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लुंबिनी और सोनौली में मनाया गया थाई नववर्ष
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लुंबिनी और सोनौली में मनाया गया थाई नववर्ष
सोनौली। थाई मंदिरों से जुड़े लोगों ने लुंबिनी और सोनौली थाई मंदिर में शुक्रवार सुबह धूमधाम से नववर्ष मनाया। विश्व शांति की कामना करते हुए लोगों ने बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में पूजा-अर्चना की।
लुंबिनी में पीस आइलैंड के पास धार्मिक तरीके से बेबी बुद्धा की पूजा कर नया साल मनाया गया। इस अवसर पर धर्म गुरुओं ने पुष्प वर्षा की। उन्होंने संपूर्ण मानव जीवन और प्राणियों के सुख, शांति और कल्याण के लिए मोक्ष की कामना की। थाईलैंड में नया साल पांच दिनों तक मनाया जाता है।
सोनौली 960 थाई बुद्ध विहार के मैनेजर राजेश शुक्ला ने बताया कि नए वर्ष को थाई लोग सोंगक्रान कहते हैं। इस उत्सव का सबसे प्रसिद्ध पहलू पानी फेंकना है। थाई लोग एक दूसरे पर पानी छिड़क कर खुशी मनाते हैं।
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सोनौली। थाई मंदिरों से जुड़े लोगों ने लुंबिनी और सोनौली थाई मंदिर में शुक्रवार सुबह धूमधाम से नववर्ष मनाया। विश्व शांति की कामना करते हुए लोगों ने बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में पूजा-अर्चना की।
लुंबिनी में पीस आइलैंड के पास धार्मिक तरीके से बेबी बुद्धा की पूजा कर नया साल मनाया गया। इस अवसर पर धर्म गुरुओं ने पुष्प वर्षा की। उन्होंने संपूर्ण मानव जीवन और प्राणियों के सुख, शांति और कल्याण के लिए मोक्ष की कामना की। थाईलैंड में नया साल पांच दिनों तक मनाया जाता है।
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सोनौली 960 थाई बुद्ध विहार के मैनेजर राजेश शुक्ला ने बताया कि नए वर्ष को थाई लोग सोंगक्रान कहते हैं। इस उत्सव का सबसे प्रसिद्ध पहलू पानी फेंकना है। थाई लोग एक दूसरे पर पानी छिड़क कर खुशी मनाते हैं।
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