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Maharajganj News: एक किलो पर दो लाख कमीशन का लालच देकर तस्कर बना रहे कैरियर
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हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी में गिरफ्तार किए गए कैरियरों से पूछताछ में हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। युवाओं को अपने धंधे में शामिल करने के लिए तस्कर बड़े मुनाफे का लालच दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बीते दिनों हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी में गिरफ्तार किए गए कुछ कैरियरों से पूछताछ में पता चला कि तस्कर एक किलो गांजा की तस्करी पर दो लाख रुपये कैरिंग चार्ज देते हैं। इसी लालच में कई युवा इनके लिए काम करने को तैयार हो जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि कैरियर को केवल गांजा लेने और देने की जगह व व्यक्ति के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा कुछ नहीं बताया जाता।
गिरफ्तार दंपती ने बताया कि दिल्ली की सुल्ताना नाम की महिला ने उन्हें अपने पैसे से थाईलैंड बुलाया। वहां होटल में रहने खाने की अच्छी व्यवस्था की। इसके बाद 500 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड दिल्ली पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही गई। लेकिन एक ही बार में ज्यादा रकम का लालच देकर उन्हें छह किलो हाइड्रोपोनिक वीड दे दिया गया था। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उच्च क्वालिटी का गांजा दिल्ली, हरियाणा और गोवा के रेस्टोरेंट बार में खपाया जाता है।
थाईलैंड से दिल्ली तक फैला है धंधा
दो अलग-अलग मामलों में सोनौली सीमा पर गांजा के साथ पकड़े गए पांच आरोपियों से पुलिस सहित बॉर्डर पर सक्रिय अन्य खुफिया एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों का न्यायालय चालान कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली सहित भारत के महानगरों में अधिक डिमांड के कारण इसे थाईलैंड से लाया जाता है। पकड़े गए पांच आरोपियों में दिल्ली के एक दंपति और एक अन्य सहित महाराष्ट्र के दो युवक थे। तीन मैत्री बस से दिल्ली जाने वाले थे जबकि उनके पकड़े जाने के बाद महाराष्ट्र के दोनों युवकों को बॉर्डर पार कर अलग-अलग साधन से दिल्ली जाना था।
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दिल्ली भेजा जाना था नेपाल में पकड़ा गया गांजा और हशीश
महराजगंज। नेपाल के रुपनदेही जिले के भैरहवा में बरामद किया गया गांजा और हशीश दिल्ली भेजा जाना था। मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है।
नेपाल पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम ने यह कार्रवाई थी। पकड़े गए तीनों आरोपी नेपाल के हैं। रूपनदेही पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीएसपी भैरहवा कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नारकोटिक्स विभाग की टीम पूछताछ कर रही है। बीते एक सप्ताह के अंदर सीमावर्ती क्षेत्र सोनौली और नेपाल के भैरहवा में गांजा बरामद हो चुका है। इसे थाईलैंड से मंगाकर दिल्ली पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
नेपाल में होती है गांजे की खेती
भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के पहाड़ी भू-भाग पर गांजा और अफीम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यह काम चोरी-छिपे ही किया जाता है। सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र में इन दिनों बड़े पैमाने पर गांजे की बरामदगी हो रही है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि बहुत कम है। तराई के लगभग 22 जिलों में धान और गेहूं की खेती की जाती है, पर सरकारी सुविधा न मिलने के कारण पैदावार बहुत कम मात्रा में होती है। इससे एक बड़ी संख्या में नेपाली किसान नशे की खेती पर ध्यान देने लगे हैं।
पहले ये खेती पहाड़ी क्षेत्र के जिला दांग, मध्य पश्चिमी, नेपाल के कुछ हिस्सों- बझांग, बाजुरा और रोल्पा से प्राप्त किया जाता है। इन जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक आबादी अभी भी कृषि पर निर्भर है। अब तराई के लगभग 40 विकास क्षेत्रों वारा, परसा, वीरगंज में भी गांजा व भांग की खेती की जाने लगी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। युवाओं को अपने धंधे में शामिल करने के लिए तस्कर बड़े मुनाफे का लालच दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बीते दिनों हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी में गिरफ्तार किए गए कुछ कैरियरों से पूछताछ में पता चला कि तस्कर एक किलो गांजा की तस्करी पर दो लाख रुपये कैरिंग चार्ज देते हैं। इसी लालच में कई युवा इनके लिए काम करने को तैयार हो जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि कैरियर को केवल गांजा लेने और देने की जगह व व्यक्ति के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके अलावा कुछ नहीं बताया जाता।
गिरफ्तार दंपती ने बताया कि दिल्ली की सुल्ताना नाम की महिला ने उन्हें अपने पैसे से थाईलैंड बुलाया। वहां होटल में रहने खाने की अच्छी व्यवस्था की। इसके बाद 500 ग्राम हाइड्रोपोनिक वीड दिल्ली पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही गई। लेकिन एक ही बार में ज्यादा रकम का लालच देकर उन्हें छह किलो हाइड्रोपोनिक वीड दे दिया गया था। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उच्च क्वालिटी का गांजा दिल्ली, हरियाणा और गोवा के रेस्टोरेंट बार में खपाया जाता है।
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थाईलैंड से दिल्ली तक फैला है धंधा
दो अलग-अलग मामलों में सोनौली सीमा पर गांजा के साथ पकड़े गए पांच आरोपियों से पुलिस सहित बॉर्डर पर सक्रिय अन्य खुफिया एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों का न्यायालय चालान कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली सहित भारत के महानगरों में अधिक डिमांड के कारण इसे थाईलैंड से लाया जाता है। पकड़े गए पांच आरोपियों में दिल्ली के एक दंपति और एक अन्य सहित महाराष्ट्र के दो युवक थे। तीन मैत्री बस से दिल्ली जाने वाले थे जबकि उनके पकड़े जाने के बाद महाराष्ट्र के दोनों युवकों को बॉर्डर पार कर अलग-अलग साधन से दिल्ली जाना था।
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दिल्ली भेजा जाना था नेपाल में पकड़ा गया गांजा और हशीश
महराजगंज। नेपाल के रुपनदेही जिले के भैरहवा में बरामद किया गया गांजा और हशीश दिल्ली भेजा जाना था। मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है।
नेपाल पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम ने यह कार्रवाई थी। पकड़े गए तीनों आरोपी नेपाल के हैं। रूपनदेही पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीएसपी भैरहवा कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नारकोटिक्स विभाग की टीम पूछताछ कर रही है। बीते एक सप्ताह के अंदर सीमावर्ती क्षेत्र सोनौली और नेपाल के भैरहवा में गांजा बरामद हो चुका है। इसे थाईलैंड से मंगाकर दिल्ली पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
नेपाल में होती है गांजे की खेती
भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के पहाड़ी भू-भाग पर गांजा और अफीम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यह काम चोरी-छिपे ही किया जाता है। सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र में इन दिनों बड़े पैमाने पर गांजे की बरामदगी हो रही है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि बहुत कम है। तराई के लगभग 22 जिलों में धान और गेहूं की खेती की जाती है, पर सरकारी सुविधा न मिलने के कारण पैदावार बहुत कम मात्रा में होती है। इससे एक बड़ी संख्या में नेपाली किसान नशे की खेती पर ध्यान देने लगे हैं।
पहले ये खेती पहाड़ी क्षेत्र के जिला दांग, मध्य पश्चिमी, नेपाल के कुछ हिस्सों- बझांग, बाजुरा और रोल्पा से प्राप्त किया जाता है। इन जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक आबादी अभी भी कृषि पर निर्भर है। अब तराई के लगभग 40 विकास क्षेत्रों वारा, परसा, वीरगंज में भी गांजा व भांग की खेती की जाने लगी है।