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Maharajganj News: रिटायर्ड कानूनगो से 10 लाख की ठगी, कंपनी के नाम पर फंसाया

Sat, 23 Aug 2025 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:18 AM IST
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Retired lawmen cheated of Rs 10 lakh, implicated in the name of company
महराजगंज। जिले में एक रिटायर्ड कानूनगो को कंपनी बनाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित जगदीश लाल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने सरकारी क्रय केंद्र खोलने का झांसा देकर उनके रिटायरमेंट के पैसे हड़प लिए और अब गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। थाना पनियरा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ग्राम गढ़वा थाना फरेंदा के पीड़ित रिटायर्ड कानूनगो जगदीश लाल श्रीवास्तव ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद मिले पैसे के सुरक्षित निवेश के बारे में सोचा था लेकिन आरोपियों ने उन्हें एक साजिश में फंसा लिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी अजीत कुमार सिंह पुत्र योगेंद्र सिंह, ग्राम बैजूडेहरा, थाना पनियरा, महराजगंज, माधुरी देवी पत्नी रुदल जायसवाल, ग्राम सुमेरगढ़, थाना श्यामदेउरवा, महराजगंज और उनके पुत्र देवव्रत कुमार जायसवाल ने मिलकर एक कंपनी ‘किसान कृपा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ खोली। उन्होंने जगदीश को बताया कि इस कंपनी के माध्यम से सरकारी क्रय केंद्र खोला जाएगा और रबी-2022 से क्रय का काम शुरू होगा। कंपनी में 10 डायरेक्टर होंगे, जिनमें से पांच मुख्य डायरेक्टर होंगे। प्रत्येक को 20-20 लाख रुपये लगाने होंगे और मुनाफा, हिस्सेदारी बराबर बांटी जाएगी।
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इस झांसे में आकर जगदीश ने 30 मार्च 2022 को अपने बचत खाते से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व यूपी बड़ौदा ंबैंक), शाखा खजुरिया का चेक नंबर 295979 जारी किया। यह चेक 10 लाख रुपये का थां और इसे अजीत कुमार सिंह व देवव्रत कुमार जायसवाल को सौंपा गया। चेक का भुगतान 13 अप्रैल 2022 को कंपनी के खाते में हो गया। पीड़ित ने बताया कि शुरू में सब कुछ ठीक लग रहा था लेकिन जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो आरोपी गोलमोल जवाब देने लगे।समय बीतने पर जगदीश को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि कंपनी में केवल उनका ही पैसा लगा है। आरोपी अजीत सिंह और माधुरी देवी, जो खाते के संचालक हैं, ने पूरा पैसा अपने निजी कार्यों में खर्च कर दिया। कंपनी पर कोई काम नहीं हुआ और मुख्य डायरेक्टरों में जगदीश को मात्र 2.5 प्रतिशत शेयर दिया गया, जो वादे से बहुत कम था। थानाध्यक्ष पनियरा निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी, ठगी, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
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