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Maharajganj News: खाते को आधार से लिंक करने के नाम पर एक लाख की ठगी

Fri, 06 Feb 2026 02:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:36 AM IST
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One lakh rupees defrauded in the name of linking the account with Aadhaar
ओटीपी देते ही कुछ देर बाद खाते से रकम कटने का मोबाइल पर आया मैसेज
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एक दिन में साइबर ठगों ने दो लोगों को अलग-अलग तरीके से बनाया निशाना
महराजगंज। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों की मेहनत की कमाई को लूट रहे हैं। जनपद में एक दिन में साइबर फ्राड के दो मामले सामने आए हैं।पहले मामले में साइबर जालसाजों ने खाते को आधार से लिंक करने के नाम पर 1.09 लाख रुपये उड़ा लिए। जबकि दूसरे में बिजली बिल में छूट का झांसा देकर भी ठगी को अंजाम दिया गया।
घुघली थाना क्षेत्र के ढेकही गांव के निवासी उदयभान ने बताया कि दो दिन पहले मोबाइल पर फोन आया कि खाते को आधार से लिंक करना है। फोन करने वाले ने इतने सधे अंदाज में बातचीत की, कुछ पता नहीं चला। वह ऐसे बात कर रहा था मानों बैंक का अधिकारी हो। खाते के बारे में डिटेल भी विस्तार से बता रहा था, इसलिए शक नहीं हुआ। फोन करने वाले कहा कि खाता आधार से लिंक नहीं है। अगर खाता लिंक नहीं होगा तो खाता बंद कर दिया जाएगा। उसकी बातों में फंस कर डिटेल बताने लगा। करीब एक मिनट में जरूरी जानकारी लेने के बाद फोन करने वाला बोला की ओटीपी मोबाइल गई है, उसे बताइए। ओटीपी बताने के कुछ देर बाद मोबाइल पर खाते से 1.09 लाख रुपये कटने का मैसेज आ गया। इसके बाद से उस नंबर पर कॉल नहीं लग रहा है। परेशान होकर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला संज्ञान में आने के बाद साइबर सेल ने प्राथमिकी दर्ज कर करते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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दूसरे मामले में चार दिन पहले बागापार के हरेंद्र जालसाजों के चक्कर में फंस गए थे। गनीमत रहा कि खाते में रकम कम थी, इस वजह से 10,000 रुपये का ही नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि घर का बिजली का बिल बकाया है। इसे जमा करने की व्यवस्था कर रहा था। एक व्हाट्सएप ग्रूप में लिंक देखा कि बिजली बिल जमा कराने में छूट मिलेगा। उस पर क्लिक करने के बाद जरूरी जानकारी भरता चला गया। अंत में ओटीपी दर्ज करने पर खाते से 10,000 रुपये कट गए।
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साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। लोगों को ऐसे लिंक पर ध्यान नहीं देना चाहिए। समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है।

नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाएं शिकायत

साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव ने बताया कि जालसाज लोगों को ठगने के लिए कॉल करते हैं। वह लोगों को फोन पर ही फंसा लेते हैं और फर्जी पुलिस के नाम पर धमकी देने लगते हैं। यही नहीं, झूठा मुकदमा बनाकर फंसाने की भी धमकी दी जाती है। ऐसे में जरा भी एहसास हो कि कॉल फेक है तो सबसे पहले तो कॉल काट देनी चाहिए। जालसाज बार-बार कॉल करता है और आपको डराता, धमकाता है या किसी झूठे मुकदमे फंसाने की बातें करता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाएं। उन्होंने बताया कि कभी कोई फ्रॉड हो जाए तो तुरंत सरकार के आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा आधिकारिक साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी कॉल करके शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
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