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Maharajganj News: मनरेगा में धांधली....एक फोटो अपलोड कर 300 से अधिक मजदूरों की लगा दी हाजिरी
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जांच में पाया गया कि कार्यस्थल पर सुबह 10 बजे तक ही 100 मजदूर ही थे
काम किए थे 100 मजदूर, पोर्टल पर अपलोड फोटो में दिखाए गए 300 मजदूर
कार्यस्थल पर उपस्थित मजदूरों की वास्तविक संख्या का मिलान पोर्टल पर दर्ज हाजिरी से किया तो खुल गई कलई
महराजगंज। मनरेगा में धांधली की पोल खुली है। मौके पर मौजूद मजदूरों की संख्या और पोर्टल पर दर्ज संख्या में काफी अंतर मिला है। पोर्टल पर अपलोड फोटो में मजदूरों की संख्या 314 और 357 है जबकि असल में 100 मजदूर ही काम किए। इस प्रकरण में मस्टर रोल तलब किया गया है।
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया में चकरोड पर हो रहे मनरेगा कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली की शुक्रवार को 314 और शनिवार को 357 मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की गई है लेकिन यह हाजिरी एक ही फोटो अपलोड कर दर्ज की गई है। दोनों दिन एक ही फोटो को अपलोड कर शुक्रवार को 314 और शनिवार को 357 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर ली गई। डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर कार्यस्थल पर उपस्थित मजदूरों की वास्तविक संख्या का मिलान पोर्टल पर दर्ज हाजिरी से किया। जांच में पाया गया कि कार्यस्थल पर मजदूरों की संख्या बेहद कम है। सुबह 10 बजे तक ही पोर्टल पर 100 मजदूरों की हाजिरी दर्ज थी।
डीसी मनरेगा ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में इस प्रकार फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भेड़िया ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए अन्य कार्यों का भी अवलोकन किया और कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा ने मौके पर मौजूद मजदूरों से बातचीत कर उनकी उपस्थिति, कार्यदिवस और मजदूरी भुगतान से संबंधित जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मजदूरों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के उद्देश्यों और प्रावधानों की जानकारी देते हुए जागरूक किया।
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मस्टर रोल लेकर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है। एपीओ को निर्देशित किया गया है कि वे ब्लॉक में चल रहे सभी मनरेगा कार्यों के मस्टर रोल लेकर कार्यालय में उपस्थित हों। सभी कार्यस्थलों पर फोटो अपलोडिंग और मौके पर मौजूद मजदूरों की संख्या का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फोटो और मजदूरों की संख्या में किसी प्रकार की भिन्नता पाई गई तो संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव सहित ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार के खिलाफ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीसी मनरेगा ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि मजदूरों को उनका वास्तविक हक समय पर मिल सके।
एक साथ नहीं हो सकते समतलीकरण और इंटरलॉकिंग
मनरेगा विभाग से जुड़े एक तकनीकी सहायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसी भी निर्माण कार्य में कच्चा (मिट्टी समतलीकरण) और पक्का (इंटरलॉकिंग) कार्य एक साथ नहीं हो सकता। पहले मिट्टी समतलीकरण कार्य पूर्ण होता है, उसके बाद ही इंटरलॉकिंग या अन्य पक्का कार्य कराया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा में निर्धारित मानकों के अनुसार एक महिला श्रमिक से प्रतिदिन 1.25 घन मीटर (लंबाई × चौड़ाई × गहराई) और पुरुष श्रमिक से 1.80 घन मीटर कार्य लिया जाना तय है। ऐसे में 85 डिसमिल भूमि के समतलीकरण में 2,432 मानव दिवस का उपयोग कैसे हो गया, यह समझ से परे है। मनरेगा पार्क में मिट्टी समतलीकरण कार्य के लिए कुल 2,432 मानव दिवस दर्शाए गए हैं, जिस पर चार माह की अवधि में 5,28,273 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, इसी पार्क में इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 294 मानव दिवस दिखाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इंटरलॉकिंग का कार्य मिट्टी समतलीकरण कार्य के पूरा होने से पहले ही समाप्त कर दिया गया।
गड़बड़ी से पुख्ता हो रही धांधली
ग्राम पंचायत भेड़िया में बने इस मनरेगा पार्क के निर्माण पर कुल 32.21 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। 85 डिसमिल क्षेत्रफल में निर्मित मनरेगा पार्क में मिट्टी समतलीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान नियमों की अनदेखी हुई है। मिट्टी समतलीकरण कार्य के मस्टर रोल की तारीखों पर नजर डालें तो पहला मस्टर रोल 30 अगस्त 2024 से 12 सितंबर 2024 तक चला। दूसरा मस्टर रोल 13 सितंबर 2024 से 26 सितंबर 2024 तक, तीसरा 27 अक्तूबर 2024 से 9 नवंबर 2024 तक और चौथा 13 नवंबर 2024 से 22 नवंबर 2024 तक दर्ज है। इसी बीच इंटरलॉकिंग कार्य का मस्टर रोल 5 नवंबर 2024 से 18 नवंबर 2024 तक चला, जिसमें 294 मानव दिवस दर्शाए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, इंटरलॉकिंग, समतलीकरण कार्य समाप्त होने से लगभग चार दिन पहले ही पूरा दिखा दिया गया है, जबकि चौथे मस्टर रोल में मिट्टी समतलीकरण का कार्य इंटरलॉकिंग के बाद भी जारी दिखाया गया है। यह स्थिति गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।
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काम किए थे 100 मजदूर, पोर्टल पर अपलोड फोटो में दिखाए गए 300 मजदूर
कार्यस्थल पर उपस्थित मजदूरों की वास्तविक संख्या का मिलान पोर्टल पर दर्ज हाजिरी से किया तो खुल गई कलई
महराजगंज। मनरेगा में धांधली की पोल खुली है। मौके पर मौजूद मजदूरों की संख्या और पोर्टल पर दर्ज संख्या में काफी अंतर मिला है। पोर्टल पर अपलोड फोटो में मजदूरों की संख्या 314 और 357 है जबकि असल में 100 मजदूर ही काम किए। इस प्रकरण में मस्टर रोल तलब किया गया है।
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत भेड़िया में चकरोड पर हो रहे मनरेगा कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली की शुक्रवार को 314 और शनिवार को 357 मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की गई है लेकिन यह हाजिरी एक ही फोटो अपलोड कर दर्ज की गई है। दोनों दिन एक ही फोटो को अपलोड कर शुक्रवार को 314 और शनिवार को 357 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर ली गई। डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर कार्यस्थल पर उपस्थित मजदूरों की वास्तविक संख्या का मिलान पोर्टल पर दर्ज हाजिरी से किया। जांच में पाया गया कि कार्यस्थल पर मजदूरों की संख्या बेहद कम है। सुबह 10 बजे तक ही पोर्टल पर 100 मजदूरों की हाजिरी दर्ज थी।
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डीसी मनरेगा ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में इस प्रकार फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भेड़िया ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए अन्य कार्यों का भी अवलोकन किया और कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा ने मौके पर मौजूद मजदूरों से बातचीत कर उनकी उपस्थिति, कार्यदिवस और मजदूरी भुगतान से संबंधित जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मजदूरों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के उद्देश्यों और प्रावधानों की जानकारी देते हुए जागरूक किया।
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मस्टर रोल लेकर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है। एपीओ को निर्देशित किया गया है कि वे ब्लॉक में चल रहे सभी मनरेगा कार्यों के मस्टर रोल लेकर कार्यालय में उपस्थित हों। सभी कार्यस्थलों पर फोटो अपलोडिंग और मौके पर मौजूद मजदूरों की संख्या का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फोटो और मजदूरों की संख्या में किसी प्रकार की भिन्नता पाई गई तो संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव सहित ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार के खिलाफ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीसी मनरेगा ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि मजदूरों को उनका वास्तविक हक समय पर मिल सके।
एक साथ नहीं हो सकते समतलीकरण और इंटरलॉकिंग
मनरेगा विभाग से जुड़े एक तकनीकी सहायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसी भी निर्माण कार्य में कच्चा (मिट्टी समतलीकरण) और पक्का (इंटरलॉकिंग) कार्य एक साथ नहीं हो सकता। पहले मिट्टी समतलीकरण कार्य पूर्ण होता है, उसके बाद ही इंटरलॉकिंग या अन्य पक्का कार्य कराया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा में निर्धारित मानकों के अनुसार एक महिला श्रमिक से प्रतिदिन 1.25 घन मीटर (लंबाई × चौड़ाई × गहराई) और पुरुष श्रमिक से 1.80 घन मीटर कार्य लिया जाना तय है। ऐसे में 85 डिसमिल भूमि के समतलीकरण में 2,432 मानव दिवस का उपयोग कैसे हो गया, यह समझ से परे है। मनरेगा पार्क में मिट्टी समतलीकरण कार्य के लिए कुल 2,432 मानव दिवस दर्शाए गए हैं, जिस पर चार माह की अवधि में 5,28,273 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, इसी पार्क में इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 294 मानव दिवस दिखाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इंटरलॉकिंग का कार्य मिट्टी समतलीकरण कार्य के पूरा होने से पहले ही समाप्त कर दिया गया।
गड़बड़ी से पुख्ता हो रही धांधली
ग्राम पंचायत भेड़िया में बने इस मनरेगा पार्क के निर्माण पर कुल 32.21 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। 85 डिसमिल क्षेत्रफल में निर्मित मनरेगा पार्क में मिट्टी समतलीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान नियमों की अनदेखी हुई है। मिट्टी समतलीकरण कार्य के मस्टर रोल की तारीखों पर नजर डालें तो पहला मस्टर रोल 30 अगस्त 2024 से 12 सितंबर 2024 तक चला। दूसरा मस्टर रोल 13 सितंबर 2024 से 26 सितंबर 2024 तक, तीसरा 27 अक्तूबर 2024 से 9 नवंबर 2024 तक और चौथा 13 नवंबर 2024 से 22 नवंबर 2024 तक दर्ज है। इसी बीच इंटरलॉकिंग कार्य का मस्टर रोल 5 नवंबर 2024 से 18 नवंबर 2024 तक चला, जिसमें 294 मानव दिवस दर्शाए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, इंटरलॉकिंग, समतलीकरण कार्य समाप्त होने से लगभग चार दिन पहले ही पूरा दिखा दिया गया है, जबकि चौथे मस्टर रोल में मिट्टी समतलीकरण का कार्य इंटरलॉकिंग के बाद भी जारी दिखाया गया है। यह स्थिति गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।