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अवैध निर्माण का विरोध, भूख हड़ताल पर बैठे लोग
अमर उजाला/महराजगंज
Updated Thu, 11 Feb 2016 12:08 AM IST
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महराजगंज। पोखरी को पाटकर अवैध निर्माण कराने की तहसील दिवस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज बेलवा बुजुर्ग के लोग कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। लोगों की मांग है कि निर्माण को रुकवाया जाए।
पनियरा थाना क्षेत्र के बेलवा बुजुर्ग निवासी परदेशी विशार्या ने बताया कि बेलवा खुर्द में स्थित पोखरी पर कुछ लोगों ने कब्जा कर अवैध तरीके से पक्का निर्माण शुरू करा दिया है।
पोखरी से अवैध निर्माण रुकवाने के लिए तहसील दिवस में लगातार शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं पोखरी को गलत तरीके से आबादी में दर्ज करा दिया गया।
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जिस लोगों ने सम्पूर्ण पोखरी को पाटकर पक्का मकान निर्माण कर लिया है। जिस पर तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर ने जांच कराई तो हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक कतरारी व तहसीलदार सदर ने यह अवैध कब्जा सही पाया।
एसडीएम सदर के सहमति से तहसीलदार सदर ने अपने 31 दिसम्बर 2007 को कब्जेदारों के विरुद्ध लोक सम्पत्ति अधिनियम के नियमानुसार थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर निर्माण खाली कराने का नोटिस राजस्व निरीक्षक कतरारी के द्वारा जारी किया गया। परंतु कब्जा खाली नहीं कराया गया।
जिस उप जिलाधिकारी द्वारा यह तथ्य सत्य पाया गया और पोखरी का इन्द्राज आबादी निरस्त कर पोखरी में अंकित किए जाने का आदेश दिया। लेकिन कब्जा नहीं हटा। भूख हड़ताल से पूर्व इन लोगों ने डीएम को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान स्नेहलता, छेछी प्रसाद, रामदास, सदानन्द, अमरजीत, राम वचन, दयानन्द, सुमेर गुप्ता उपस्थित रहे।
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पनियरा थाना क्षेत्र के बेलवा बुजुर्ग निवासी परदेशी विशार्या ने बताया कि बेलवा खुर्द में स्थित पोखरी पर कुछ लोगों ने कब्जा कर अवैध तरीके से पक्का निर्माण शुरू करा दिया है।
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पोखरी से अवैध निर्माण रुकवाने के लिए तहसील दिवस में लगातार शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं पोखरी को गलत तरीके से आबादी में दर्ज करा दिया गया।
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जिस लोगों ने सम्पूर्ण पोखरी को पाटकर पक्का मकान निर्माण कर लिया है। जिस पर तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर ने जांच कराई तो हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक कतरारी व तहसीलदार सदर ने यह अवैध कब्जा सही पाया।
एसडीएम सदर के सहमति से तहसीलदार सदर ने अपने 31 दिसम्बर 2007 को कब्जेदारों के विरुद्ध लोक सम्पत्ति अधिनियम के नियमानुसार थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर निर्माण खाली कराने का नोटिस राजस्व निरीक्षक कतरारी के द्वारा जारी किया गया। परंतु कब्जा खाली नहीं कराया गया।
जिस उप जिलाधिकारी द्वारा यह तथ्य सत्य पाया गया और पोखरी का इन्द्राज आबादी निरस्त कर पोखरी में अंकित किए जाने का आदेश दिया। लेकिन कब्जा नहीं हटा। भूख हड़ताल से पूर्व इन लोगों ने डीएम को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान स्नेहलता, छेछी प्रसाद, रामदास, सदानन्द, अमरजीत, राम वचन, दयानन्द, सुमेर गुप्ता उपस्थित रहे।