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Maharajganj News: संचालकों ने इफको उर्वरक आवंटन की मांग की
Mon, 21 Jul 2025 07:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 21 Jul 2025 07:46 PM IST
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महराजगंज। जनपद के कृषक सेवा केंद्र संचालकों ने इफको उर्वरक आवंटन की मांग की। इसको लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
संचालक रणनजय सिंह ने बताया कि कई वर्षों से इफको की सह संस्था आईएफएफडीसी के तहत फार्म ओ के आधार पर कृषि विभाग से अनुज्ञप्ति प्राप्त कर कृषक सेवा केंद्र संचालित कर रहे हैं। सदर, मिठौरा, सिसवा, घुघली, परतावल, पनियरा और निचलौल विकास खंडों में कार्यरत हैं, जो किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराकर उनकी सेवा और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके केंद्रों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है और समय-समय पर कृषि व सहकारिता विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की निगरानी में कार्य किया जाता है। शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि उनके लिए 20 प्रतिशत उर्वरक आवंटन का प्रावधान है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके केंद्र और सहकारी समितियों की कार्यशैली में कोई खास अंतर नहीं है। अंतर केवल इतना है कि समितियां सरकारी धन से उर्वरक खरीदती हैं और वेतन प्राप्त करती हैं, जबकि संचालक अपनी पूंजी से उर्वरक खरीदकर बिक्री के आधार पर लाभांश कमाते हैं। दोनों ही किसानों को नकद उर्वरक बेचते हैं, इसलिए आवंटन जनहित और न्यायहित में होगा।
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यह भी बताया कि उनके पास इफको का फार्म ओ है, जिसके तहत केवल इफको के उत्पाद बेचे जा सकते हैं, जबकि सहकारी समितियां किसी भी कंपनी का उर्वरक बेच सकती हैं। जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि जनपद के लगभग 40 आईएफएफडीसी केंद्रों के लिए उर्वरक आवंटन का निर्देश दिया जाए। इस दौरान अशोक कुमार, रामबली चौधरी, रामपूजन, नागेन्द्र, विवेक मणि, विनोद कुमार, रामनयन मौजूद रहे।
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संचालक रणनजय सिंह ने बताया कि कई वर्षों से इफको की सह संस्था आईएफएफडीसी के तहत फार्म ओ के आधार पर कृषि विभाग से अनुज्ञप्ति प्राप्त कर कृषक सेवा केंद्र संचालित कर रहे हैं। सदर, मिठौरा, सिसवा, घुघली, परतावल, पनियरा और निचलौल विकास खंडों में कार्यरत हैं, जो किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराकर उनकी सेवा और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके केंद्रों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है और समय-समय पर कृषि व सहकारिता विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की निगरानी में कार्य किया जाता है। शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि उनके लिए 20 प्रतिशत उर्वरक आवंटन का प्रावधान है।
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उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके केंद्र और सहकारी समितियों की कार्यशैली में कोई खास अंतर नहीं है। अंतर केवल इतना है कि समितियां सरकारी धन से उर्वरक खरीदती हैं और वेतन प्राप्त करती हैं, जबकि संचालक अपनी पूंजी से उर्वरक खरीदकर बिक्री के आधार पर लाभांश कमाते हैं। दोनों ही किसानों को नकद उर्वरक बेचते हैं, इसलिए आवंटन जनहित और न्यायहित में होगा।
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यह भी बताया कि उनके पास इफको का फार्म ओ है, जिसके तहत केवल इफको के उत्पाद बेचे जा सकते हैं, जबकि सहकारी समितियां किसी भी कंपनी का उर्वरक बेच सकती हैं। जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि जनपद के लगभग 40 आईएफएफडीसी केंद्रों के लिए उर्वरक आवंटन का निर्देश दिया जाए। इस दौरान अशोक कुमार, रामबली चौधरी, रामपूजन, नागेन्द्र, विवेक मणि, विनोद कुमार, रामनयन मौजूद रहे।