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नेपाल- मधेशी पार्टी ने मनाया काला दिवस

Sat, 19 Sep 2020 10:09 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:09 PM IST
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protest in nepal of madheshi people
नेपाल : मधेशी पार्टी में मनाया काला दिवस
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सरकार के खिलाफ रैली निकाल कर जेल में बंद कार्यकर्ताओं को छोड़ने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/सोनौली। नेपाल में मधेशी समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव और नागरिकता संबंधी मुद्दे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नेपाल के तराई जिलों में मधेशी पार्टी ने नेपाल के संविधान दिवस 19 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाया। आंदोलन के समय पुलिस की गोली से मृत मधेशी कार्यकर्ताओं को श्रद्धाजंलि देते हुए सरकार से संविधान में संशोधन और पांच साल से जेल में बंद मधेशी मोर्चा के कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की गई। वहीं दूसरी तरफ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संविधान दिवस पर दीपोत्सव कर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। रूपनदेही जिले के बुटवल में कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
शनिवार की दोपहर रूपनदेही जिले के भैरहवा, मर्चवार, धकधई सहित नेपाल के सभी तराई जिलों में राष्ट्रीय जनता पार्टी के कार्यकताओं ने संविधान दिवस के दिन रैली निकाल कर काला दिवस मनाया। संविधान को लेकर भारत नेपाल सीमा पर आंदोलन के समय नेपाल सरकार के खिलाफ किए गए आंदोलन में पुलिस की गोली से मृत मधेशी कार्यकर्ताओं को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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रूपनदेही जिले के पार्टी अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि आज भी नेपाल की जेल में हजारों बेकसूर मधेशी मोर्चा के कार्यकर्ता बंद हैं। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज हैं। संविधान में मधेशियों के साथ पूर्ण रूप से भेदभाव किया गया है। उन्होंने सरकार से सभी मधेशी कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की। उन्होंने मांगों को पूरा नहीं होने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी। मंडल अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता उर्फ महेंद्र ने कहा कि संविधान पूर्ण रूप से एक तरफा बनाया गया है, जिसका विरोध जारी रहेगा। थारू कल्याण करणी नगर समिति की अध्यक्ष रेखा चौधरी ने कहा कि संविधान पहाड़ी समुदाय को खुश करने के लिए बनाया गया है, जिसमे थारू और मधेशी के साथ भेदभाव किया गया। मूलभूत सुविधाओं से हमें वंचित कर दिया गया। जनमत पार्टी के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान में मधेशियों को जगह नहीं दी गई।
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