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Maharajganj News: अभियुक्त का रिमांड निरस्त, सीआईडी दरोगा पर कार्रवाई का आदेश
Mon, 12 Aug 2024 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 12 Aug 2024 02:14 AM IST
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महराजगंज। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असगर अली ने धोखाधड़ी के मामले में अभियुक्त का रिमांड निरस्त कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। न्यायालय ने सीआईडी दारोगा विश्वजीत सामंत के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीजीपी पश्चिम बंगाल को आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश की हर तरफ चर्चा हो रही है।
मामला पश्चिम बंगाल राज्य का है। धोखाधड़ी के मामले में पकड़ी विशुनपुर निवासी नंदलाल चौधरी की गिरफ्तारी की गई थी। सीआईडी के दारोगा विश्वजीत सामंत ने आरोपित के विरुद्ध पांच दिवस का ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत करने का प्रार्थनापत्र दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया की विवेचक ने आरोपी के घर से गिरफ्तारी के बाद रिमांड की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि बेसिक संज्ञेय अपराधों में पुलिस बिना वारंट के आरोपित की गिरफ्तारी कर सकती है। लेकिन आरोपी यदि नोटिस व शर्तों का अनुपालन करता हो तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
दारोगा ने प्रस्तुत अभियोजन प्रपत्र में यह साक्ष्य भी नहीं दिया कि आरोपी को नोटिस तामिल कराया गया अथवा नहीं। किस आधार पर गिरफ्तारी हुई इसका उल्लेख भी अभियोजन प्रपत्र में नहीं मिला। न्यायाधीश ने इसके कारण रिमांड निरस्त कर छोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही विवेचक सीआईडी दारोगा के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश देते हुए प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक पश्चिम बंगाल को भेजने का आदेश दिया है।
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मामला पश्चिम बंगाल राज्य का है। धोखाधड़ी के मामले में पकड़ी विशुनपुर निवासी नंदलाल चौधरी की गिरफ्तारी की गई थी। सीआईडी के दारोगा विश्वजीत सामंत ने आरोपित के विरुद्ध पांच दिवस का ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत करने का प्रार्थनापत्र दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया की विवेचक ने आरोपी के घर से गिरफ्तारी के बाद रिमांड की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि बेसिक संज्ञेय अपराधों में पुलिस बिना वारंट के आरोपित की गिरफ्तारी कर सकती है। लेकिन आरोपी यदि नोटिस व शर्तों का अनुपालन करता हो तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
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दारोगा ने प्रस्तुत अभियोजन प्रपत्र में यह साक्ष्य भी नहीं दिया कि आरोपी को नोटिस तामिल कराया गया अथवा नहीं। किस आधार पर गिरफ्तारी हुई इसका उल्लेख भी अभियोजन प्रपत्र में नहीं मिला। न्यायाधीश ने इसके कारण रिमांड निरस्त कर छोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही विवेचक सीआईडी दारोगा के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश देते हुए प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक पश्चिम बंगाल को भेजने का आदेश दिया है।
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