{"_id":"5d62d8a58ebc3e93a170a15f","slug":"protest-maharajganj-news-gkp318953259","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
शितलापुर खेसरहा के ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत के लिए प्रदर्शन किया।
- फोटो : MAHARAJGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
अविलंब मरम्मत न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। क्षेत्र के गांव शितलापुर खेसरहा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में रविवार को ईटहिया शिवमंदिर से एसएसबी बीओपी तक क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। एक घंटे बाद कुछ लोगों के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण किसी तरह शांत हुए। लोगों का कहना था कि क्षतिग्रस्त मार्ग पर राहगीरों को चल पाना दुश्वार हो गया है। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
विरोध कर रहे ग्रामीण वकील अहमद, उमेश चंद, लक्ष्मण, बिहारी साहनी, मधुसूदन वर्मा, हरिहर, राधेश्याम, रामसेवक, राजू पासवान, रामप्रसाद, भैरव पाल, राजकुमार वर्मा, उमा, मोबारक अंसारी, महेंद्र नाथ गुप्ता आदि का कहना है कि इस मार्ग का निर्माण बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत दो दशक पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से कराया गया था। उसके बाद से इस मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते मार्ग धीरे-धीरे बदहाल हो गया। इस रास्ते से रेंगहिया, लालपुर, धमउर मटरा, इटहिया, डिगही, छीतौंना, मेघौली सहित दर्जन भर गांवों के लोग प्रतिदिन ब्लॉक, थाना, तहसील, जिला मुख्यालय से आवागमन करते हैं। एसएसबी 22वीं वाहिनी का शितलापुर में बीओपी भी है। लोगों ने चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त सड़क की अविलंब मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा।
विज्ञापन
अविलंब मरम्मत न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। क्षेत्र के गांव शितलापुर खेसरहा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में रविवार को ईटहिया शिवमंदिर से एसएसबी बीओपी तक क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। एक घंटे बाद कुछ लोगों के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण किसी तरह शांत हुए। लोगों का कहना था कि क्षतिग्रस्त मार्ग पर राहगीरों को चल पाना दुश्वार हो गया है। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई।
विरोध कर रहे ग्रामीण वकील अहमद, उमेश चंद, लक्ष्मण, बिहारी साहनी, मधुसूदन वर्मा, हरिहर, राधेश्याम, रामसेवक, राजू पासवान, रामप्रसाद, भैरव पाल, राजकुमार वर्मा, उमा, मोबारक अंसारी, महेंद्र नाथ गुप्ता आदि का कहना है कि इस मार्ग का निर्माण बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत दो दशक पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से कराया गया था। उसके बाद से इस मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते मार्ग धीरे-धीरे बदहाल हो गया। इस रास्ते से रेंगहिया, लालपुर, धमउर मटरा, इटहिया, डिगही, छीतौंना, मेघौली सहित दर्जन भर गांवों के लोग प्रतिदिन ब्लॉक, थाना, तहसील, जिला मुख्यालय से आवागमन करते हैं। एसएसबी 22वीं वाहिनी का शितलापुर में बीओपी भी है। लोगों ने चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त सड़क की अविलंब मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा।
विज्ञापन