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स्वास्थ्य अभियान
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बीएसएल-टू लैब मददगार, रिपोर्ट के लिए नहीं करना पड़ता लंबा इंतजार
महराजगंज। कोरोना संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर में स्थापित बीएसएल-टू लैब (बॉयो सेफ्टी लेवल टू लैब) काफी मददगार साबित हुई। इससे 24 से 48 घंटे में ही कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल जाती है। पहले रिपोर्ट आने में छह से दस दिन का वक्त लगता था। जल्द रिपोर्ट मिलने के बाद समय से इलाज शुरू हुआ और लोगों की जान बच सकी।
बीएसएल-टू लैब में अभी तक 50 हजार जांचें हो चुकी हैं। प्रतिदिन करीब 300 से 500 सैंपल की जांच होती है। इसके पहले सैंपल जांच के लिए गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ भेजे जाते थे, तब जांच में छह से दस दिन तक लग जाते थे। जब से लैब संचालित हुआ, तभी से जांच समय से हो रही है। इन दिनों कोरोना सैंपल की जांच तेजी से हो रही है। लैब अपनी पूरी क्षमता से संचालित हो रही है। लैब को अत्याधुनिक बनाया गया है। इसे दो जोन में बांटा गया है। पहला सेफ्टी जोन एवं दूसरा सैंपल प्रोसेसिंग जोन है। पहले जोन में सैंपल की जांच की जाती है एवं दूसरे जोन में सैंपल को एकत्र किया जाता है। लैब में दो नान मेडिकल साइंटिस्ट एवं पांच अन्य स्टाफ कार्यरत हैं।
19 लाख में बनी है लैब
सीएमओ कार्यालय परिसर में गेट के पास आरटीपीसीआर जांच (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) जांच के लिए लैब बनी है। लैब शुरू होने पर जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिल जाती है। सीएमओ कार्यालय परिसर में ब्लड बैंक के पुराने भवन में कोरोना की आरटीपीसीआर लैब संचालित है। लैब तैयार होने में 19 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट जल्दी मिल गई। ऐसा इसलिए हो पाया कि लैब जिले में स्थापित है। पहले तो कोरोना की जांच रिपोर्ट आठ दिन में मिलती थी। लैब स्थापित होने से काफी फायदा हो रहा है।
कुलदीप मणि त्रिपाठी, विस्मिल नगर
अब तो कोरोना की जांच आसान हो गई है। आरटीपीसीआर रिपोर्ट 24 घंटे में मिल जाती है। पहले तो रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन लैब स्थापित होने से समस्या दूर हो गई है।
अतुल गुप्ता, वीरबहादुर नगर
लैब में अत्याधुनिक मशीनें हैं, जिससे बेहतर ढंग से जांच की जाती है। पर्याप्त स्टाफ की तैनाती है। लैब पूरी क्षमता के साथ संचालित है। सैंपल आने के बाद जांच रिपोर्ट त्वरित दी जाती है। कोरोना काल के बाद से ही स्वास्थ्य सेवाएं काफी मजबूत हुईं हैं।
सोनाली चंद्रा, नान मेडिकल साइंटिस्ट
कोरोना जांच कराने उमड़े लोग
महराजगंज। कोरोना से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस वजह से प्रत्येक दिन केंद्र पर पहुंचकर लोग जांच कराने पहुंचते हैं। महिला अस्पताल में शुक्रवार को करीब 100 लोग जांच कराने पहुंचे। यहां कर्मियों ने जांच के लिए सैंपल एकत्र किया। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईए अंसारी ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक दिन अधिक से अधिक सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है।
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महराजगंज। कोरोना संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर में स्थापित बीएसएल-टू लैब (बॉयो सेफ्टी लेवल टू लैब) काफी मददगार साबित हुई। इससे 24 से 48 घंटे में ही कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल जाती है। पहले रिपोर्ट आने में छह से दस दिन का वक्त लगता था। जल्द रिपोर्ट मिलने के बाद समय से इलाज शुरू हुआ और लोगों की जान बच सकी।
बीएसएल-टू लैब में अभी तक 50 हजार जांचें हो चुकी हैं। प्रतिदिन करीब 300 से 500 सैंपल की जांच होती है। इसके पहले सैंपल जांच के लिए गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ भेजे जाते थे, तब जांच में छह से दस दिन तक लग जाते थे। जब से लैब संचालित हुआ, तभी से जांच समय से हो रही है। इन दिनों कोरोना सैंपल की जांच तेजी से हो रही है। लैब अपनी पूरी क्षमता से संचालित हो रही है। लैब को अत्याधुनिक बनाया गया है। इसे दो जोन में बांटा गया है। पहला सेफ्टी जोन एवं दूसरा सैंपल प्रोसेसिंग जोन है। पहले जोन में सैंपल की जांच की जाती है एवं दूसरे जोन में सैंपल को एकत्र किया जाता है। लैब में दो नान मेडिकल साइंटिस्ट एवं पांच अन्य स्टाफ कार्यरत हैं।
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19 लाख में बनी है लैब
सीएमओ कार्यालय परिसर में गेट के पास आरटीपीसीआर जांच (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) जांच के लिए लैब बनी है। लैब शुरू होने पर जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिल जाती है। सीएमओ कार्यालय परिसर में ब्लड बैंक के पुराने भवन में कोरोना की आरटीपीसीआर लैब संचालित है। लैब तैयार होने में 19 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट जल्दी मिल गई। ऐसा इसलिए हो पाया कि लैब जिले में स्थापित है। पहले तो कोरोना की जांच रिपोर्ट आठ दिन में मिलती थी। लैब स्थापित होने से काफी फायदा हो रहा है।
कुलदीप मणि त्रिपाठी, विस्मिल नगर
अब तो कोरोना की जांच आसान हो गई है। आरटीपीसीआर रिपोर्ट 24 घंटे में मिल जाती है। पहले तो रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन लैब स्थापित होने से समस्या दूर हो गई है।
अतुल गुप्ता, वीरबहादुर नगर
लैब में अत्याधुनिक मशीनें हैं, जिससे बेहतर ढंग से जांच की जाती है। पर्याप्त स्टाफ की तैनाती है। लैब पूरी क्षमता के साथ संचालित है। सैंपल आने के बाद जांच रिपोर्ट त्वरित दी जाती है। कोरोना काल के बाद से ही स्वास्थ्य सेवाएं काफी मजबूत हुईं हैं।
सोनाली चंद्रा, नान मेडिकल साइंटिस्ट
कोरोना जांच कराने उमड़े लोग
महराजगंज। कोरोना से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस वजह से प्रत्येक दिन केंद्र पर पहुंचकर लोग जांच कराने पहुंचते हैं। महिला अस्पताल में शुक्रवार को करीब 100 लोग जांच कराने पहुंचे। यहां कर्मियों ने जांच के लिए सैंपल एकत्र किया। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईए अंसारी ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक दिन अधिक से अधिक सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है।