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Maharajganj News: प्रशिक्षक व संसाधन उपलब्ध, खिलाड़ी नहीं दिखा रहे अभ्यास में रुचि
Thu, 04 May 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 04 May 2023 12:45 AM IST
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मुक्केबाजी के लिए स्टेडियम में रखा गया रिंग।संवाद
छत्रपति शाहूजी महराज स्पोर्ट्स स्टेडियम में मुक्केबाजी खेल का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। छत्रपति शाहूजी महराज स्पोर्ट्स स्टेडियम में मुक्केबाजी खेल के प्रशिक्षक व संसाधन मौजूद हैं। बावजूद इसके खिलाड़ियों में इस खेल से जुड़ने का उत्साह नहीं दिख रहा है।
जिले में खेल संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करीब दो वर्ष पहले उप क्रीड़ाधिकारी की तैनाती हुई। तैनाती के बाद से उन्होंने मुक्केबाजी को बढ़ावा देने के लिए रिंग आदि की व्यवस्था करा दी। पहले सत्र में करीब 15 खिलाड़ियों ने इसका लाभ भी उठाया, मगर इस सत्र में अब तक प्रवेेश कराने में खिलाड़ियों की रुचि हीं देखी जा रही है।
जिले में मुक्केबाजी सिखाने की व्यवस्था कहीं नहीं है। ऐसे में इस खेल में रुचि रखने वाले खिलाड़ी न सिर्फ नियमित अभ्यास से जुड़कर इसका लाभ उठा सकते हैं, बल्कि भविष्य मेें इस खेल के माध्यम से जिले की पहचान को भी आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। मुक्केबाजी के संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर खेल विभाग की ओर से कुल तीन लाख रुपये व्यय किए गए हैं। इस धनराशि से रिंग व मुक्केबाजी ग्लब्स आदि सामग्री को मंगवाया गया है।
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कोट
मुक्केबाजी को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम में संसाधन की उपलब्धता है। प्रशिक्षण देने के लिए स्वयं तत्पर हूं। इस सत्र में खिलाड़ियों ने प्रवेश में रुचि नहीं दिखाई है। खिलाड़ियों को इस खेल से जोड़ते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा।
धर्मेंद्र कुमार, उप क्रीड़ाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। छत्रपति शाहूजी महराज स्पोर्ट्स स्टेडियम में मुक्केबाजी खेल के प्रशिक्षक व संसाधन मौजूद हैं। बावजूद इसके खिलाड़ियों में इस खेल से जुड़ने का उत्साह नहीं दिख रहा है।
जिले में खेल संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करीब दो वर्ष पहले उप क्रीड़ाधिकारी की तैनाती हुई। तैनाती के बाद से उन्होंने मुक्केबाजी को बढ़ावा देने के लिए रिंग आदि की व्यवस्था करा दी। पहले सत्र में करीब 15 खिलाड़ियों ने इसका लाभ भी उठाया, मगर इस सत्र में अब तक प्रवेेश कराने में खिलाड़ियों की रुचि हीं देखी जा रही है।
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जिले में मुक्केबाजी सिखाने की व्यवस्था कहीं नहीं है। ऐसे में इस खेल में रुचि रखने वाले खिलाड़ी न सिर्फ नियमित अभ्यास से जुड़कर इसका लाभ उठा सकते हैं, बल्कि भविष्य मेें इस खेल के माध्यम से जिले की पहचान को भी आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। मुक्केबाजी के संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर खेल विभाग की ओर से कुल तीन लाख रुपये व्यय किए गए हैं। इस धनराशि से रिंग व मुक्केबाजी ग्लब्स आदि सामग्री को मंगवाया गया है।
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कोट
मुक्केबाजी को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम में संसाधन की उपलब्धता है। प्रशिक्षण देने के लिए स्वयं तत्पर हूं। इस सत्र में खिलाड़ियों ने प्रवेश में रुचि नहीं दिखाई है। खिलाड़ियों को इस खेल से जोड़ते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा।
धर्मेंद्र कुमार, उप क्रीड़ाधिकारी