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मासूम मसीरा को मिला जीवनदान
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मासूम मसीरा को मिला जीवनदान
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम के प्रयास से दिल की हुई सर्जरी
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त 2022 को मसीरा के हार्ट का हुआ ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दिल की बीमारी से पीड़ित चार वर्षीय मासूम मसीरा को जीवन दान मिल गया है।
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मसीरा के लिए मसीहा साबित हुए हैं। अब वह स्वस्थ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रयास से मसीरा को नई जिंदगी मिलने के बाद मां माजिदा सहित परिजन बेहद खुश हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची मसीरा की बीमारी को चिह्नित किया था। गोरखपुर के एक निजी चिकित्सक तथा रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की बी टीम की मदद से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त 2022 को मसीरा के हार्ट की सफल सर्जरी हुई।
रतनपुर ब्लॉक के ग्राम पोखरभिंडा निवासी मसीरा की मां माजिदा ने बताया कि जब मसीरा डेढ़ साल की थी तो उसकी तबीयत खराब हुई। सर्दी, जुकाम, खांसी, उल्टी तथा सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। कोल्हुई बाजार के एक निजी चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने गोरखपुर जाकर किसी चिकित्सक से इलाज कराने की सलाह दी।
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गोरखपुर में जब एक निजी चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने कई जांच कराई। जांच रिपोर्ट देखकर बताया कि मसीरा को दिल की बीमारी है। उन्होंने लखनऊ रेफर कर दिया। कोल्हुई से लेकर गोरखपुर तक इलाज कराने में करीब आठ हजार रुपये खर्च हो गए। जब मसीरा को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया तो वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन का खर्च करीब छह लाख बताया। इतनी रकम की व्यवस्था न हो पाने की वजह से मसीरा को लेकर परिजन घर लौट आए। वर्ष 2021 जब आरबीएसके की टीम मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पोखरभिंडा गई तो वहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने केंद्र पर पंजीकृत मसीरा के बीमारी के बारे में बताया।
आरबीएसके के प्रबंधक डॉ. कमरूज्जमा लारी ने बताया कि मसीरा को इलाज के लिए 27 अगस्त 2021 को अलीगढ़ रेफर किया गया। ऑपरेशन की तिथि मिलने के बाद परिजन मसीरा को लेकर आठ अगस्त 2022 को अलीगढ़ गए। 10 अगस्त को ऑपरेशन हुआ और वह 16 अगस्त को डिस्चार्ज होकर घर चली आई। अब मसीरा स्वस्थ है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम के प्रयास से दिल की हुई सर्जरी
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त 2022 को मसीरा के हार्ट का हुआ ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दिल की बीमारी से पीड़ित चार वर्षीय मासूम मसीरा को जीवन दान मिल गया है।
अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मसीरा के लिए मसीहा साबित हुए हैं। अब वह स्वस्थ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रयास से मसीरा को नई जिंदगी मिलने के बाद मां माजिदा सहित परिजन बेहद खुश हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची मसीरा की बीमारी को चिह्नित किया था। गोरखपुर के एक निजी चिकित्सक तथा रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की बी टीम की मदद से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त 2022 को मसीरा के हार्ट की सफल सर्जरी हुई।
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रतनपुर ब्लॉक के ग्राम पोखरभिंडा निवासी मसीरा की मां माजिदा ने बताया कि जब मसीरा डेढ़ साल की थी तो उसकी तबीयत खराब हुई। सर्दी, जुकाम, खांसी, उल्टी तथा सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। कोल्हुई बाजार के एक निजी चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने गोरखपुर जाकर किसी चिकित्सक से इलाज कराने की सलाह दी।
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गोरखपुर में जब एक निजी चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने कई जांच कराई। जांच रिपोर्ट देखकर बताया कि मसीरा को दिल की बीमारी है। उन्होंने लखनऊ रेफर कर दिया। कोल्हुई से लेकर गोरखपुर तक इलाज कराने में करीब आठ हजार रुपये खर्च हो गए। जब मसीरा को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया तो वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन का खर्च करीब छह लाख बताया। इतनी रकम की व्यवस्था न हो पाने की वजह से मसीरा को लेकर परिजन घर लौट आए। वर्ष 2021 जब आरबीएसके की टीम मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पोखरभिंडा गई तो वहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने केंद्र पर पंजीकृत मसीरा के बीमारी के बारे में बताया।
आरबीएसके के प्रबंधक डॉ. कमरूज्जमा लारी ने बताया कि मसीरा को इलाज के लिए 27 अगस्त 2021 को अलीगढ़ रेफर किया गया। ऑपरेशन की तिथि मिलने के बाद परिजन मसीरा को लेकर आठ अगस्त 2022 को अलीगढ़ गए। 10 अगस्त को ऑपरेशन हुआ और वह 16 अगस्त को डिस्चार्ज होकर घर चली आई। अब मसीरा स्वस्थ है।