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Maharajganj News: निर्माण के इंतजार में बीत गए सात साल, सड़क आज भी बदहाल
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खुशहालनगर सड़क निर्माण के इंतजार में बीत गए सात साल, सड़क आज भी बदल।
सात किलोमीटर लंबी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
बारिश के बाद कीचड़ से भर गई है सड़क
खुशहालनगर। चौकिए नहीं! यह पनियरा विधानसभा का सबसे महत्वपूर्ण भुवना-खानपुर-पकड़ियार बिशुनपुर मार्ग है। सात किलोमीटर लंबी यह गड्ढायुक्त सड़क हाल की बारिश के बाद कीचड़ से सनी हुई है। बरसात के मौसम में इस पर आवागमन करने वाले राहगीरों को हमेशा दुर्घटना की आशंका सताती है। 20 गांवों की लगभग 40 हजार की आबादी दुर्दशा का दंश झेलते हुए सात साल से इस सड़क के पुनर्निमाण का इंतजार कर रही है।
जानकारी के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन पकड़ियार बिशुनपुर, मेदिनीपुर नारायण टोला, कोटिया, खूटा मैदान, खानपुर, चौमुखा, हराखा प्यास, खानपुर, भुवना-भुवनी समेत 20 गांवों के लोग रोजाना आते-जाते हैं। ग्रामीण हनुमान गुप्ता, आदर्श रौनियर, हरिकेश रौनियार, विजय मल्ल, राजेश प्रसाद, डॉ. बलराम सिंह, मुन्ना पांडेय, महेंद्र पांडेय, मोहन यादव, पवन सिंह, रंगनाथ पांडेय, बबलू सिंह इत्यादि का कहना है कि इस सड़क पर चलना दुर्घटना को दावत देना है।
बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव होने से ग्रामीण, राहगीर व स्कूली बच्चे आए दिन गिरकर घायल हो जाते हैं। हजारों लोग इस समस्या को लेकर परेशान हैं, मगर जिम्मेदारों की नजर इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जा रही है। इसको लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अभियंता संदीप यादव ने बताया कि इस सड़क के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण के लिए धन आवंटित हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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बारिश के बाद कीचड़ से भर गई है सड़क
खुशहालनगर। चौकिए नहीं! यह पनियरा विधानसभा का सबसे महत्वपूर्ण भुवना-खानपुर-पकड़ियार बिशुनपुर मार्ग है। सात किलोमीटर लंबी यह गड्ढायुक्त सड़क हाल की बारिश के बाद कीचड़ से सनी हुई है। बरसात के मौसम में इस पर आवागमन करने वाले राहगीरों को हमेशा दुर्घटना की आशंका सताती है। 20 गांवों की लगभग 40 हजार की आबादी दुर्दशा का दंश झेलते हुए सात साल से इस सड़क के पुनर्निमाण का इंतजार कर रही है।
जानकारी के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन पकड़ियार बिशुनपुर, मेदिनीपुर नारायण टोला, कोटिया, खूटा मैदान, खानपुर, चौमुखा, हराखा प्यास, खानपुर, भुवना-भुवनी समेत 20 गांवों के लोग रोजाना आते-जाते हैं। ग्रामीण हनुमान गुप्ता, आदर्श रौनियर, हरिकेश रौनियार, विजय मल्ल, राजेश प्रसाद, डॉ. बलराम सिंह, मुन्ना पांडेय, महेंद्र पांडेय, मोहन यादव, पवन सिंह, रंगनाथ पांडेय, बबलू सिंह इत्यादि का कहना है कि इस सड़क पर चलना दुर्घटना को दावत देना है।
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बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव होने से ग्रामीण, राहगीर व स्कूली बच्चे आए दिन गिरकर घायल हो जाते हैं। हजारों लोग इस समस्या को लेकर परेशान हैं, मगर जिम्मेदारों की नजर इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जा रही है। इसको लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अभियंता संदीप यादव ने बताया कि इस सड़क के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण के लिए धन आवंटित हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।