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Maharajganj News: फसल बीमा कराने वाले किसानों को मिलेगा दावा, बनाई जा रही सूची
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महराजगंज/ निचलौल। गंडक नदी की बाढ़ से अपनी जमापूंजी गंवा चुके दियारा क्षेत्र के चार गांवों के बीमित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे सभी बीमित किसान फसल बीमा क्लेम के हकदार होंगे, जिन्होंने किसी कारणवश 72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की सूचना नहीं दी थी।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। शासन ने यह माना है कि बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में संचार सेवाएं पूरी तरह बाधित थीं और पूरे दियारा क्षेत्र में पांच से सात फीट तक जलभराव था। ऐसे में किसानों के लिए 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर या एप के माध्यम से सूचना देना संभव नहीं था।
इसी मानवीय पक्ष को देखते हुए तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व कर्मी और कृषि विभाग के कर्मचारी बाढ़ पीड़ित किसानों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। कृषि उप निदेशक व फसल बीमा कंपनी दोनों ने संज्ञान लिया और निचलौल तहसील से दियारा के सभी बीमित किसानों से क्लेम कराने को कहा है। निचलौल तहसीलदार अमित सिंह राजस्व टीम के साथ ऐसे किसानों की सूची तैयार कराने में जुटे हैं, जो बीमित तो हैं लेकिन 72 घंटे के भीतर क्लेम नहीं कर सके थे। दियारा के किसान अर्जुन, फूला देवी, नरेंद्र, सोमई, कौशलेन्द्र ने बताया कि हमारा बीमा प्रीमियम तो कटा था लेकिन सूचना कृषि विभाग तक 72 घंटे में नहीं दे सके थे। कृषि विभाग व राजस्व महकमे ने हमारी दुश्वारी को समझा।
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। शासन ने यह माना है कि बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में संचार सेवाएं पूरी तरह बाधित थीं और पूरे दियारा क्षेत्र में पांच से सात फीट तक जलभराव था। ऐसे में किसानों के लिए 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर या एप के माध्यम से सूचना देना संभव नहीं था।
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इसी मानवीय पक्ष को देखते हुए तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व कर्मी और कृषि विभाग के कर्मचारी बाढ़ पीड़ित किसानों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। कृषि उप निदेशक व फसल बीमा कंपनी दोनों ने संज्ञान लिया और निचलौल तहसील से दियारा के सभी बीमित किसानों से क्लेम कराने को कहा है। निचलौल तहसीलदार अमित सिंह राजस्व टीम के साथ ऐसे किसानों की सूची तैयार कराने में जुटे हैं, जो बीमित तो हैं लेकिन 72 घंटे के भीतर क्लेम नहीं कर सके थे। दियारा के किसान अर्जुन, फूला देवी, नरेंद्र, सोमई, कौशलेन्द्र ने बताया कि हमारा बीमा प्रीमियम तो कटा था लेकिन सूचना कृषि विभाग तक 72 घंटे में नहीं दे सके थे। कृषि विभाग व राजस्व महकमे ने हमारी दुश्वारी को समझा।
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