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आठ डिग्री सेल्सियस पर लूढ़का पारा, ठंड से कांपे लोग
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आठ डिग्री सेल्सियस पर लुढ़का पारा, ठंड से कांपे लोग
महराजगंज। जिले में मंगलवार को भी मौसम का मिजाज इस कदर रहा कि सूर्यदेव बादलों के बीच से बाहर नहीं निकल पाए। गलनभरी ठंड की कहर से लोगों का जन-जीवन बेहाल हो रहा है। हालत यह है कि लोग सुबह से ही अलाव जलाकर शाम तक बैठे ही रह गए। बाजार में भी लोगों का आवागमन कम रहा। जबकि सुबह कोहरे के कारण दो पहिया वाहनों से आना जाना कष्टदायक रहा। रेलवे तथा रोडवेज के प्लेटफार्म पर यात्री ठिठुरते नजर आए। न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया।
शहरी क्षेत्र में ठंड से निजात पाने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलते देखे गए। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जला नहीं मिला। मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे तक कोहरा छाए रहने से लोगों के देर से निकलने के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही। कोहरे के चलते ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। वही बर्फीली हवा के चलने से रेलवे स्टेशन सिसवा,फरेंदा और नौतनवां तथा रोडवेज के प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल काटना भारी पड़ रहा था। दुकानदार भी शाम पांच बजते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो गए।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि अधिकतम नमी जहां 98 फीसदी नापी गई। वहीं, 80 फीसदी न्यूनतम नमी रही। जबकि पश्चिमी हवा 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार रही। आने वाले दिनो में ठंड बढ़ने की संभावना है।
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महराजगंज। जिले में मंगलवार को भी मौसम का मिजाज इस कदर रहा कि सूर्यदेव बादलों के बीच से बाहर नहीं निकल पाए। गलनभरी ठंड की कहर से लोगों का जन-जीवन बेहाल हो रहा है। हालत यह है कि लोग सुबह से ही अलाव जलाकर शाम तक बैठे ही रह गए। बाजार में भी लोगों का आवागमन कम रहा। जबकि सुबह कोहरे के कारण दो पहिया वाहनों से आना जाना कष्टदायक रहा। रेलवे तथा रोडवेज के प्लेटफार्म पर यात्री ठिठुरते नजर आए। न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया।
शहरी क्षेत्र में ठंड से निजात पाने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलते देखे गए। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जला नहीं मिला। मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे तक कोहरा छाए रहने से लोगों के देर से निकलने के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही। कोहरे के चलते ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। वही बर्फीली हवा के चलने से रेलवे स्टेशन सिसवा,फरेंदा और नौतनवां तथा रोडवेज के प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल काटना भारी पड़ रहा था। दुकानदार भी शाम पांच बजते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो गए।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि अधिकतम नमी जहां 98 फीसदी नापी गई। वहीं, 80 फीसदी न्यूनतम नमी रही। जबकि पश्चिमी हवा 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार रही। आने वाले दिनो में ठंड बढ़ने की संभावना है।
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