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Maharajganj News: पिकअप से चावल हर रोज पहुंच रहा सरहद पार

Sun, 28 Jul 2024 03:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 28 Jul 2024 03:44 AM IST
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Rice is reaching across the border every day by pickup
सीमावर्ती क्षेत्र में हो रहा पिकप से चावल की तस्करी।
महराजगंज। सीमावर्ती इलाकों में पिकअप से चावल सरहद पार हो रहा है। रोजाना लक्ष्मीपुर बॉर्डर से 30 से 40 पिकअप चावल सरहद पार होने का अनुमान है। नेपाल में एक साल पूर्व चावल निर्यात पर भारत सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद चावल की तस्करी बढ़ गई है।
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नेपाल में चावल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में तस्करों ने भारी मुनाफा कमाने के लिए अवैध तरीके से चावल को नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। जिले से लगी नेपाल सीमा तो तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है। सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई करती हैं तो कुछ तस्कर अपना तरीका बदल लेते हैं। सीमावर्ती जिलों से बच्चों और महिलाओं को लालच देकर भी तस्करी कराई जा रही है।
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नेपाल के निकट भारतीय सीमा से लगे हुए गांव में चावल को रख दिया जाता है फिर इसे थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे और महिलाएं नेपाल ले जाते हैं, जब सुरक्षा एजेंसी के लोग इनको पकड़ते हैं तो वे खाने का हवाला देकर निकल जाते हैं। इसके कारण पूरी तरह से तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि समय समय पर बरामदगी होती है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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एक ही बिल पर कई बार डंप किया जा रहा है चावल
नेपाल और भारत में नियम बदलते ही तस्करी शुरू हो जाती है। जनपद में चावल तस्कर सक्रिय हैं। वह गोपनीय तरीके से काम करते हैं। सफेद चावल का काला कारोबार बहुत ही गुप्त तरीके से किया जा रहा है। न बिल और न कोई कागजात होता है। मिलों से असली बिल पर पिकअप से एकल मार्ग से चावल सीमावर्ती गांवों में पहुंच रहा है। ठिकाने पर पहुंचने के बाद बिल को फाड़ दिया जाता है। मिल मालिक इसके लिए अनिवार्य ई-वे-बिल नहीं बनाते। इसके बाद फिर उसी बिल पर दिन भर सीमावर्ती गांव में चावल को गोदाम में डंप कर साइकिल से कैरियर नेपाल पहुंचा देते हैं। एक दिन में करीब 30 से 40 पिकअप चावल नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है।


खाद्यान्न के निर्यात पर रोक के बाद बढ़ी तस्करी
भारत सरकार ने खाद्यान्न के निर्यात पर रोक लगा रखा है। जिसमें धान, चावल की सभी प्रजाति और धान, गेहूं, आटा, सूजी, मैदा, चोकर आदि वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध है। भारत सरकार डीजीएफटी से मिले परमिट एवं कोटा पर धान का निर्यात हो रहा था। कोटा समाप्त के बाद धान का निर्यात भी बंद है। सीमावर्ती गांव लक्ष्मीनगर, ठूठीबारी, निचलौल, परसामलिक, बरगदवा, भगवानपुर, श्याम काट, सोनौली दो नंबर गली, एसएसबी रोड, फ्रेनिया, हरदीडाली, खनुवा के रास्ते में चावल आसानी से पगडंडियों के रास्ते नेपाल पहुंचा दे रहे हैं।
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