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इमरजेंसी में दर्द से कराहते मरीजों को झेलनी पडती दुश्वारियां

Wed, 08 Jun 2022 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:36 PM IST
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problems faced by patients
इमरजेंसी में दर्द से कराहते मरीजों को झेलनी पड़ रहीं दुश्वारियां
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घंटे भर से बोतल चढ़ाने का इंतजार करते रहे मरीज, तीमारदारों की नहीं सुनता
महराजगंज। इन दिनों जिला अस्पताल में मरीजों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भीड के वजह में डॉक्टर के कक्ष तक पहुंचना दुश्वार रहता है, वहीं इमरजेंसी में भी इलाज ठीक ढंग से नहीं होता है। मरीजों को बोतल चढ़वाने के लिए घंटे भर इंतजार करना पडता है। अगर इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ जाती है तो यह समस्या ज्यादा जटिल हो जाती है। बुधवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग की पडताल में जिम्मेदारों की कथनी और करनी में साफ अंतर दिखा। यहां दर्द से कराहते मरीजों को त्वरित आराम देने के बजाय, दुश्वारियों से उनकी पीड़ा ज्यादा बढ़ जाती है।
बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में रम्हौली गांव के रामदेव परिजनों के साथ अंदर पहुंचे। वह दर्द से कराह रहे थे। सुबह उनकी तबीयत खराब हुई तो परिजन किसी तरह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर से इलाज कराने पहुंचे। यहां आए तो कुछ देर में उनको एक दवा दी गई, जिससे दर्द में कुछ आराम मिला। डाक्टर ने उनको ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने की बात कही। रामदेव दवा खाकर घंटे भर तक इंतजार करते रहे। उनकी बातों को सुनने वाला भी कोई नहीं था। परिजन इधर उधर लोगों से पूछते रहे। घंटे भर बाद उन्हें ड्रिप चढ़ाया गया। हरैया पंडित गांव की रहने वाली गंगाजलि सुबह आठ बजे घायल अवस्था में इमरजेंसी में पहुंची तो उनका जैसे तैसे इलाज कर एक किनारे स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया। यह मारपीट में घायल होने के बाद यहां पहुंची थी। दोपहर तक इनको बेड नहीं मिला था, जबकि अंदर कई बेड खाली थे। दोपहर इनके परिजन ड्रिप की बोतल हाथ में लेकर वार्ड में जा रहे थे। इसी तरह से अन्य मरीजों का भी हाल रहा। सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर की कुर्सी खाली रही, बगल में फार्मासिस्ट बैठक कर जरूरी काम निपटा रहे थे। तीमारदारों ने कहा कि आपातकालीन सेवा बेहतर नहीं है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
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जिला अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था है। स्वंय दिन में समय समय पर जांच कर व्यवस्था के बारे में जानकारी लेता हूं। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत दी गई है। इमरजेंसी सेवा में त्वरित इलाज की सुविधा है। अगर इसमें कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -एएम भास्कर, सीएमएस
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