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Maharajganj News: अभिभावक क्यूआर कोड स्कैन कर पता कर सकेंगे स्कूल वाहनों की स्थिति
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3495 निजी व सरकारी स्कूल जिले में संचालित
अभियान के तहत 1700 से अधिक स्कूलों की हो चुकी है फीडिंग
एआरटीओ की अगुवाई में फीड किया जा रहा डाटा
महराजगंज। अब एक क्यूआर कोड के जरिये अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल वाहन के बारे में जानकारी जुटा सकेंगे। इसके लिए संबंधित पोर्टल पर डाटा फीड किया जा रहा है।
जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर एहतियात के इंतजाम प्रभावी किए गए हैं। एआरटीओ की अगुवाई में निजी व सरकारी स्कूलों में पहुंचकर संचालित स्कूल वाहनों की स्थिति यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसका लाभ अभिभावकों को मिलेगा। प्रत्येक अभिभावक यह जान सकेंगे कि उनका बच्चा जिस स्कूल वाहन से घर से स्कूल आता-जाता है, वह मानकों पर खरा भी उतरता है अथवा नहीं। 15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के तहत 1700 से अधिक स्कूलों की फीडिंग हो चुकी है।
जनपद में 3495 स्कूल निजी व सरकारी बेसिक, माध्यमिक व सीबीएसई बोर्ड से संचालित हैं। अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक यह जान सकेंगे कि जिस स्कूली वाहन से वह अपने बच्चों को भेज रहे हैं, उसकी कंडीशन ठीक भी है या नहीं। इसके लिए एआरटीओ स्कूल वाहन पर विवरण फीडिंग के बाद क्यूआर कोड लगवा रहा है। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही बस की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण अनापत्ति समेत प्रमाण पत्र वैधता अवधि समेत पूरी जानकारी सामने होगी। बस के चालक-परिचालक और उसके परिचालक का नाम-पता व मोबाइल नंबर भी पता चल जाएगा।
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एआरटीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन आयुक्त स्तर से यूपीआईएसवीएमपीडाटकॉम लांच किया है। इस प र प्रत्येक जिले के हर स्कूल के वाहनों का डाटा फीड करके इसे ऑनलाइन किया जाएगा। यह पोर्टल सीएम डैश बोर्ड पर भी होगा।
वर्जन
स्कूल प्रबंधनों की मनमानी नहीं रुक रही थी। यह लोग बिना फिटनेस, परमिट व सुरक्षा मानक के स्कूल वाहन संचालित कर रहे थे। नए आदेश के मुताबिक पोर्टल पर स्कूल वाहनों का डाटा फीड हो रहा है। फीडिंग के बाद एक क्यूआर कोड वाहन पर चस्पा कराया जा रहा है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही वाहन का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखने लगेगा।
-मनोज कुमार, सिंह, एआरटीओ
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अभियान के तहत 1700 से अधिक स्कूलों की हो चुकी है फीडिंग
एआरटीओ की अगुवाई में फीड किया जा रहा डाटा
महराजगंज। अब एक क्यूआर कोड के जरिये अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल वाहन के बारे में जानकारी जुटा सकेंगे। इसके लिए संबंधित पोर्टल पर डाटा फीड किया जा रहा है।
जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर एहतियात के इंतजाम प्रभावी किए गए हैं। एआरटीओ की अगुवाई में निजी व सरकारी स्कूलों में पहुंचकर संचालित स्कूल वाहनों की स्थिति यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसका लाभ अभिभावकों को मिलेगा। प्रत्येक अभिभावक यह जान सकेंगे कि उनका बच्चा जिस स्कूल वाहन से घर से स्कूल आता-जाता है, वह मानकों पर खरा भी उतरता है अथवा नहीं। 15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के तहत 1700 से अधिक स्कूलों की फीडिंग हो चुकी है।
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जनपद में 3495 स्कूल निजी व सरकारी बेसिक, माध्यमिक व सीबीएसई बोर्ड से संचालित हैं। अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक यह जान सकेंगे कि जिस स्कूली वाहन से वह अपने बच्चों को भेज रहे हैं, उसकी कंडीशन ठीक भी है या नहीं। इसके लिए एआरटीओ स्कूल वाहन पर विवरण फीडिंग के बाद क्यूआर कोड लगवा रहा है। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही बस की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण अनापत्ति समेत प्रमाण पत्र वैधता अवधि समेत पूरी जानकारी सामने होगी। बस के चालक-परिचालक और उसके परिचालक का नाम-पता व मोबाइल नंबर भी पता चल जाएगा।
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एआरटीओ ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन आयुक्त स्तर से यूपीआईएसवीएमपीडाटकॉम लांच किया है। इस प र प्रत्येक जिले के हर स्कूल के वाहनों का डाटा फीड करके इसे ऑनलाइन किया जाएगा। यह पोर्टल सीएम डैश बोर्ड पर भी होगा।
वर्जन
स्कूल प्रबंधनों की मनमानी नहीं रुक रही थी। यह लोग बिना फिटनेस, परमिट व सुरक्षा मानक के स्कूल वाहन संचालित कर रहे थे। नए आदेश के मुताबिक पोर्टल पर स्कूल वाहनों का डाटा फीड हो रहा है। फीडिंग के बाद एक क्यूआर कोड वाहन पर चस्पा कराया जा रहा है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही वाहन का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखने लगेगा।
-मनोज कुमार, सिंह, एआरटीओ