फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Paniyara area was the stronghold of Congress, BJP blossomed in the year 1993

पनियरा क्षेत्र था कांग्रेस का गढ़, वर्ष 1993 में खिला कमल

Wed, 16 Feb 2022 11:20 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 11:20 PM IST
विज्ञापन
Paniyara area was the stronghold of Congress, BJP blossomed in the year 1993
पनियरा क्षेत्र था कांग्रेस का गढ़, वर्ष 1993 में खिला कमल
विज्ञापन

महराजगंज। पनियरा विधानसभा क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। यहां पहली बार वर्ष 1993 में कमल खिला था। यह विधानसभा क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की कर्मस्थली रही है। पनियरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर वीर बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। वीर बहादुर सिंह के नाम से पहचाने जाने वाले पनियरा विधानसभा सीट कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ था, लेकिन 1996 से पार्टी इस सीट पर नहीं जीत सकी। पनियरा विधानसभा सीट से कांग्रेस को सात बार जीत मिली थी।
बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार भी पनियरा सीट से दो बार जीते हैं। भारतीय जनता पार्टी भी इस सीट से जीत चुकी है, लेकिन समाजवादी पार्टी को इस विधानसभा क्षेत्र में जीत नहीं मिली है। पहली बार पनियरा विधानसभा सीट के लिए 1952 में चुनाव हुआ था। उस समय कांग्रेस के टिकट पर द्वारिका प्रसाद पांडेय विधायक बने और 1957 में भी कब्जा बरकरार रखा। इसके बाद 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने वीर बहादुर सिंह को पनियरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जिसमें उन्हें जीत भी मिली। वीर बहादुर सिंह का जीत का सफर लगातार जारी रहा और 1967, 1969, 1974, 1980 और 1985 में भी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचते रहे। इसी बीच 1985 से 1988 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे।
विज्ञापन

पनियरा सीट से 1989 में वीर बहादुर सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र फतेह बहादुर सिंह को कांग्रेस ने पनियरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। फतेह बहादुर को निर्दल प्रत्याशी गणपत सिंह ने हरा दिया। 1991 में जनता दल के परशुराम मिश्रा को हराकर फतेह बहादुर सिंह पनियरा विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंचे, लेकिन 1993 में गणपत सिंह बीजेपी के टिकट पर जीत गए। 1996 में बसपा-कांग्रेस गठबंधन और 2007 में बसपा से फतेह बहादुर सिंह ने फिर बाजी मारते हुए विधायक बने। 2012 में बसपा के देव नारायण उर्फ जीएम सिंह ने विधायक बने।
विज्ञापन
विज्ञापन

पनियरा विधानसभा सीट से वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के गणेश शंकर पांडेय को हरा दिया था। भाजपा के ज्ञानेंद्र सिंह को 1,19,308 मत मिले थे, जबकि बीएसपी के गणेश शंकर पांडेय को 51,817 मिले मत थे। वहीं कांग्रेस की तलत अजीज को 48,004 मिले थे।

क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
परतावल के रहने वाले सुनील पांडेय कहते हैं कि क्षेत्र में चुनाव समीकरण के बारे में कुछ सटीक कह पाना मुश्किल होगा। स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बनाकर मतदान किया जाएगा। जनभावनाओं पर जो, प्रत्याशी खरा उतरेगा, उसे मौका दिया जाएगा। श्यामदेउरवां गांव के गोपाल श्रीवास्तव कहते हैं कि गुजरे वक्त और वर्तमान परिवेश में जमीन आसमान का अंतर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed