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Maharajganj News: स्नातक में प्रवेश में समर्थ पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य

Tue, 27 May 2025 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 27 May 2025 01:14 AM IST
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Registration on Samarth Portal is mandatory for admission in graduation
महराजगंज। लगभग सभी बोर्ड अपने यहां की परीक्षा का परिणाम घोषित कर चुके हैं। उत्तीर्ण विद्यार्थी अब स्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रम में प्रवेश लेंगे। इस बार प्रवेश के लिए सभी विद्यार्थियों को समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
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स्नातक स्तर के लिए 100 रुपये पंजीकरण शुल्क के साथ विद्यार्थी किसी भी जनसेवा केंद्र से पंजीकरण करा सकते हैं। यह 30 जून तक ही होगा। पोर्टल का पंजीकरण स्लिप देकर ही इस बार सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से जुड़े पीजी काॅलेज और महाविद्यालय में प्रवेश मिलेगा।
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जिले में यूपी बोर्ड की बात करें तो इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा 29338 ने उत्तीर्ण की जो आगे की पढ़ाई के लिए स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश लेंगे, लेकिन इस बार प्रवेश साधारण तरीके से नहीं हो सकेगा। अगर जनपद स्तर पर प्रवेश अर्थात सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश लेना है तो ऑनलाइन सेंटर पर जाकर समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, जिसके लिए ऑनलाइन 100 रुपये का भुगतान विश्वविद्यालय के एकाउंट में देना होगा।
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बीए, बीएससी और बीकाम के लिए ही शुल्क 100 रुपये किया गया है। बीपीएड इत्यादि के लिए यह शुल्क 1000 तक है। मुख्यालय के जवाहर लाल नेहरू पीजी काॅलेज की बात करें तो यहां स्नातक स्तर की 720 सीटे हैं। बीएससी के लिए 350 सीट है। पीजी काॅलेज प्रशासन के मुताबिक उनके यहां स्नातक स्तर के लिए कुल 32 शिक्षक हैं।
यहां प्रवेश 15 जुलाई तक कराया जा सकता है, लेकिन प्रवेश के लिए अपना पंजीकरण 30 जून तक समर्थ पोर्टल पर कराने के बाद स्लिप संलग्न करने के उपरांत ही प्रवेश आवेदन मान्य होगा। प्रवेश की बात करें तो पीजी काॅलेज में आज तक स्नातक की सभी सीटें नहीं भरीं। पिछले वर्ष सर्वाधिक प्रवेश हुआ तब आंकड़ा 600 के करीब स्नातक में पहुंच सका।

बीएड के लिए नए नियम प्रभावी
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की तरफ से इस बार व्यापक बदलाव मौजूदा शिक्षा सत्र से ही प्रभावी किए गए हैं। इस बार के बदलाव से शिक्षा गुणवत्ता को सिर्फ डिग्री तक सीमित न करके विस्तृत ज्ञान मिले इसके सिर्फ बीएड की कक्षा चलाने वाले महाविद्यालय और डिग्री काॅलेज को मान्यता नहीं दी जाएगी। जनपद की बात करें तो 14 काॅलेज को बीएड की मान्यता है। इसके अलावा सीटें भी कम करने की तैयारी है, जिससे शिक्षक विद्यार्थियों पर पूरा ध्यान दे सकें और शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि हो। ऐसे बीएड काॅलेज जो सिर्फ बीएड कराते थे वह ऐसे काॅलेजों में मर्ज हो सकेंगे जहां बीएड के साथ स्नातक पाठ्यक्रम संचालित हैं।
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