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Maharajganj News: नेपाल से सस्ता कॉस्मेटिक सामान लाकर सीमावर्ती इलाकों में खपा रहे तस्कर
Tue, 06 Aug 2024 04:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 06 Aug 2024 04:54 AM IST
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इस तरह से हो रही है तस्करी।
सोनौली। काठमांडो और बुटवल से कॉस्मेटिक सामान लाकर बॉर्डर एरिया में खपाया जा रहा है। इसमें नेपाली मूल की महिलाएं सीमावर्ती इलाकों में फुटकर सामान बेच रही हैं। बीते दिन सुरक्षा कर्मियों ने एक नेपाली महिला को गिरफ्तार किया था।
सूत्रों की माने तो नेपाली रेट पर खरीदकर भारतीय दाम पर बेचकर तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सीमावर्ती गांव और नगर इन दिनों कास्मेटिक सामानों की तस्करी का हब बन गया है। नेपाल से सोनौली के रास्ते रोजाना करोड़ों रुपये के कास्मेटिक सामान की तस्करी कर अन्य इलाकों में खपाए जा रहे हैं।
इनमें टूथपेस्ट से लेकर शैंपू, साबुन, मसाला, पाउडर, सौंदर्य प्रसाधन के तमाम ब्रांड के क्रीम आदि शामिल हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि इन सामानों में नकली से लेकर असली भी शामिल हैं, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि इन सामानों को नेपाल के रेट पर खरीदकर यहां भारतीय दामों में बेचा जा रहा है।
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सूत्रों की माने तो कैरियर भारत-नेपाल की खुली 84 किलोमीटर की सीमा का फायदा उठाते हुए पगडंडियों से इन सामानों को सोनौली, कोल्हुई बाजार, ठूठीबारी, झुलनीपुर आदि क्षेत्र में स्टॉक करते हैं। इसके बाद यहां से सीमावर्ती गांव, कस्बे और गोरखपुर में सप्लाई देते हैं।
क्षेत्राधिकारी नौतनवा जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी बरती जा रही है। सख्ती होने के कारण बरामदगी होती है।
दोगुना होता है मुनाफ
इन सामानों में कुछ काॅस्मेटिक सामान पर मेड इन चाइना भी लिखा होता है, लेकिन अधिकांश सामान असली और नेपाली ब्रांडेड ही हैं। जिस टूथपेस्ट की कीमत नेपाल में 90 रुपये है, जबकि इंडिया में उसकी कीमत करीब 54 रुपये है। यही सामान होलसेल में 45 रुपये में मिल जाती है। जबकि भारतीय बाजार के होलसेल मार्केट में भी इस टूथपेस्ट की कीमत करीब 80 रुपये है। ऐसे में 45 रुपये का टूथपेस्ट भारतीय मार्केट में एमआरपी यानी कि पूरे 90 रुपये में बिक रहा है। इससे प्रति टूथपेस्ट व्यापारी को करीब दोगुना का मुनाफा हो रहा है।
बेहद मुश्किल है पहचान पाना
काॅस्मेटिक सामानों को यहां की मार्केट में आसानी से खपाने की एक सबसे बड़ी खास वजह यह भी है कि इनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। क्योंकि यह सामान देखने में बिल्कुल उसी तरह है, जैसा कि भारत में है। फर्क सिर्फ इतना है कि इनके सामानों की पैकिंग के पीछे काफी ध्यान से देखने पर पता चलेगा कि मेड इन नेपाल है।
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सूत्रों की माने तो नेपाली रेट पर खरीदकर भारतीय दाम पर बेचकर तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सीमावर्ती गांव और नगर इन दिनों कास्मेटिक सामानों की तस्करी का हब बन गया है। नेपाल से सोनौली के रास्ते रोजाना करोड़ों रुपये के कास्मेटिक सामान की तस्करी कर अन्य इलाकों में खपाए जा रहे हैं।
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इनमें टूथपेस्ट से लेकर शैंपू, साबुन, मसाला, पाउडर, सौंदर्य प्रसाधन के तमाम ब्रांड के क्रीम आदि शामिल हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि इन सामानों में नकली से लेकर असली भी शामिल हैं, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि इन सामानों को नेपाल के रेट पर खरीदकर यहां भारतीय दामों में बेचा जा रहा है।
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सूत्रों की माने तो कैरियर भारत-नेपाल की खुली 84 किलोमीटर की सीमा का फायदा उठाते हुए पगडंडियों से इन सामानों को सोनौली, कोल्हुई बाजार, ठूठीबारी, झुलनीपुर आदि क्षेत्र में स्टॉक करते हैं। इसके बाद यहां से सीमावर्ती गांव, कस्बे और गोरखपुर में सप्लाई देते हैं।
क्षेत्राधिकारी नौतनवा जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी बरती जा रही है। सख्ती होने के कारण बरामदगी होती है।
दोगुना होता है मुनाफ
इन सामानों में कुछ काॅस्मेटिक सामान पर मेड इन चाइना भी लिखा होता है, लेकिन अधिकांश सामान असली और नेपाली ब्रांडेड ही हैं। जिस टूथपेस्ट की कीमत नेपाल में 90 रुपये है, जबकि इंडिया में उसकी कीमत करीब 54 रुपये है। यही सामान होलसेल में 45 रुपये में मिल जाती है। जबकि भारतीय बाजार के होलसेल मार्केट में भी इस टूथपेस्ट की कीमत करीब 80 रुपये है। ऐसे में 45 रुपये का टूथपेस्ट भारतीय मार्केट में एमआरपी यानी कि पूरे 90 रुपये में बिक रहा है। इससे प्रति टूथपेस्ट व्यापारी को करीब दोगुना का मुनाफा हो रहा है।
बेहद मुश्किल है पहचान पाना
काॅस्मेटिक सामानों को यहां की मार्केट में आसानी से खपाने की एक सबसे बड़ी खास वजह यह भी है कि इनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है। क्योंकि यह सामान देखने में बिल्कुल उसी तरह है, जैसा कि भारत में है। फर्क सिर्फ इतना है कि इनके सामानों की पैकिंग के पीछे काफी ध्यान से देखने पर पता चलेगा कि मेड इन नेपाल है।