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Maharajganj News: फसल जैसी सुरक्षित होंगी तालाब की मछलियां, होगा बीमा
Mon, 21 Jul 2025 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:55 AM IST
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महराजगंज। खेत में फसल ही नहीं अब तालाब की मछलियां भी सुरक्षित रहेंगी। अब मछलियों का बीमा किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने यूपी फिश फार्मर एप विकसित कराया है।
इस एप के जरिए मछलियों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी करेगी। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से मत्स्य पालकों की सहूलियत बढ़ेगी, क्योंकि मछलियों के उत्पादन के लिहाज से महराजगंज मिनी बंगाल माना जाता है, जहां प्रत्येक माह एक हजार टन मछलियां उत्पादित की जाती हैं।
बीमा शुरू होने से बाढ़ या अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से हानि होने पर क्षतिपूर्ति मिल सकेगी। जनपद में 3400 पंजीकृत तालाब हैं, जिनमें मछली पालन ग्रामीण आजीविका का एक बड़ा माध्यम है। मत्स्य पालकों के लिए शासन यूपी फिश फार्मर एप लाया है।
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इस पर मछली का बीमा कराया जा सकता है। बारिश, बीमारी या किसी तकनीकी चूक से तालाबों की मछलियां मरती हैं तो मत्स्य पालकों के नुकसान की भरपाई मिल सकेगी।
योजना फसल बीमा की तरह ही होगी और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी बीमा करेगी। सभी मत्स्य पालक अपनी इकाई को बीमा कवरेज दायरे में ला सकते हैं।
लगातार बढ़ रहा दायरा : मत्स्य पालकों के लिए प्रदेश स्तर पर कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मत्स्य आहार, सोलर पैनल इत्यादि योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बड़ी संख्या में तालाब निर्माण करा रहे हैं। ऐसे में बीमा सुविधा जैसी व्यवस्था देकर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहेगा। नुकसान न होने की गारंटी होने पर अन्य भी मत्स्य पालन से जुड़कर लाभ कमा सकेंगे।
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इस एप के जरिए मछलियों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी करेगी। इस व्यवस्था के प्रभावी होने से मत्स्य पालकों की सहूलियत बढ़ेगी, क्योंकि मछलियों के उत्पादन के लिहाज से महराजगंज मिनी बंगाल माना जाता है, जहां प्रत्येक माह एक हजार टन मछलियां उत्पादित की जाती हैं।
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बीमा शुरू होने से बाढ़ या अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से हानि होने पर क्षतिपूर्ति मिल सकेगी। जनपद में 3400 पंजीकृत तालाब हैं, जिनमें मछली पालन ग्रामीण आजीविका का एक बड़ा माध्यम है। मत्स्य पालकों के लिए शासन यूपी फिश फार्मर एप लाया है।
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इस पर मछली का बीमा कराया जा सकता है। बारिश, बीमारी या किसी तकनीकी चूक से तालाबों की मछलियां मरती हैं तो मत्स्य पालकों के नुकसान की भरपाई मिल सकेगी।
योजना फसल बीमा की तरह ही होगी और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी बीमा करेगी। सभी मत्स्य पालक अपनी इकाई को बीमा कवरेज दायरे में ला सकते हैं।
लगातार बढ़ रहा दायरा : मत्स्य पालकों के लिए प्रदेश स्तर पर कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मत्स्य आहार, सोलर पैनल इत्यादि योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बड़ी संख्या में तालाब निर्माण करा रहे हैं। ऐसे में बीमा सुविधा जैसी व्यवस्था देकर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहेगा। नुकसान न होने की गारंटी होने पर अन्य भी मत्स्य पालन से जुड़कर लाभ कमा सकेंगे।