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Maharajganj News: डीएनए परीक्षण न विवेचना में बरती गई गंभीरता
Sat, 19 Apr 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:03 AM IST
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महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव की जिंदा किशोरी को मृत बताने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है। जांच के दौरान नहर से बरामद शव का डीएनए परीक्षण भी नहीं कराया गया था। विवेचना को लेकर कोई गंभीरता नहीं बरती गई थी। मामले में तथ्यों की गहन जांच कर रिपोर्ट के साथ तत्कालीन विवेचक भगवान बख्स सिंह, थानाध्यक्ष नीरज राय, अपर पुलिस अधीक्षक व तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सदर अजय सिंह चौहान को 28 अप्रैल को तलब किया गया है। मामले की सुनवाई आयोग की डबल बेंच की ओर से की जा रही है।
मानवाधिकार आयोग के पारित आदेश सात जनवरी 2025 के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी मानवाधिकार ने जांच की। 04 फरवरी 2025 में जांच आख्या में बताया गया की दौरान विवेचन भगवान बक्श सिंह की तरफ से गवाहों व मृतका की मां सुनीता के बयान के आधार पर मृतका के पिता व भाई का नाम प्रकाश में लाकर अपहरण की धारा का लोप कर हत्या की धारा की वृद्धि की गई थी। अभियुक्त पिता और भाई को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजते हुए अभियोग में सभी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। अभियोग में प्रकाश में नए तथ्यों एवं आवेदक की लड़की को जीवित होने के संबंध में जानकारी के लिए प्रकरण की विवेचना कराने की संस्तुति की गई थी। इसमें अग्रिम विवेचना कोठीभार प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह कर रहे हैं। जांच में पाया गया की प्रारंभिक विवेचक उप निरीक्षक भगवान बक्श सिंह (तबादला गैरजनपद) व विवेचक उपनिरीक्षक नीरज राय ने इस प्रकरण में पुलिस रेगुलेशन के पैरा 107 का अनुपालन नहीं किया गया। मृतका के शव का डीएनए परीक्षण न कराने एवं शव का हुलिया, पहनावा व उम्र के संबंध में कोई विवेचनात्मक कार्रवाई न कर हत्या जैसे गंभीर अपराध में सरसरी तौर पर विवेचना की गई। इसे दायित्व के प्रति लापरवाही माना गया है। इन दोनों लोगों की लापरवाही पर उच्चाधिकारियों की ओर से कार्रवाई की गई।
बता दें 22 जुलाई 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र में खोन्हौली के पास मधुबनी नहर में एक महिला का शव मिला था। 31 दिसंबर 2024 को ग्राम चौकीदार बनारसी गुप्ता की तहरीर पर निचलौल में केस दर्ज हुआ था। तथ्यों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पारित आदेश 10 फरवरी 2025 में अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन गोरखपुर को यह निर्देश दिया था की वह स्वयं प्रकरण की समीक्षा कर दोषी पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करें। साथ ही अभियोग की अग्रिम विवेचना की वर्तमान स्थिति के संबंध में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन ने 08 मार्च 2025 को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है की प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। जांच आख्या में यह अंकित किया गया है कि विवेचक को हत्या जैसे गंभीर मुकदमे की विवेचना में जल्दबाजी/ सरसरी तौर पर किए जाने का दोषी पाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक, महराजगंज की जांच से पर्यवेक्षण स्तर पर कोई विवेचनात्मक कमी परिलक्षित नहीं हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अब इस प्रकरण की सुनवाई आयोग की डिवीजन बेंच की ओर से की जाएगी।
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यह पूरा मामला
घुघली थानाक्षेत्र के एक गांव में 21 जून 2023 को 13 वर्षीय एक किशोरी गायब हो गई थी। परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर किशोरी के अपहरण का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर घुघली पुलिस ने 2 जुलाई 2023 को केस दर्ज किया था। इसी बीच 22 जुलाई को निचलौल क्षेत्र के मधुबनी माइनर में एक किशोरी का शव मिला। पुलिस ने परिजनों से शव को गायब किशोरी के रूप में पहचान कराई। उसके बाद पुलिस की ओर से बेटी का अपहरण का केस दर्ज कराने वाले पिता और भाई किशोरी की हत्या के आरोपित बना दिए गए। पिता व भाई को जेल भेज दिया गया था। बाद में पिता पुत्र को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। जिस किशोरी की हत्या के मामले में भाई और पिता पर कार्रवाई हुई वह घर आ गई। वह एक नन्हीं बच्ची की मां है।
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मानवाधिकार आयोग के पारित आदेश सात जनवरी 2025 के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी मानवाधिकार ने जांच की। 04 फरवरी 2025 में जांच आख्या में बताया गया की दौरान विवेचन भगवान बक्श सिंह की तरफ से गवाहों व मृतका की मां सुनीता के बयान के आधार पर मृतका के पिता व भाई का नाम प्रकाश में लाकर अपहरण की धारा का लोप कर हत्या की धारा की वृद्धि की गई थी। अभियुक्त पिता और भाई को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजते हुए अभियोग में सभी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। अभियोग में प्रकाश में नए तथ्यों एवं आवेदक की लड़की को जीवित होने के संबंध में जानकारी के लिए प्रकरण की विवेचना कराने की संस्तुति की गई थी। इसमें अग्रिम विवेचना कोठीभार प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह कर रहे हैं। जांच में पाया गया की प्रारंभिक विवेचक उप निरीक्षक भगवान बक्श सिंह (तबादला गैरजनपद) व विवेचक उपनिरीक्षक नीरज राय ने इस प्रकरण में पुलिस रेगुलेशन के पैरा 107 का अनुपालन नहीं किया गया। मृतका के शव का डीएनए परीक्षण न कराने एवं शव का हुलिया, पहनावा व उम्र के संबंध में कोई विवेचनात्मक कार्रवाई न कर हत्या जैसे गंभीर अपराध में सरसरी तौर पर विवेचना की गई। इसे दायित्व के प्रति लापरवाही माना गया है। इन दोनों लोगों की लापरवाही पर उच्चाधिकारियों की ओर से कार्रवाई की गई।
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बता दें 22 जुलाई 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र में खोन्हौली के पास मधुबनी नहर में एक महिला का शव मिला था। 31 दिसंबर 2024 को ग्राम चौकीदार बनारसी गुप्ता की तहरीर पर निचलौल में केस दर्ज हुआ था। तथ्यों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पारित आदेश 10 फरवरी 2025 में अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन गोरखपुर को यह निर्देश दिया था की वह स्वयं प्रकरण की समीक्षा कर दोषी पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करें। साथ ही अभियोग की अग्रिम विवेचना की वर्तमान स्थिति के संबंध में आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन ने 08 मार्च 2025 को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है की प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। जांच आख्या में यह अंकित किया गया है कि विवेचक को हत्या जैसे गंभीर मुकदमे की विवेचना में जल्दबाजी/ सरसरी तौर पर किए जाने का दोषी पाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक, महराजगंज की जांच से पर्यवेक्षण स्तर पर कोई विवेचनात्मक कमी परिलक्षित नहीं हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अब इस प्रकरण की सुनवाई आयोग की डिवीजन बेंच की ओर से की जाएगी।
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घुघली थानाक्षेत्र के एक गांव में 21 जून 2023 को 13 वर्षीय एक किशोरी गायब हो गई थी। परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर किशोरी के अपहरण का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर घुघली पुलिस ने 2 जुलाई 2023 को केस दर्ज किया था। इसी बीच 22 जुलाई को निचलौल क्षेत्र के मधुबनी माइनर में एक किशोरी का शव मिला। पुलिस ने परिजनों से शव को गायब किशोरी के रूप में पहचान कराई। उसके बाद पुलिस की ओर से बेटी का अपहरण का केस दर्ज कराने वाले पिता और भाई किशोरी की हत्या के आरोपित बना दिए गए। पिता व भाई को जेल भेज दिया गया था। बाद में पिता पुत्र को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। जिस किशोरी की हत्या के मामले में भाई और पिता पर कार्रवाई हुई वह घर आ गई। वह एक नन्हीं बच्ची की मां है।