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परिषदीय शिक्षक भड़के
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:24 AM IST
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शनिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया। शिक्षकों ने एसएमएस के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी देने के आदेश पर नाराजगी जताई।
शिक्षकों का कहना है कि सभी विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। कुछ अध्यापकों के पास मोबाइल फोन भी नहीं है। बहुत ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें एसएमएस भेजने की जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की उपस्थिति समय से नहीं हो पाती है उनके आने में विलम्ब होता है।
जबकि विद्यालय खुलने के 15 मिनट के बाद ही विद्यार्थियों की सूचना विभाग को देने का आदेश दिया गया है। विभाग स्तर से किसी भी विद्यालय पर कोई भी दूरभाष उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं व्यक्तिगत मोबाइल के लिए विभाग से कोई भी धन आंवटित नहीं किया गया है। जिला संरक्षक संजय मिश्रा ने कहा कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है इस आदेश के माध्यम से केवल शिक्षकों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिला संयोजक शैलेश शर्मा ने कहा कि अध्यापकों पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी के साथ साथ तरह तरह की जिम्मेदारी देकर परेशान किया जा रहा है। जिससे शिक्षकों का ध्यान केंद्रित कर पाना संभव नहीं हो पाएगा। सह संयोजक वीरेन्द्र यादव, सह संयोजक बलराम निगम, शशीकेश तिवारी, तथा रणंजय सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
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शिक्षकों का कहना है कि सभी विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। कुछ अध्यापकों के पास मोबाइल फोन भी नहीं है। बहुत ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें एसएमएस भेजने की जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की उपस्थिति समय से नहीं हो पाती है उनके आने में विलम्ब होता है।
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जबकि विद्यालय खुलने के 15 मिनट के बाद ही विद्यार्थियों की सूचना विभाग को देने का आदेश दिया गया है। विभाग स्तर से किसी भी विद्यालय पर कोई भी दूरभाष उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं व्यक्तिगत मोबाइल के लिए विभाग से कोई भी धन आंवटित नहीं किया गया है। जिला संरक्षक संजय मिश्रा ने कहा कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है इस आदेश के माध्यम से केवल शिक्षकों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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जिला संयोजक शैलेश शर्मा ने कहा कि अध्यापकों पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी के साथ साथ तरह तरह की जिम्मेदारी देकर परेशान किया जा रहा है। जिससे शिक्षकों का ध्यान केंद्रित कर पाना संभव नहीं हो पाएगा। सह संयोजक वीरेन्द्र यादव, सह संयोजक बलराम निगम, शशीकेश तिवारी, तथा रणंजय सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।