{"_id":"612fcfc38ebc3ec91c3f10a6","slug":"sonoli-border-to-notanwa-byepass-jam-maharajganj-news-gkp407610398","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाम में फंसे होने के कारण ट्रक चालको की बढ़ने लगी दुश्वारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाम में फंसे होने के कारण ट्रक चालको की बढ़ने लगी दुश्वारियां
विज्ञापन
सोनौली सीमा और नौतनवां बाईपास तक लगा ट्रकों का जाम
महराजगंज। नेपाल में बुटवल से काठमांडू मार्ग छठे दिन भी नहीं खुला है जिससे सोनौली सीमा पर ट्रक का जाम नौतनवां बाईपास तक लग गया है। चालक ट्रक में सामान रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उनके पास रखे रुपये भी समाप्त होने लगे हैं। खर्च के लिए खाते में रकम मंगा रहे हैं। उनकी पूरी गृहस्थी इन दिनों सड़क पर है।
बुधवार की सुबह 9 बजे से नौतनवां बाईपास पर ट्रक चालक कतार में खड़े ट्रकों के बीच बैठक कर बात करते नजर आए। कुछ चालक भोजन बना रहे थे। सभी आपस में बैठकर इस बात की चर्चा कर रहे थे कि नेपाल में भूस्खलन कब बंद होगा और रास्ता कब बहाल होगा। इसकी चर्चा कर रहे थे। राजस्थान के ट्रक चालक गजेंद्र ने बताया कि राजस्थान से काठमांडू के लिए मार्बल लेकर जा रहा हूं। रास्ता बंद होने से फंसा हूं। तीन दिनों से बॉर्डर पर जाम में फंसे हैं। खाने पीने की समस्या हो गई है। मालिक को फोन करके हमने ट्रांसपोर्ट से कुछ रकम मंगवाई है। चालक सलीम का कहना है कि कानपुर से धान लोड कर नारायण घाट पहुंचाना है। तीन दिनों से जाम में गाड़ी फंसी है। बारिश होने के वजह से धान भीगने का भय बना हुआ है।
चालक जगीर सिंह का कहना है कि नगालैंड से मशीनरी पार्ट्स लोड कर काठमांडू जाना है। रुकने की वजह से पास में रखा रकम अब समाप्त हो गई है। चालक हंसराज का कहना है कि हरियाणा से कच्चा माल खाने पीने का लोड कर कर नेपाल के पोखरा के लिए आए थे। तीन से दिनों से जाम में फंसे हैं। सड़कों पर ही हम लोग को खाना बनाना पड़ रहा है। रास्ते में खर्च करने के लिए मिली रकम अब समाप्त हो रही है। कुछ दिन और रास्ता नहीं खुला तो समस्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। नेपाल में बुटवल से काठमांडू मार्ग छठे दिन भी नहीं खुला है जिससे सोनौली सीमा पर ट्रक का जाम नौतनवां बाईपास तक लग गया है। चालक ट्रक में सामान रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उनके पास रखे रुपये भी समाप्त होने लगे हैं। खर्च के लिए खाते में रकम मंगा रहे हैं। उनकी पूरी गृहस्थी इन दिनों सड़क पर है।
बुधवार की सुबह 9 बजे से नौतनवां बाईपास पर ट्रक चालक कतार में खड़े ट्रकों के बीच बैठक कर बात करते नजर आए। कुछ चालक भोजन बना रहे थे। सभी आपस में बैठकर इस बात की चर्चा कर रहे थे कि नेपाल में भूस्खलन कब बंद होगा और रास्ता कब बहाल होगा। इसकी चर्चा कर रहे थे। राजस्थान के ट्रक चालक गजेंद्र ने बताया कि राजस्थान से काठमांडू के लिए मार्बल लेकर जा रहा हूं। रास्ता बंद होने से फंसा हूं। तीन दिनों से बॉर्डर पर जाम में फंसे हैं। खाने पीने की समस्या हो गई है। मालिक को फोन करके हमने ट्रांसपोर्ट से कुछ रकम मंगवाई है। चालक सलीम का कहना है कि कानपुर से धान लोड कर नारायण घाट पहुंचाना है। तीन दिनों से जाम में गाड़ी फंसी है। बारिश होने के वजह से धान भीगने का भय बना हुआ है।
विज्ञापन
चालक जगीर सिंह का कहना है कि नगालैंड से मशीनरी पार्ट्स लोड कर काठमांडू जाना है। रुकने की वजह से पास में रखा रकम अब समाप्त हो गई है। चालक हंसराज का कहना है कि हरियाणा से कच्चा माल खाने पीने का लोड कर कर नेपाल के पोखरा के लिए आए थे। तीन से दिनों से जाम में फंसे हैं। सड़कों पर ही हम लोग को खाना बनाना पड़ रहा है। रास्ते में खर्च करने के लिए मिली रकम अब समाप्त हो रही है। कुछ दिन और रास्ता नहीं खुला तो समस्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन