{"_id":"5b3d1c6d4f1c1b9d288b4a55","slug":"rain-stop-repair-of-dams","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश थमी, बंधों की मरम्मत शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश थमी, बंधों की मरम्मत शुरू
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:43 AM IST
विज्ञापन
बारिश थमी, बंधों की मरम्मत शुरू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। बारिश थमते ही सिंचाई विभाग ने बंधों की मरम्मत व झाड़ियों की कटाई व सफाई का काम शुरू करा दिया है। इसी के साथ बंधों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है। नदियों के आसपास के गांवों के लोगों से कहा गया है कि बंधों पर खुर वाले मवेशियों को न जाने दें और न ही ट्रैक्टर ट्राली ले जाएं, क्योंकि इससे बंधों को क्षति पहुंचेगी।
इस संबंध में सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन हुई बारिश की वजह से बंधों पर नई पटान की मिट्टी बैठ गई है। रेनकट भी हुए हैं। बंधों पर उग आई झाड़ियां भी हटाने का काम शुरू करा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी व सभी उपजिलाधिकारियों द्वारा बंधों के निरीक्षण में जो खामियां दर्शाई गई हैं, उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि कुछ बंधों पर बोरियां रखी गई हैं। उस पर खुर वाले मवेशियां के आने जाने से बोरियां फट जा रही हैं। जिससे बंधों को क्षति हो रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों से अपील कि बंधों की सुरक्षा के लिए खुद आग आएं। उन्होंने कहा कि बांध की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है। इसके लिए जिस किसी बंधे पर कहीं भी रेनकट हुए हैं अथवा मिट्टी दबी है उसकी मरम्मत कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस संबंध में सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन हुई बारिश की वजह से बंधों पर नई पटान की मिट्टी बैठ गई है। रेनकट भी हुए हैं। बंधों पर उग आई झाड़ियां भी हटाने का काम शुरू करा दिया गया है। अपर जिलाधिकारी व सभी उपजिलाधिकारियों द्वारा बंधों के निरीक्षण में जो खामियां दर्शाई गई हैं, उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि कुछ बंधों पर बोरियां रखी गई हैं। उस पर खुर वाले मवेशियां के आने जाने से बोरियां फट जा रही हैं। जिससे बंधों को क्षति हो रही है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों से अपील कि बंधों की सुरक्षा के लिए खुद आग आएं। उन्होंने कहा कि बांध की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है। इसके लिए जिस किसी बंधे पर कहीं भी रेनकट हुए हैं अथवा मिट्टी दबी है उसकी मरम्मत कराई जा रही है।
विज्ञापन