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स्वास्थ्य

Mon, 27 Dec 2021 10:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Dec 2021 10:33 PM IST
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Sadar CHC Surgen is not available in  Operation Theater
सदर सीएचसी : ऑपरेशन थियेटर है पर सर्जन नहीं
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लैब नहीं है तो दो लैब टेक्नीशियन तैनात
महराजगंज। सीएचसी, पीएचसी से लगायत जिला अस्पताल तक कहीं डॉक्टर की कमी तो कहीं दवाएं नहीं होने की शिकायतें आम हैं। सदर सीएचसी भी इससे अछूता नहीं है। कुछ खासियत और कुछ खामियां यहां भी हैं, लेकिन यहां कुछ ऐसा भी है जो समझ से परे है। इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था है, लेकिन सर्जन नहीं हैं। यहां लैब नहीं है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से दो लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। इतना ही नहीं, 30 बेड के सदर सीएचसी में दिखते मात्र सात बेड ही हैं। 23 अन्य बेड कहां लगे हैं इसकी जानकारी कोई नहीं देता।
सदर सीएचसी की ओपीडी में हर रोज 40 से 50 मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां डॉक्टरों के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती मात्र तीन की है। वर्तमान में डॉ. केपी सिंह, डॉ. जय विजेंद्र सिंह और डॉ. रोमा गुप्ता की तैनाती है। इनके साथ चार स्टाफ नर्स शबनम, सुनीता, बबीता व प्रियंका, लैब टेक्निशियन राकेश त्रिपाठी व चंद्रजीत यादव की तैनाती है। वार्ड ब्वाय महेंद्र के अलावा चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारी भी तैनात हैं। सीएचसी पर 2.50 लाख की आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है। इमरजेंसी सेवा नहीं मिलने पर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है। 30 बेड के अस्पताल में मौके पर महज सात बेड हैं। ओटी तो है, लेकिन हालत ठीक नहीं। ऑपरेशन थियेटर कम गोदाम अधिक लगता है। अस्पताल में सर्जन नहीं हैं। बाल रोग, हड्डी रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। अल्ट्रासाउंड एवं एक्सरे की सुविधा भी नहीं है। प्रसव की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।
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सीएचसी पर अव्यवस्था से यहां आने वाले मरीजों को काफी परेशानी होती है। राजीव नगर के संजीव कश्यप ने बताया कि यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती। इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। इस वजह से मरीज यहां आना नहीं चाहते। जया कसौधन ने बताया कि महिलाओं के इलाज की बेहतर सुविधा नहीं है। मजबूरन मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। पवन कुमार वर्मा ने बताया कि रात में तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल का ही सहारा रहता है।
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लैब के लिए नहीं है जगह
सदर सीएचसी में लैब टेक्नीशियन तो तैनात हैं, लेकिन यहां लैब के लिए कमरा नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि जांच के लिए कुछ मशीने मंगाई गई हैं। एक सप्ताह के अंदर जांच शुरू हो जाएगी।

जगह कम होने की वजह से सारे बेड नहीं लगाए जा सके हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। ओपीडी में नियमित मरीज आते हैं। कमियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। लैब में कुछ मशीनें आई हैं। जल्दी ही जांच की सुविधा मिलने लगेगी।
-डॉ. केपी सिंह, अधीक्षक, सीएचसी सदर
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