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Maharajganj News: राजपुर-दौलतपुर रिंग बांध 20 साल से अधूरा, इस बार भी सताएगी बाढ़

Sun, 07 Jun 2026 01:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:43 AM IST
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Rajpur-Daulatpur ring dam incomplete for 20 years, floods will trouble this time too
बृजमनगंज का राजपुर दौलतपुर बांध जर्जर हालत में।
फरेंदा। बृजमनगंज क्षेत्र की घोंघी नदी पर बना 13 किमी लंबा राजपुर दौलतपुर बांध 20 साल से अधूरा पड़ा है। करीब आधा दर्जन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण 1750 मीटर बांध का निर्माण नहीं हो सका है। इससे हर साल 75 गांवों के लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है।
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जानकारी के अनुसार, बृजमनगंज विकास खंड के करीब एक दर्जन गांव से सटे राजपुर दौलतपुर रिंग बांध अधूरा पड़ा है। साथ ही मरम्मत नहीं होने से कारण बांध कई स्थानों पर जर्जर हो गया है। जगह-जगह दरार पड़ने के साथ ही बड़े-बड़े रेटहोल व रेनकट भी हो गए हैं। इसके साथ ही पिछले वर्ष बाढ़ में बंधे पर जगह-जगह हुआ कटान भी नहीं दुरुस्त किया गया है। इससे नदी से सटे 75 गांवों के लाखों लोगों को बाढ़ के खतरे को लेकर भय बना रहता है।
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पिछले वर्ष जलस्तर बढ़ने पर पहले से हुए दर्जनों स्थानों पर कटान से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। साथ ही गांवों में बाढ़ व विभिन्न मार्गों पर जलभराव हो गया था। इससे आवागमन भी प्रभावित हो गया था। प्रत्येक वर्ष अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों को बांध के मरम्मत का आश्वासन तो मिलता है लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं होती।
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ग्रामीण दिलीप गुप्ता, शंभू प्रसाद, सुनील, मनीष यादव, दीनानाथ, अनिल, सामरथ यादव, बृजलाल, मोहन, राजू, सुनील, दीपू, शिवनाथ, शकर, जवाहिर ने बताया कि बांध निर्माण पूरा किए बैगर ही कार्यदायी संस्था ने छोड़ दिया जिसका खमियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय जिम्मेदारों ने बाढ़ से बचाव के लिए न ही कटान हुए बांधों का मरम्मत करवाया और न ही रेट होल व रेनकट भरे गए। ऐसे में जर्जर बांध के भरोसे बाढ़ से बचाव के दावे किए जा रहे हैं।

शासन से प्रतिवर्ष बांधों के मरम्मत व बाढ़ से बचाव के इंतजाम के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं जबकि जमीनी स्तर पर कोई इंतजाम नहीं किया गया। बाढ़ आने पर जिनके पास छत है वह तो अपने छत पर चलते जाते हैं लेकिन जिनके पास छत नहीं हैं उन्हें बांध पर ही सहारा लेना पड़ता है। सबसे अधिक नुकसान फसलों का होता है।
हैंडओवर न होने से मरम्मत में समस्या
बृजमनगंज क्षेत्र के घोंघी नदी से सटे राजपुर दौलतपुर बांध निर्माण के बाद से ही सिंचाई विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि 2008 में बांध निर्माण किया गया। निर्माण अधूरा होने के कारण सिंचाई विभाग ने अपने अधिकार में लेने से इनकार कर दिया, जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र में न होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। बताया जा रहा है कि राजपुर दौलतपुर गांव के सामने और रसोईया गांव के सामने बांध अधूरा पड़ा है।

50 मीटर से 700 मीटर तक कुल 6 गैप
13 किमी लंबे बांध में नगवां, सिकंदरा, रसोईया, कमनहां, करखी व नौसागर के निकट 50 मीटर से 700 मीटर तक कुल छह गैप हैं। छोटे-बड़े गैप मिलाकर इनकी कुल लंबाई 1750 मीटर है। बांध पूरा न होने का कारण भूमि अधिग्रहण न होना बताया जा रहा है। गैप के दायरे में जिन किसानों की जमीन आ रही वह 2007-08 (निर्माण वर्ष) के सर्किल रेट पर जमीन देने से मना कर चुके हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, किसान मौजूदा सर्किल रेट के बाद भी दोगुना मुआवजा मांग रहे हैं। इन गैप के कारण घोघी नदी में बाढ़ आने पर कमनहा, नगवा, सिकंदराजीतपुर, रामपुर, नौसागर, करखी, करमहा, पडऱी, गोपालपुर भौराजीत, सोनाबंदी, मिश्रौलिया, शाहाबाद, पृथ्वीपालगढ़ गुजरौलिया, हातावेला, हरैया, सौरहा, मटिहनवां, बरडाड़, हथिगढ़वा, बेलौहा, केवटलिया, बेलनहवा, राजपुर बुजुर्ग, अचलगढ़, अहिरौली, शिवपुर, इलाहाबाद, झावाकोट, बरगाहपुर, दुर्गापुर, हरैया, बेलसड़ घीवपीड़, नौवाडीह, कानापार व करमहां समेत 75 गांव प्रभावित होते हैं।


प्रत्येक वर्ष अधिकारी निरीक्षण कर बंधे के मरम्मत का आश्वासन देते हैं लेकिन कोई कार्य नहीं होता है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांव में बाढ़ आ जाती है। इससे फसलों का नुकसान हो जाता है।

-देवेश उपाध्याय, रसोइया
मरम्मत नहीं होने से बांध की हालत जर्जर हो गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का भय सताने लगता है। इससे बरसात के दिनों में काफी दिक्कत होती है।

-चौथी पासवान, रसोइया
वर्जन
जमीन का अधिग्रहण न होने के कारण अभी कुछ काम अधूरा है। इसकी जानकारी शासन को भेजी गई है। अभी ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के हवाले बांध है।
-जितेंद्र कुमार पटेल, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग द्वितीय
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