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सोशल मीडिया ने पुत्र को पिता से मिलवाया
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:34 AM IST
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सोशल मीडिया ने पुत्र को पिता से मिलवाया
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिला अस्पताल में कई दिनों से भर्ती परमिल कर्मकार को लावारिस मानकर इलाज चल रहा था। इसकी सूचना सीएमएस व अस्पताल के डॉक्टरों ने फेसबुक पर दी। फेसबुक पर संदेश पढ़कर परमिल कर्मकार के पुत्र गौतम कुमार रविवार को अस्पताल पहुंचे और अपने पिता से मुलाकात की। इसके बाद उन्हें वह अपने साथ घर ले गए।
सीएमएस आरबी राम ने बताया कि 19 जुलाई को घुघली पीएचसी से एक मरीज जिला अस्पताल में रेफर किया गया। मरीज बेहोशी की हालत में था। दो दिनों तक लगातार दवा व इलाज के बाद उसे होश आया। जानकारी लेने पर मरीज ने अपना नाम परमिल कर्मकार (55) पुत्र खेदारी कर्मकार निवासी शिरकहियां कालोनी उर्फ सिसवनियां थाना लौरिया पश्चिमी चंपारन बिहार बताया। संबंधित थाने से संपर्क किया गया तो गांव के बारे में सूचना नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद परमिल के बारे में जानकारी फेसबुक पर दी गई। यह सूचना जिला अस्पताल के डॉक्टर एबी त्रिपाठी ने भी फेसबुक पर डाली। इस बीच रविवार की सुबह एक फोन आया कि जिनकी फोटो फेसबुक पर है वह उनके पिता हैं। फोन करने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि वह अपने पिता को लेने अस्पताल पहुंच रहा है। दोपहर बाद परमिल कर्मकार का बेटा गौतम कुमार आया और अपने पिता से मिलकर उन्हें अपने साथ ले गया। उसने बताया कि पिता परमिल लुधियाना में काम करते हैं। वहां से घर वापस आ रहे थे लेकिन घर नहीं पहुंचे।
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सीएमएस आरबी राम ने बताया कि 19 जुलाई को घुघली पीएचसी से एक मरीज जिला अस्पताल में रेफर किया गया। मरीज बेहोशी की हालत में था। दो दिनों तक लगातार दवा व इलाज के बाद उसे होश आया। जानकारी लेने पर मरीज ने अपना नाम परमिल कर्मकार (55) पुत्र खेदारी कर्मकार निवासी शिरकहियां कालोनी उर्फ सिसवनियां थाना लौरिया पश्चिमी चंपारन बिहार बताया। संबंधित थाने से संपर्क किया गया तो गांव के बारे में सूचना नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद परमिल के बारे में जानकारी फेसबुक पर दी गई। यह सूचना जिला अस्पताल के डॉक्टर एबी त्रिपाठी ने भी फेसबुक पर डाली। इस बीच रविवार की सुबह एक फोन आया कि जिनकी फोटो फेसबुक पर है वह उनके पिता हैं। फोन करने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि वह अपने पिता को लेने अस्पताल पहुंच रहा है। दोपहर बाद परमिल कर्मकार का बेटा गौतम कुमार आया और अपने पिता से मिलकर उन्हें अपने साथ ले गया। उसने बताया कि पिता परमिल लुधियाना में काम करते हैं। वहां से घर वापस आ रहे थे लेकिन घर नहीं पहुंचे।
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