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धनतेरस पर शगुन के साथ रखा सेहत का ख्याल
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सिसवा बाजार फलमंडी में बर्तन की दुकान पर पीतल का बर्तन खरीदती महिला। संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
धनतेरस पर शगुन के साथ रखा सेहत का ख्याल
इस बार बाजार में तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन खूब बिके
स्टील के बर्तनों की बिक्री में 20 प्रतिशत की कमी का अनुमान
महराजगंज। इस बार धनतेरस पर लोग बर्तन की खरीदारी करते समय सेहत के प्रति संजीदा दिखे। लोगों ने स्टील के बर्तन के बजाय तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन खूब खरीदे। इस कारण स्टील के बर्तनों की मांग में 20 फीसदी की कमी का अनुमान है। आयुर्वेद में तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताया गया है।
कोरोना काल के बाद से लोग सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक हो गए हैं। इसका असर धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी पर भी पड़ा। लोगों ने धनतेरस पर सेहत के लिए फायदेमंद तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों की खूब खरीदारी की। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार पारंपरिक बर्तनों की 30 से 35 फीसदी अधिक बिक्री हुई है।
गौनरिया राजा गांव के मनीष कहते हैं कि कोरोना काल के बाद से लोग अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस बार धनतेरस पर पीतल की थाली खरीदी। ठूठीबारी के सूरज मद्देशिया ने बताया कि इस बार सेहत को ध्यान में रखते हुए तांबे का गिलास खरीदा।
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शास्त्री नगर के वरुण ने बताया कि इंटरनेट पर तांबा के बर्तन के प्रयोग के फायदे की जानकारी ली। इसके बाद बाजार से एक गिलास खरीद लाया। इसमें पानी पीना सेहत के लिए ठीक रहेगा।
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पारंपरिक बर्तनों में युवाओं की रुचि
बर्तन के थोक विक्रेता संजय कश्यप ने बताया कि शहर में बर्तन की 30 से अधिक दुकानें हैं। इनमें पारंपरिक धातु के बर्तनों की बिक्री ज्यादा हुई। युवाओं ने पुराने जमाने के बर्तनों को लेने में खासी रुचि दिखाई। युवा ऑनलाइन बर्तनों के फायदे के बारे में जानकारी हासिल कर खरीदारी करते हैं। ऐसे में पारंपरिक बर्तनों की मांग 35 प्रतिशत बढ़ी है।
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सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन
आयुर्वेद में तांबा, पीतल, कांसे के बर्तन सेहत के लिए फायदेमंद बताए गए हैं। इन धातुओं के बर्तनों में खाना खाना और पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। बताया गया है कि तांबे के पात्र में बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं। इसके पात्र में रखा पानी शुद्ध रहता है। पीतल में मोटापा कम करने, रक्त शुद्ध करने, बच्चे के पेट के कीड़े मारने और ब्लड संतुलित रखने की शक्ति बताई गई है। कांसा जोड़ों के दर्द, पित्त बढ़ने, भूख में कमी और कम दृष्टि की स्थिति में फायदेमंद होता है।
- डॉ. गौथम मोहनन, प्राचार्य, आईटीएम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
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इस बार बाजार में तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन खूब बिके
स्टील के बर्तनों की बिक्री में 20 प्रतिशत की कमी का अनुमान
महराजगंज। इस बार धनतेरस पर लोग बर्तन की खरीदारी करते समय सेहत के प्रति संजीदा दिखे। लोगों ने स्टील के बर्तन के बजाय तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन खूब खरीदे। इस कारण स्टील के बर्तनों की मांग में 20 फीसदी की कमी का अनुमान है। आयुर्वेद में तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताया गया है।
कोरोना काल के बाद से लोग सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक हो गए हैं। इसका असर धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी पर भी पड़ा। लोगों ने धनतेरस पर सेहत के लिए फायदेमंद तांबा, पीतल और कांसे के बर्तनों की खूब खरीदारी की। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार पारंपरिक बर्तनों की 30 से 35 फीसदी अधिक बिक्री हुई है।
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गौनरिया राजा गांव के मनीष कहते हैं कि कोरोना काल के बाद से लोग अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस बार धनतेरस पर पीतल की थाली खरीदी। ठूठीबारी के सूरज मद्देशिया ने बताया कि इस बार सेहत को ध्यान में रखते हुए तांबे का गिलास खरीदा।
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शास्त्री नगर के वरुण ने बताया कि इंटरनेट पर तांबा के बर्तन के प्रयोग के फायदे की जानकारी ली। इसके बाद बाजार से एक गिलास खरीद लाया। इसमें पानी पीना सेहत के लिए ठीक रहेगा।
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पारंपरिक बर्तनों में युवाओं की रुचि
बर्तन के थोक विक्रेता संजय कश्यप ने बताया कि शहर में बर्तन की 30 से अधिक दुकानें हैं। इनमें पारंपरिक धातु के बर्तनों की बिक्री ज्यादा हुई। युवाओं ने पुराने जमाने के बर्तनों को लेने में खासी रुचि दिखाई। युवा ऑनलाइन बर्तनों के फायदे के बारे में जानकारी हासिल कर खरीदारी करते हैं। ऐसे में पारंपरिक बर्तनों की मांग 35 प्रतिशत बढ़ी है।
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सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं तांबा, पीतल और कांसे के बर्तन
आयुर्वेद में तांबा, पीतल, कांसे के बर्तन सेहत के लिए फायदेमंद बताए गए हैं। इन धातुओं के बर्तनों में खाना खाना और पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। बताया गया है कि तांबे के पात्र में बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं। इसके पात्र में रखा पानी शुद्ध रहता है। पीतल में मोटापा कम करने, रक्त शुद्ध करने, बच्चे के पेट के कीड़े मारने और ब्लड संतुलित रखने की शक्ति बताई गई है। कांसा जोड़ों के दर्द, पित्त बढ़ने, भूख में कमी और कम दृष्टि की स्थिति में फायदेमंद होता है।
- डॉ. गौथम मोहनन, प्राचार्य, आईटीएम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज