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Maharajganj News: 25 पीएम श्री स्कूलों में विकसित होगी वाटिका
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महराजगंज। जिले के पीएम श्री स्कूलों में भोजन में पोषण का महत्व और पौधों के औषधीय गुणों की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके लिए पीएम श्री स्कूलों में औषधि व पोषण वाटिका विकसित होगी। इस वाटिका में प्रत्येक कक्षा की 40 मिनट की एक कक्षा प्रतिदिन संचालित होगी। पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रत्येक पीएम श्री को 20 हजार की दर से धनराशि अवमुक्त की गई है।
जनपद में 25 पीएम श्री स्कूलों में 7761 विद्यार्थी नामांकित हैं। पीएम-श्री विद्यालयों में नवंबर से बच्चों को प्रकृति, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए वेजीटेबल-मेडिकल-किचन गार्डन विकसित होंगे। बेसिक के सामुदायिक सहभागिता जिला समन्वयक दिव्य पांडेय ने बताया कि इस विशेष वाटिका के लिए प्रत्येक पीएम श्री स्कूल को 20-20 हजार रुपये की दर से जिले के 25 पीएम-श्री विद्यालयों के लिए 5 लाख रुपये की धनराशि मिली है।विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन विकसित किया जाएगा।
पर्याप्त भूमि न होने पर कांपैक्ट गार्डन, वर्टिकल गार्डन, पॉट गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाया जा सकेगा। गार्डन का स्थान बच्चों के लिए सुरक्षित और आसानी से पहुंच योग्य रखा जाएगा। वाटिका में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम, आंवला, हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी, सौंफ आदि के पौधे न सिर्फ विकसित किए जाएंगे, बल्कि प्लांटनेट व ब्लासम वेबसाइट की मदद से प्रत्येक औषधीय पौधे का क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा जिससे बच्चे कोड स्कैन करने के बाद पौधे का संपूर्ण विवरण जैसे वैज्ञानिक नाम, कुल, वर्ग, गुण व उपयोग जान सकेंगे।
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वाटिका में मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट, कंपोस्ट जैसे कॉर्नर विकसित करने की भी व्यवस्था है।
गार्डन को कक्षा शिक्षण से जोड़ने के लिए प्रत्येक कक्षा की सप्ताह में एक घंटी इस वाटिका में बीतेगी और शिक्षक वाटिका के पौधों से बच्चों को जोड़ने का प्रयास करेंगे। वाटिका में बच्चे पौधों की पहचान, उनकी वृद्धि का रिकॉर्ड, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी चर्चा, औषधीय पौधों पर चार्ट-पोस्टर, क्विज आदि गतिविधियों में सहभागिता दर्ज करा सकेंगे।
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जनपद में 25 पीएम श्री स्कूलों में 7761 विद्यार्थी नामांकित हैं। पीएम-श्री विद्यालयों में नवंबर से बच्चों को प्रकृति, पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए वेजीटेबल-मेडिकल-किचन गार्डन विकसित होंगे। बेसिक के सामुदायिक सहभागिता जिला समन्वयक दिव्य पांडेय ने बताया कि इस विशेष वाटिका के लिए प्रत्येक पीएम श्री स्कूल को 20-20 हजार रुपये की दर से जिले के 25 पीएम-श्री विद्यालयों के लिए 5 लाख रुपये की धनराशि मिली है।विद्यालय परिसर में उपलब्ध स्थान के आधार पर गार्डन विकसित किया जाएगा।
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पर्याप्त भूमि न होने पर कांपैक्ट गार्डन, वर्टिकल गार्डन, पॉट गार्डन या रेज्ड बेड मॉडल अपनाया जा सकेगा। गार्डन का स्थान बच्चों के लिए सुरक्षित और आसानी से पहुंच योग्य रखा जाएगा। वाटिका में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा, नीम, आंवला, हल्दी, अदरक, धनिया, पालक, मेथी, सौंफ आदि के पौधे न सिर्फ विकसित किए जाएंगे, बल्कि प्लांटनेट व ब्लासम वेबसाइट की मदद से प्रत्येक औषधीय पौधे का क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा जिससे बच्चे कोड स्कैन करने के बाद पौधे का संपूर्ण विवरण जैसे वैज्ञानिक नाम, कुल, वर्ग, गुण व उपयोग जान सकेंगे।
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वाटिका में मेडिसिनल प्लांट, किचन गार्डन, एरोमैटिक प्लांट, कंपोस्ट जैसे कॉर्नर विकसित करने की भी व्यवस्था है।
गार्डन को कक्षा शिक्षण से जोड़ने के लिए प्रत्येक कक्षा की सप्ताह में एक घंटी इस वाटिका में बीतेगी और शिक्षक वाटिका के पौधों से बच्चों को जोड़ने का प्रयास करेंगे। वाटिका में बच्चे पौधों की पहचान, उनकी वृद्धि का रिकॉर्ड, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी चर्चा, औषधीय पौधों पर चार्ट-पोस्टर, क्विज आदि गतिविधियों में सहभागिता दर्ज करा सकेंगे।