पनीर तैयार कर रहे धंधेबाजे
विज्ञापन
नगर में दुकानों पर बिक रहा पनीर।
महराजगंज। जिले में मिलावटी पनीर की बिक्री तेज है। गोरखपुर जिले के पिपराइच कस्बे से मिलावटी पनीर की खेप जिले में लाई जा रही है। साथ ही जनपद के बार्डर क्षेत्र के चौराहों पर मिलावटी पनीर बनाकर शहरों तक लाकर इसे खपाया जा रहा है। सहालग में मांग बढ़ने पर धंधेबाज मिलावट तेज कर देते हैं। दूध में मैदा व अरारोट मिलाकर पनीर तैयार की जा रही है। यह सेहत के लिए हानिकारक है। खाद्य सुरक्षा विभाग के 12 नमूनों में से पांच फेल हुए हैं। पाउडर के दूध से पनीर बनाकर धंधेबाज मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बीते माह पनीर के भेजे गए 12 नमूनों में से पांच फेल हुए हैं। नमूनों में फैट की कमी मिली है। धंधेबाज बगैर फैट वाला पनीर बेचकर मोटा मुनाफा बना रहे हैं। मिलावटी पनीर की बिक्री कम नहीं हो रही है। कारण है कि मिलावट वाला बिक जाता है, ऐसे में इसका नमूना जिम्मेदार नहीं ले पाते हैं। सूत्रों की माने में शहर में भी कुछ स्थानों पर पनीर बनाया जाता है। पाउडर वाले दूध में मैदा व आरारोट मिलाकर पनीर बना दिया जाता है।
मांग अधिक होने के कारण शुद्धता पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। 30 नंबर को शहर में 40 से अधिक शादियां होने वाली हैं। इसमें कम से कम 800 किलो के आर्डर बुक हो चुके हैं।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो धंधेबाज बुकिंग तिथि के दिन भी आपूर्ति कर रहे हैं। बाहर से आने वाले पनीर को अपने पास स्टॉक नहीं कर रहे हैं। सबसे अधिक पनीर गोरखपुर जिले के लिए पिपराइच से आ रहा है। जिले में भी पनीर बनता है लेकिन अधिक मात्र में बाहर से ही मंगाया जाता है। कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, ठूठीबारी, झुलनीपुर समेत अन्य क्षेत्रों में मिलावटी पनीर बनाने का धंधा किया जा रहा है।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बीते माह पनीर के भेजे गए 12 नमूनों में से पांच फेल हुए हैं। नमूनों में फैट की कमी मिली है। धंधेबाज बगैर फैट वाला पनीर बेचकर मोटा मुनाफा बना रहे हैं। मिलावटी पनीर की बिक्री कम नहीं हो रही है। कारण है कि मिलावट वाला बिक जाता है, ऐसे में इसका नमूना जिम्मेदार नहीं ले पाते हैं। सूत्रों की माने में शहर में भी कुछ स्थानों पर पनीर बनाया जाता है। पाउडर वाले दूध में मैदा व आरारोट मिलाकर पनीर बना दिया जाता है।
विज्ञापन
मांग अधिक होने के कारण शुद्धता पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। 30 नंबर को शहर में 40 से अधिक शादियां होने वाली हैं। इसमें कम से कम 800 किलो के आर्डर बुक हो चुके हैं।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो धंधेबाज बुकिंग तिथि के दिन भी आपूर्ति कर रहे हैं। बाहर से आने वाले पनीर को अपने पास स्टॉक नहीं कर रहे हैं। सबसे अधिक पनीर गोरखपुर जिले के लिए पिपराइच से आ रहा है। जिले में भी पनीर बनता है लेकिन अधिक मात्र में बाहर से ही मंगाया जाता है। कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, ठूठीबारी, झुलनीपुर समेत अन्य क्षेत्रों में मिलावटी पनीर बनाने का धंधा किया जा रहा है।