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चीनी मिल में बने सात आवास सील
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:14 AM IST
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चीनी मिल में बने सात आवास सील
- फोटो : अमर उजाला
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फरेंदा (महराजगंज)। महराजगंज के गणेश शुगर मिल आनंद नगर में शुक्रवार को दिन में उच्च न्यायालय के आदेश पर पहुंचे पुलिस बल ने परिसर में बने सात आवासों पर अवैध कब्जा हटाकर उसे सील कर दिया। आवास खाली कराए जाने का कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन काफी संख्या में मौजूद पुलिस फोर्स ने विरोध दबा दिया।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लिक्विडेटर टीम के प्रतिनिधि देवेंद्र श्रीवास्तव के साथ राजेंद्र सोनकर व सुरेंद्र कन्नौजिया तथा एसडीएम फरेंदा आरबी सिंह पुलिस फोर्स के साथ शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे मिल परिसर पहुंचे। अधिकारियों ने सबसे पहले मिल परिसर में बने स्ट्रांग रूम, रिकार्ड रूम, कारखाना परिसर के साथ चीनी मिल के कमरों का निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायालय की टीम ने सभी कमरों में ताला लगा कर सील कर दिया। उसके बाद अधिकारी मिल परिसर में बने आवासों को खाली कराने पहुंच गए। जहां पर सात आवास खाली कराए गए। आवास खाली कराए जाने का उन पर काबिज लोगों ने विरोध भी किया लेकिन पुलिस ने कब्जा अवैध बताते हुए खाली करा लिया। इसके बाद अधिकारियों ने आवासों को भी सील कर दिया।
अब भी करीब दो दर्जन कर्मचारी परिसर में बने आवासों पर काबिज हैं। कर्मचारी मिल पर बकाए वेतन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संघ के एसके उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान हो जाय तो वह आवास खाली कर दिए जाएंगे। एसओ सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि कब्जा हटाने की कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई। उच्च न्यायालय ने 9 मई 2017 को आवासों से कब्जा हटाने का आदेश दिया था। इस दौरान गिरजेश उपाध्याय, महिला एसओ शीला यादव व राजस्व विभाग की टीम, पीएसी बल, मजदूर संघ के नरसिंह बहादुर सिंह, रामउ जागिर चौबे, चंद्रकेश्वर उपाध्याय, मेवालाल यादव, समशुल हक लारी आदि मौजूद रहे।
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लिक्विडेटर टीम के प्रतिनिधि देवेंद्र श्रीवास्तव के साथ राजेंद्र सोनकर व सुरेंद्र कन्नौजिया तथा एसडीएम फरेंदा आरबी सिंह पुलिस फोर्स के साथ शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे मिल परिसर पहुंचे। अधिकारियों ने सबसे पहले मिल परिसर में बने स्ट्रांग रूम, रिकार्ड रूम, कारखाना परिसर के साथ चीनी मिल के कमरों का निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायालय की टीम ने सभी कमरों में ताला लगा कर सील कर दिया। उसके बाद अधिकारी मिल परिसर में बने आवासों को खाली कराने पहुंच गए। जहां पर सात आवास खाली कराए गए। आवास खाली कराए जाने का उन पर काबिज लोगों ने विरोध भी किया लेकिन पुलिस ने कब्जा अवैध बताते हुए खाली करा लिया। इसके बाद अधिकारियों ने आवासों को भी सील कर दिया।
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अब भी करीब दो दर्जन कर्मचारी परिसर में बने आवासों पर काबिज हैं। कर्मचारी मिल पर बकाए वेतन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संघ के एसके उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान हो जाय तो वह आवास खाली कर दिए जाएंगे। एसओ सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि कब्जा हटाने की कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई। उच्च न्यायालय ने 9 मई 2017 को आवासों से कब्जा हटाने का आदेश दिया था। इस दौरान गिरजेश उपाध्याय, महिला एसओ शीला यादव व राजस्व विभाग की टीम, पीएसी बल, मजदूर संघ के नरसिंह बहादुर सिंह, रामउ जागिर चौबे, चंद्रकेश्वर उपाध्याय, मेवालाल यादव, समशुल हक लारी आदि मौजूद रहे।
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