{"_id":"0e81dea9d42c63e0089b2e59b2a9633f","slug":"six-farmers-awarded-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह किसानों को सम्मानित किया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह किसानों को सम्मानित किया
अमर उजाला ब्यूरो/महराजगंज
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला मुख्यालय पर किसान दिवस के अवसर पर कृषकों को कृषि से संबधित नवीन तकनीक की जानकारी, प्रशिक्षण एवं कृषकों की समस्याओं के समाधान तथा रबी 2014 व खरीफ 2015 में उत्पादकता प्रतियोगिता में भाग लेने वाले इच्छुक कृषकों ने वैज्ञानिक खेती करने एवं क्राप कटिंग परिणामों के आधार पर जिले के अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करने वाले तीन-तीन कृषकों को प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
सदर तहसील निवासी गोपाला के लालबहादुर जिनके पास 1.40 हेक्टेयर खेती में 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेंहू की खेती किया था। इसमें सर्वाधिक उत्पादकता 41.60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हुआ था। इस उपलब्धि पर किसान दिवस के अवसर पर सात हजार रुपए देकर सम्मानित किया गया।
निचलौल तहसील के हड़खोड़ा निवासी मीना देवी के ने 0.40 हेक्टेयर में गेंहू का फसल बोया था। जिसका देख रेख स्वयं मीना देवी करती थी। क्राप कटिंग के आधार पर 41.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त करने पर मीना देवी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये व किसान सम्मान पत्र दिया गया।
विज्ञापन
सदर तहसील के बागापर निवासी सूर्यप्रताप सिंह ने 0.40 हेक्टेयर में मसूर की खेती किया था। फसलों की देखरेख स्वयं करते साथ ही फसल की बीमा भी अपनाये हैं। क्रापकटिंग के आधार पर सर्वाधिक उत्पादकता 21.20 क्विटंल प्रति हेक्टेयर की उपज पर दलहनी फसल अंतर्गत जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया जिस पर सूर्यप्रताप को रबी मसूर 2014 का प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सदर तहसील के बागापार निवासी दुर्गा उपाध्याय 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर प्रजाति पीएल 406 की खेती किया था। जिसकी देखरेख स्वयं करते है। क्राप कटिंग के आधार पर उत्पादकता 19.50 क्विंटल प्राप्त कर दलहनी फसल अंतर्गत जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है इनको जिला प्रशासन पांच हजार रुपये के साथ सम्मान स्वरूप किसान सम्मान पत्र दिया प्रदान किया गया।
सदर तहसील के बांसपार निवासी विजय कुमार मिश्र ने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान प्रजाति यूएस-382 की खेती किया था। जिसमें क्राप कटिंग के आधार पर सर्वाधिक उत्पादकता 79 क्विंटल उपज प्राप्त करने पर विजय कुमार को खरीफ धान के लिए प्रथम पुरस्कार सात हजार रूपए के साथ किसान सम्मान पत्र दिया गया।
सदर तहसील के करमहां निवासी अवध बिहारी ने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की यूएस 382 प्रजाति की खेती किया था। अवध बिहारी स्वयं खेती करते है और फसल बीमा भी अपनाया था।
क्राप कटिंग के आधार पर 78.80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त करने पर अवध बिहारी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये व किसान सम्मान प्रदान किया गया।
इस दौरान डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दिया साथ ही कृषि में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। किसानों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए हमेशा तैयार है। उप कृषि निदेशक एचएन सिंह ने कहा कि जैव उर्वरकों का प्रयोग करे व मृदा की जांच कराकर उसमें आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। इस दौरान कृषि अधिकारी प्यारे लाल, पीडी ऋषिमुनि उपाध्याय, डिप्टी आर एमओ अजीत कुमार त्रिपाठी, सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
सदर तहसील निवासी गोपाला के लालबहादुर जिनके पास 1.40 हेक्टेयर खेती में 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेंहू की खेती किया था। इसमें सर्वाधिक उत्पादकता 41.60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज हुआ था। इस उपलब्धि पर किसान दिवस के अवसर पर सात हजार रुपए देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
निचलौल तहसील के हड़खोड़ा निवासी मीना देवी के ने 0.40 हेक्टेयर में गेंहू का फसल बोया था। जिसका देख रेख स्वयं मीना देवी करती थी। क्राप कटिंग के आधार पर 41.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त करने पर मीना देवी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये व किसान सम्मान पत्र दिया गया।
विज्ञापन
सदर तहसील के बागापर निवासी सूर्यप्रताप सिंह ने 0.40 हेक्टेयर में मसूर की खेती किया था। फसलों की देखरेख स्वयं करते साथ ही फसल की बीमा भी अपनाये हैं। क्रापकटिंग के आधार पर सर्वाधिक उत्पादकता 21.20 क्विटंल प्रति हेक्टेयर की उपज पर दलहनी फसल अंतर्गत जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया जिस पर सूर्यप्रताप को रबी मसूर 2014 का प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सदर तहसील के बागापार निवासी दुर्गा उपाध्याय 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर प्रजाति पीएल 406 की खेती किया था। जिसकी देखरेख स्वयं करते है। क्राप कटिंग के आधार पर उत्पादकता 19.50 क्विंटल प्राप्त कर दलहनी फसल अंतर्गत जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है इनको जिला प्रशासन पांच हजार रुपये के साथ सम्मान स्वरूप किसान सम्मान पत्र दिया प्रदान किया गया।
सदर तहसील के बांसपार निवासी विजय कुमार मिश्र ने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान प्रजाति यूएस-382 की खेती किया था। जिसमें क्राप कटिंग के आधार पर सर्वाधिक उत्पादकता 79 क्विंटल उपज प्राप्त करने पर विजय कुमार को खरीफ धान के लिए प्रथम पुरस्कार सात हजार रूपए के साथ किसान सम्मान पत्र दिया गया।
सदर तहसील के करमहां निवासी अवध बिहारी ने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की यूएस 382 प्रजाति की खेती किया था। अवध बिहारी स्वयं खेती करते है और फसल बीमा भी अपनाया था।
क्राप कटिंग के आधार पर 78.80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त करने पर अवध बिहारी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये व किसान सम्मान प्रदान किया गया।
इस दौरान डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दिया साथ ही कृषि में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। किसानों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए हमेशा तैयार है। उप कृषि निदेशक एचएन सिंह ने कहा कि जैव उर्वरकों का प्रयोग करे व मृदा की जांच कराकर उसमें आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। इस दौरान कृषि अधिकारी प्यारे लाल, पीडी ऋषिमुनि उपाध्याय, डिप्टी आर एमओ अजीत कुमार त्रिपाठी, सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे।