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Maharajganj News: राज्य पर्यटन पुरस्कार से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी
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नेपाल से सटे गांवों में पर्यटन विभाग संचालित करता है 240 होमस्टे
20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे होमस्टे संचालक
महराजगंज। राज्य पर्यटन पुरस्कार के जरिये इस बार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी है। पुरस्कार के लिए इस बार होमस्टे संचालक भी आवेदन कर सकेंगे। जनपद में पर्यटन विभाग के 240 होमस्टे नेपाल बॉर्डर के निकट के गांव में संचालित हैं। इनके संचालक 20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पर्यटन विभाग व उद्योग विभाग का दावा है कि पर्यटन पुरस्कार का नया प्रारूप ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स की घोषणा की है। उद्देश्य है कि प्रदेश के उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को मजबूत किया जाए। जिले के होमस्टे सांस्कृतिक धरोहर, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पहल ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है। सहायक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि राज्य पर्यटन पुरस्कार 2026 तीन श्रेणियों में दिया जाएगा। बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। सभी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कार मिलेगा।
सोहगीबरवां व बौद्ध सर्किट से जुड़ा है जिला
जनपद सोहगीबरवां वन्य प्रभाग के साथ बौद्ध परिपथ लुंबिनी, कपिलवस्तु व कुशीनगर से जुड़ा है। यहां नेपाल सीमा से सटे गांव अनूठी सभ्यता व संस्कृति का विस्तार एग्री-रूरल टूरिज्म के मॉडल के रूप में उभर रहा है। ऐसे में राज्य पर्यटन पुरस्कार स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने वालों को पहचान देगा।
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पांच गांव दिखा रहे सभ्यता की झलक
सीमा क्षेत्र के गांव भेड़िहारी, गिरहियां, इटहिया, बनरसिहां कला व चंडीथान गांव में कुल 240 होम स्टे का संचालन पर्यटन विभाग की तरफ से कराया जा रहा है। यह सभी स्टेट पर्यटन अवार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार प्रोत्साहन से पर्यटन उद्योग को रफ्तार मिलेगी।
वर्जन
राज्य पर्यटन पुरस्कार के लिए होमस्टे संचालक प्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मूल्यांकन विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, सामुदायिक भागीदारी और पर्यटक सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा।
-प्रभाकर मणि त्रिपाठी, सहायक पर्यटन अधिकारी।
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आज पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं बल्कि यह अनुभवात्मक पर्यटन का रूप इख़्तियार कर चुका है। नेपाल सीमा पर बसे 5 गांव होम स्टे सुविधा दे रहे हैं। पुरस्कार की श्रेणी में उन्हें लाने से जनपद में पर्यटन उद्योग के रूप में ख्यातिलब्ध हो सकेगा।
-अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग।
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20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे होमस्टे संचालक
महराजगंज। राज्य पर्यटन पुरस्कार के जरिये इस बार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी है। पुरस्कार के लिए इस बार होमस्टे संचालक भी आवेदन कर सकेंगे। जनपद में पर्यटन विभाग के 240 होमस्टे नेपाल बॉर्डर के निकट के गांव में संचालित हैं। इनके संचालक 20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पर्यटन विभाग व उद्योग विभाग का दावा है कि पर्यटन पुरस्कार का नया प्रारूप ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स की घोषणा की है। उद्देश्य है कि प्रदेश के उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को मजबूत किया जाए। जिले के होमस्टे सांस्कृतिक धरोहर, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पहल ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है। सहायक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि राज्य पर्यटन पुरस्कार 2026 तीन श्रेणियों में दिया जाएगा। बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। सभी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कार मिलेगा।
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सोहगीबरवां व बौद्ध सर्किट से जुड़ा है जिला
जनपद सोहगीबरवां वन्य प्रभाग के साथ बौद्ध परिपथ लुंबिनी, कपिलवस्तु व कुशीनगर से जुड़ा है। यहां नेपाल सीमा से सटे गांव अनूठी सभ्यता व संस्कृति का विस्तार एग्री-रूरल टूरिज्म के मॉडल के रूप में उभर रहा है। ऐसे में राज्य पर्यटन पुरस्कार स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने वालों को पहचान देगा।
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पांच गांव दिखा रहे सभ्यता की झलक
सीमा क्षेत्र के गांव भेड़िहारी, गिरहियां, इटहिया, बनरसिहां कला व चंडीथान गांव में कुल 240 होम स्टे का संचालन पर्यटन विभाग की तरफ से कराया जा रहा है। यह सभी स्टेट पर्यटन अवार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार प्रोत्साहन से पर्यटन उद्योग को रफ्तार मिलेगी।
वर्जन
राज्य पर्यटन पुरस्कार के लिए होमस्टे संचालक प्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मूल्यांकन विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, सामुदायिक भागीदारी और पर्यटक सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा।
-प्रभाकर मणि त्रिपाठी, सहायक पर्यटन अधिकारी।
आज पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं बल्कि यह अनुभवात्मक पर्यटन का रूप इख़्तियार कर चुका है। नेपाल सीमा पर बसे 5 गांव होम स्टे सुविधा दे रहे हैं। पुरस्कार की श्रेणी में उन्हें लाने से जनपद में पर्यटन उद्योग के रूप में ख्यातिलब्ध हो सकेगा।
-अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग।