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आबादी भूमि का ड्रोन कैमरे से हो रहा सर्वे
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आबादी भूमि का ड्रोन कैमरे से हो रहा सर्वे
राजस्व विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर सर्वे कार्य में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल (महराजगंज)। भारत सरकार स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिलने में अब देर नहीं होगी। क्योंकि इसके लिए राजस्व विभाग की टीम 35 ग्राम पंचायतों में 22 दिसम्बर से ड्रोन कैमरों की मदद से सर्वे कराने में जुटी हुई है। टीम को 31 दिसंबर तक सभी ग्राम पंचायतों का सर्वे कर डाटा फीड कर लेना है। इसी क्रम में मंगलवार को राजस्व टीम द्वारा ड्रोन कैमरे से ग्राम पंचायत शेषपुर, मटीयरिया, मधवलिया, हरपुर पकड़ी की तस्वीर ली गई।
गांव में जब राजस्व की टीम पहुंची और गांव के बाहर मैदान में हेलीपैड का आकार बनाकर ड्रोन कैमरा आसमान में उड़ाया तो कुछ ही देर बाद गांव की हर एक गली के घरों की तस्वीर फीड हो गई। जब गांव में हेलीकॉप्टर की तरह ड्रोन कैमरा उड़ाया गया तो वह कौतूहल बन गया। महिलाएं, पुरुष व बच्चे अपने घरों से निकलकर ड्रोन कैमरे को देखते रहे।
तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि इस कैमरे में भवन स्वामी का स्वामित्व, घरौनी, सार्वजनिक स्थल, गांव की गलियां फीड हो रही हैं। इसके बाद गूगल पर सर्च करने पर हर गांव की तस्वीर साफ दिखाई देगी। जिस तरह खतौनी में किसानों का नाम दर्ज रहता है, उसी प्रकार से घरौनी में भी भू-स्वामी का नाम दर्ज हो जाएगा। यह सरकार की पहल है। पहले मकानों का स्वामित्व दर्ज नहीं था। घरौनी बनने से जहां गांव की आबादी, मकानों, रास्तों, नालियों के विवाद कम होंगे, वहीं नगरपालिका की तर्ज पर गांवों में विकास के लिए पक्के रास्ते, नाली व दूषित पानी से मुक्ति के लिए जल निगम के तहत टंकी निर्माण कर पाइप लाइन से पानी सप्लाई व गांव की जनसंख्या के हिसाब से गांव में शहरी माडल की तर्ज पर विकास किया जाएगा। ग्रामीणों को अपने मकानों के स्वामित्व भी दर्ज कर आबादी के हिसाब से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
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ऐसे काम करता है ड्रोन कैमरा
सर्वे टीम में एक कानूनगो के अलावा तीन लेखपाल शामिल हैं। कानूनगो रामसेवक ने बताया कि
गांव के बाहर खुले स्थान से ड्रोन कैमरे को उड़ाया जाता है, जो 120 मीटर ऊंचाई तक उड़कर पहले से मार्क की गई आबादी की भूमि को अपने कैमरे में कैद कर लेता है। यह 45 मिनट तक आसमान में उड़कर अपना काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि गृह स्वामियों के लिए संपत्ति कार्ड के रूप में अधिकारों का रिकार्ड प्रदान करना है। इससे ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए ग्रामीण आवासीय संपत्तियों की मुद्रीकरण की सुविधा मिलती है।
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राजस्व विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर सर्वे कार्य में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल (महराजगंज)। भारत सरकार स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिलने में अब देर नहीं होगी। क्योंकि इसके लिए राजस्व विभाग की टीम 35 ग्राम पंचायतों में 22 दिसम्बर से ड्रोन कैमरों की मदद से सर्वे कराने में जुटी हुई है। टीम को 31 दिसंबर तक सभी ग्राम पंचायतों का सर्वे कर डाटा फीड कर लेना है। इसी क्रम में मंगलवार को राजस्व टीम द्वारा ड्रोन कैमरे से ग्राम पंचायत शेषपुर, मटीयरिया, मधवलिया, हरपुर पकड़ी की तस्वीर ली गई।
गांव में जब राजस्व की टीम पहुंची और गांव के बाहर मैदान में हेलीपैड का आकार बनाकर ड्रोन कैमरा आसमान में उड़ाया तो कुछ ही देर बाद गांव की हर एक गली के घरों की तस्वीर फीड हो गई। जब गांव में हेलीकॉप्टर की तरह ड्रोन कैमरा उड़ाया गया तो वह कौतूहल बन गया। महिलाएं, पुरुष व बच्चे अपने घरों से निकलकर ड्रोन कैमरे को देखते रहे।
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तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि इस कैमरे में भवन स्वामी का स्वामित्व, घरौनी, सार्वजनिक स्थल, गांव की गलियां फीड हो रही हैं। इसके बाद गूगल पर सर्च करने पर हर गांव की तस्वीर साफ दिखाई देगी। जिस तरह खतौनी में किसानों का नाम दर्ज रहता है, उसी प्रकार से घरौनी में भी भू-स्वामी का नाम दर्ज हो जाएगा। यह सरकार की पहल है। पहले मकानों का स्वामित्व दर्ज नहीं था। घरौनी बनने से जहां गांव की आबादी, मकानों, रास्तों, नालियों के विवाद कम होंगे, वहीं नगरपालिका की तर्ज पर गांवों में विकास के लिए पक्के रास्ते, नाली व दूषित पानी से मुक्ति के लिए जल निगम के तहत टंकी निर्माण कर पाइप लाइन से पानी सप्लाई व गांव की जनसंख्या के हिसाब से गांव में शहरी माडल की तर्ज पर विकास किया जाएगा। ग्रामीणों को अपने मकानों के स्वामित्व भी दर्ज कर आबादी के हिसाब से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
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ऐसे काम करता है ड्रोन कैमरा
सर्वे टीम में एक कानूनगो के अलावा तीन लेखपाल शामिल हैं। कानूनगो रामसेवक ने बताया कि
गांव के बाहर खुले स्थान से ड्रोन कैमरे को उड़ाया जाता है, जो 120 मीटर ऊंचाई तक उड़कर पहले से मार्क की गई आबादी की भूमि को अपने कैमरे में कैद कर लेता है। यह 45 मिनट तक आसमान में उड़कर अपना काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि गृह स्वामियों के लिए संपत्ति कार्ड के रूप में अधिकारों का रिकार्ड प्रदान करना है। इससे ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए ग्रामीण आवासीय संपत्तियों की मुद्रीकरण की सुविधा मिलती है।