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Maharajganj News: बगैर स्कूल ड्रेस तो कहीं बिना किताबों के ज्ञान ले रहे बच्चे
Fri, 11 Jul 2025 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:58 AM IST
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कंपोजिट विद्यालय गोपी में बिना किताब के पढ़ाई करते हुए कक्षा 1-2-3 के छात्र।
महराजगंज। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बदहाल है। कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चे बिना किताबों की पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि कई स्कूलों में बच्चे बिना यूनिफॉर्म के पढ़ते नजर आए। सदर और पनियरा ब्लॉक के परिषदीय स्कूलों में किताबों की उपलब्धता, शिक्षण व्यवस्था और पठन-पाठन की स्थिति की पड़ताल करने पर कई स्कूलों की पोल खुल गई।
स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति, शिक्षकों की लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं की कमी देखी गई। सुबह 10:35 बजे जब कंपोजिट विद्यालय सोनबरसा में बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर मध्याह्न भोजन कर रहे थे, जबकि कुछ बच्चे खेलने में व्यस्त थे। स्कूल में कुल 39 बच्चे मौजूद रहे।
सहायक अध्यापक रुबी सिंह बरामदे में बैठकर फाइलें देख रही थीं। वहीं सहायक अध्यापक नितिन कुमार बच्चों को पढ़ा रहे थे। प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार अपने कक्ष में बैठे थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में कक्षा 1 में 10, कक्षा 2 में 13, कक्षा 3 में 18, कक्षा 4 में 16, कक्षा 5 में 10, कक्षा 6 में 11, कक्षा 7 में 7 और कक्षा 8 में 10 बच्चे पंजीकृत हैं।
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प्रधानाध्यापक ने बताया कि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के पास किताबे नहीं हैं। इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी को दी जा चुकी है। जनवरी 2025 से गेहूं की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं बन पा रहा है। बृहस्पतिवार को बच्चों को सब्जी और चावल परोसा गया। स्कूल में दो रसोइयों की तैनाती है।
सुबह 11:20 बजे प्राथमिक विद्यालय नवीगंज में प्रधानाध्यापक पवन कुमार श्रीवास्तव बच्चों को पढ़ाते दिखे, जबकि सहायक अध्यापक प्रीति यादव दूसरी कक्षा में बच्चों को पढ़ा रही थीं। स्कूल में कुल 16 बच्चे मौजूद थे, जबकि पंजीकृत बच्चों की संख्या कक्षा 1 में 11, कक्षा 2 में 8, कक्षा 3 में 12, कक्षा 4 में 15 और कक्षा 5 में 5 हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं, जबकि कक्षा 4 और 5 के बच्चों के पास किताबें उपलब्ध हैं। मध्याह्न भोजन के मेनू के अनुसार, बृहस्पतिवार को रोटी और दाल बनाई गई थी।
11:59 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय चेहरी में 13 बच्चे मौजूद थे। प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध निराला बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि अनुचर देवब्रत कुमार अन्य कार्यों में व्यस्त थे। स्कूल में कक्षा 5 में 12, कक्षा 6 में 9 और कक्षा 8 में 7 बच्चे पंजीकृत हैं।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कम बच्चों की संख्या के कारण पहले स्कूल का समायोजन डेढ़ किलोमीटर दूर कंपोजिट विद्यालय पिपरा रसूलपुर में किया गया था, लेकिन हाल ही में बच्चों का समायोजन 4 किलोमीटर दूर महलगंज कंपोजिट विद्यालय में कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नया समायोजन बच्चों के लिए असुविधाजनक है, क्योंकि पहले की तुलना में अब बच्चों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। स्कूल में किताबें उपलब्ध हैं और मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और रोटी परोसी गई थी।
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स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति, शिक्षकों की लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं की कमी देखी गई। सुबह 10:35 बजे जब कंपोजिट विद्यालय सोनबरसा में बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर मध्याह्न भोजन कर रहे थे, जबकि कुछ बच्चे खेलने में व्यस्त थे। स्कूल में कुल 39 बच्चे मौजूद रहे।
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सहायक अध्यापक रुबी सिंह बरामदे में बैठकर फाइलें देख रही थीं। वहीं सहायक अध्यापक नितिन कुमार बच्चों को पढ़ा रहे थे। प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार अपने कक्ष में बैठे थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में कक्षा 1 में 10, कक्षा 2 में 13, कक्षा 3 में 18, कक्षा 4 में 16, कक्षा 5 में 10, कक्षा 6 में 11, कक्षा 7 में 7 और कक्षा 8 में 10 बच्चे पंजीकृत हैं।
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प्रधानाध्यापक ने बताया कि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के पास किताबे नहीं हैं। इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी को दी जा चुकी है। जनवरी 2025 से गेहूं की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं बन पा रहा है। बृहस्पतिवार को बच्चों को सब्जी और चावल परोसा गया। स्कूल में दो रसोइयों की तैनाती है।
सुबह 11:20 बजे प्राथमिक विद्यालय नवीगंज में प्रधानाध्यापक पवन कुमार श्रीवास्तव बच्चों को पढ़ाते दिखे, जबकि सहायक अध्यापक प्रीति यादव दूसरी कक्षा में बच्चों को पढ़ा रही थीं। स्कूल में कुल 16 बच्चे मौजूद थे, जबकि पंजीकृत बच्चों की संख्या कक्षा 1 में 11, कक्षा 2 में 8, कक्षा 3 में 12, कक्षा 4 में 15 और कक्षा 5 में 5 हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं, जबकि कक्षा 4 और 5 के बच्चों के पास किताबें उपलब्ध हैं। मध्याह्न भोजन के मेनू के अनुसार, बृहस्पतिवार को रोटी और दाल बनाई गई थी।
11:59 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय चेहरी में 13 बच्चे मौजूद थे। प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध निराला बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि अनुचर देवब्रत कुमार अन्य कार्यों में व्यस्त थे। स्कूल में कक्षा 5 में 12, कक्षा 6 में 9 और कक्षा 8 में 7 बच्चे पंजीकृत हैं।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कम बच्चों की संख्या के कारण पहले स्कूल का समायोजन डेढ़ किलोमीटर दूर कंपोजिट विद्यालय पिपरा रसूलपुर में किया गया था, लेकिन हाल ही में बच्चों का समायोजन 4 किलोमीटर दूर महलगंज कंपोजिट विद्यालय में कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नया समायोजन बच्चों के लिए असुविधाजनक है, क्योंकि पहले की तुलना में अब बच्चों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। स्कूल में किताबें उपलब्ध हैं और मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और रोटी परोसी गई थी।