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Maharajganj News: मरीजों को घर बैठे मिलेगी मेडिको लीगल की रिपोर्ट
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महराजगंज। लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल और ब्लॉक स्तर के सीएचसी पर एक नई डिजिटल सुविधा शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब मरीजों और उनके परिवारों के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। इस पहल से मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार, पहले मारपीट, सड़क दुर्घटनाओं, दैविक आपदाओं या अन्य आपराधिक घटनाओं में घायल या मृत व्यक्तियों की मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सादे कागज पर तैयार की जाती थी। इन रिपोर्टो पर संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर होते थे और फिर इन्हें बंद लिफाफे में थाना या संबंधित विभाग को भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और पीड़ित पक्ष को रिपोर्ट मिलने में कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब शासन स्तर पर इस पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए मेडलीपर एप की शुरुआत की गई है।
इस एप पर संबंधित डॉक्टर अपनी आईडी और पासवर्ड के जरिए मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपलोड करेंगे। नई व्यवस्था में पीड़ित व्यक्ति या उनके परिजनों का मोबाइल नंबर रिपोर्ट के साथ लिंक किया जाएगा। जैसे ही डॉक्टर पर रिपोर्ट अपलोड करेंगे, उसी समय संबंधित थाना और पीड़ित व्यक्ति के मोबाइल पर व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए रिपोर्ट पहुंच जाएगी।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि दैविक आपदाओं और अन्य दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों की रिपोर्ट भी अब मेडलीपर एप पर ही अपलोड की जा रही है। इस पोर्टल में पीड़ित परिवार का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जा रहा है, ताकि रिपोर्ट सीधे उनके पास पहुंच सके।
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जानकारी के अनुसार, पहले मारपीट, सड़क दुर्घटनाओं, दैविक आपदाओं या अन्य आपराधिक घटनाओं में घायल या मृत व्यक्तियों की मेडिको-लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सादे कागज पर तैयार की जाती थी। इन रिपोर्टो पर संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर होते थे और फिर इन्हें बंद लिफाफे में थाना या संबंधित विभाग को भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और पीड़ित पक्ष को रिपोर्ट मिलने में कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब शासन स्तर पर इस पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए मेडलीपर एप की शुरुआत की गई है।
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इस एप पर संबंधित डॉक्टर अपनी आईडी और पासवर्ड के जरिए मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपलोड करेंगे। नई व्यवस्था में पीड़ित व्यक्ति या उनके परिजनों का मोबाइल नंबर रिपोर्ट के साथ लिंक किया जाएगा। जैसे ही डॉक्टर पर रिपोर्ट अपलोड करेंगे, उसी समय संबंधित थाना और पीड़ित व्यक्ति के मोबाइल पर व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए रिपोर्ट पहुंच जाएगी।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि दैविक आपदाओं और अन्य दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों की रिपोर्ट भी अब मेडलीपर एप पर ही अपलोड की जा रही है। इस पोर्टल में पीड़ित परिवार का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जा रहा है, ताकि रिपोर्ट सीधे उनके पास पहुंच सके।