{"_id":"5afc7f164f1c1bd8408b5fac","slug":"running-death-in-e-rickshaw","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में दौड़ रहे मौत के ई-रिक्शे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में दौड़ रहे मौत के ई-रिक्शे
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 17 May 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
शहर में दौड़ रहे मौत के ई-रिक्शे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। नगर की सड़कों पर ई-रिक्शा मौत बनकर दौड़ रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए न पुलिस प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही संभागीय परिवहन विभाग की नजर पड़ रही है। रात के समय यात्रा के दौरान नगर की सड़कों पर आए दिन ई रिक्शा की चपेट में आने से लोग घायल होते रहते हैं। बीते सप्ताह चार लोग ई रिक्शा की चपेट में आने से घायल हुए। दरअसल, बैटरी बचाने के चक्कर में ई-रिक्शा चालक रात में वाहन चलाने के दौरान लाइट नहीं जलाते। इससे लोगों को रात के समय ई रिक्शा नहीं दिखते हैंै और दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
शहर की सड़कों पर 13 से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं। बताया जाता है कि इनमें से अधिकांश के पास लाइसेंस भी नहीं है। पिछली सरकार में ई-रिक्शा का वितरण किया था। इनके चालक नियमों की अनदेखी कर रात में लाइट जलाए बगैर नगर की सड़कों पर ई रिक्शा चला रहे हैं। इन दिनों में रात में अधिकांश चालक लाइट बंद कर ई-रिक्शा चला रहे हैं। बीते सप्ताह चार लोग ई रिक्शा की चपेट में आने से घायल हो गए थे। इसके बाद भी लाइट बंद कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उधर, चालकों का कहना है कि बैट्री बचाने के चक्कर में रात में लाइट बंद कर ई-रिक्शा चलाने से थोड़ी दूरी बढ़ जाती है।आमदनी में भी थोड़ा इजाफा हो जाता है। कॉलेज रोड, मऊपाकड़, फरेंदा व गोरखपुर रोड समेत अन्य मार्गों पर ई रिक्शा रात में लाइट बंद कर चलाए जाते हैं। कुछ ई - रिक्शा ऐसे हैं, जिनमें आगे के शीशे टूट गए हैं। लोगों ने बताया कि आगे का शीशा टूट जाने से दुर्घटना की आशंका प्रबल हो जाती है। चलाते वक्त अगर आंख में कुछ पड़ गया तो चालक संतुलन खो सकता है और दुर्घटना हो सकती है।
विज्ञापन
शहर की सड़कों पर 13 से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं। बताया जाता है कि इनमें से अधिकांश के पास लाइसेंस भी नहीं है। पिछली सरकार में ई-रिक्शा का वितरण किया था। इनके चालक नियमों की अनदेखी कर रात में लाइट जलाए बगैर नगर की सड़कों पर ई रिक्शा चला रहे हैं। इन दिनों में रात में अधिकांश चालक लाइट बंद कर ई-रिक्शा चला रहे हैं। बीते सप्ताह चार लोग ई रिक्शा की चपेट में आने से घायल हो गए थे। इसके बाद भी लाइट बंद कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उधर, चालकों का कहना है कि बैट्री बचाने के चक्कर में रात में लाइट बंद कर ई-रिक्शा चलाने से थोड़ी दूरी बढ़ जाती है।आमदनी में भी थोड़ा इजाफा हो जाता है। कॉलेज रोड, मऊपाकड़, फरेंदा व गोरखपुर रोड समेत अन्य मार्गों पर ई रिक्शा रात में लाइट बंद कर चलाए जाते हैं। कुछ ई - रिक्शा ऐसे हैं, जिनमें आगे के शीशे टूट गए हैं। लोगों ने बताया कि आगे का शीशा टूट जाने से दुर्घटना की आशंका प्रबल हो जाती है। चलाते वक्त अगर आंख में कुछ पड़ गया तो चालक संतुलन खो सकता है और दुर्घटना हो सकती है।
विज्ञापन