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Maharajganj News: बकरी अनुदान में धांधली के खुलासे से हड़कंप, जांच करेगी कमेटी
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10 वर्ष की तैनाती का चिकित्सक ने लिया लाभ, बकरी अनुदान मामले की जांच के लिए समिति गठित
तीन वित्तीय वर्ष में 77 लाभार्थियों को मिला अनुदान, बिना बकरी खरीदे हजम कर ली रकम
महराजगंज। जनपद में अनुसूचित व निराश्रित वर्ग की महिलाओं के लिए बकरी पालन अनुदान में खेल किए जाने की शिकायत के बाद विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में धानी पशु चिकित्सा विभाग में तैनात कर्मी की संलिप्तता की चर्चा है। इनका तबादला पिछले माह गैर जनपद हो गया है।
कमजोर वर्ग व निराश्रितों को आय सृजन का मौका देने के लिए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 77 लाभार्थियों को अनुदान लाभ मिला। लेकिन धानी ब्लॉक में विभागीय मिलीभगत के सहारे अनुदान राशि का बंदरबांट हो गया और बकरियों की खरीदारी नहीं हुई। पारदर्शिता के लिए बकरियों के कान में लगा ईयर टैग आसपास के मवेशियों को लगा दिया गया।
ऐसा करके जिम्मेदार उपचार पर खर्च होने वाली धनराशि व बीमा लाभ भी कागजी खानापूर्ति से डकार रहे थे। बेलसड़ बीपैक्स सभापति की शिकायत के बाद पूरे जिले में मामले की जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी गई है। टीम में दो डिप्टी सीवीओ व एक पशु चिकित्सक शामिल हैं।
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10 लाभार्थियों से तालमेल बिठाकर अनुदान राशि का किया बंदरबांट
बकरी अनुदान मामले में जांच की शुरुआत में सामने आया कि एक ही चिकित्सक 10 वर्ष से धानी पशु अस्पताल में तैनात रहे। गड़बड़ी का खेल इन्हीं के कार्यकाल में हुआ है। इस नेटवर्क ने 10 लाभार्थियों से तालमेल बिठाकर अनुदान राशि का वारा-न्यारा कर लिया। ऐसे लोगों की फेहरिस्त भी लंबी बताई जा रही है जिन्हें लाभार्थी बनाने का झांसा देकर आवेदन कराया गया और इसके एवज में सुविधा शुल्क भी जमा कराया गया। हालांकि ऐसे लोगों को हर बार अगले राउंड में चयन का आश्वासन ही मिला।
वर्जन
जनपद में बकरी पालन अनुदान में गड़बड़ी की शिकायत बेलसड़ बी पैक्स सभापति प्रदीप से मिली। इसके बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी गई है। टीम में दो डिप्टी सीवीओ व एक पशु चिकित्सक शामिल हैं। जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डाॅ. एजाज अहमद, सीवीओ, महराजगंज
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तीन वित्तीय वर्ष में 77 लाभार्थियों को मिला अनुदान, बिना बकरी खरीदे हजम कर ली रकम
महराजगंज। जनपद में अनुसूचित व निराश्रित वर्ग की महिलाओं के लिए बकरी पालन अनुदान में खेल किए जाने की शिकायत के बाद विभाग ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। सूत्र बताते हैं कि शुरुआती जांच में धानी पशु चिकित्सा विभाग में तैनात कर्मी की संलिप्तता की चर्चा है। इनका तबादला पिछले माह गैर जनपद हो गया है।
कमजोर वर्ग व निराश्रितों को आय सृजन का मौका देने के लिए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 77 लाभार्थियों को अनुदान लाभ मिला। लेकिन धानी ब्लॉक में विभागीय मिलीभगत के सहारे अनुदान राशि का बंदरबांट हो गया और बकरियों की खरीदारी नहीं हुई। पारदर्शिता के लिए बकरियों के कान में लगा ईयर टैग आसपास के मवेशियों को लगा दिया गया।
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ऐसा करके जिम्मेदार उपचार पर खर्च होने वाली धनराशि व बीमा लाभ भी कागजी खानापूर्ति से डकार रहे थे। बेलसड़ बीपैक्स सभापति की शिकायत के बाद पूरे जिले में मामले की जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी गई है। टीम में दो डिप्टी सीवीओ व एक पशु चिकित्सक शामिल हैं।
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10 लाभार्थियों से तालमेल बिठाकर अनुदान राशि का किया बंदरबांट
बकरी अनुदान मामले में जांच की शुरुआत में सामने आया कि एक ही चिकित्सक 10 वर्ष से धानी पशु अस्पताल में तैनात रहे। गड़बड़ी का खेल इन्हीं के कार्यकाल में हुआ है। इस नेटवर्क ने 10 लाभार्थियों से तालमेल बिठाकर अनुदान राशि का वारा-न्यारा कर लिया। ऐसे लोगों की फेहरिस्त भी लंबी बताई जा रही है जिन्हें लाभार्थी बनाने का झांसा देकर आवेदन कराया गया और इसके एवज में सुविधा शुल्क भी जमा कराया गया। हालांकि ऐसे लोगों को हर बार अगले राउंड में चयन का आश्वासन ही मिला।
वर्जन
जनपद में बकरी पालन अनुदान में गड़बड़ी की शिकायत बेलसड़ बी पैक्स सभापति प्रदीप से मिली। इसके बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी गई है। टीम में दो डिप्टी सीवीओ व एक पशु चिकित्सक शामिल हैं। जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डाॅ. एजाज अहमद, सीवीओ, महराजगंज