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Maharajganj News: एक करोड़ खर्च, बेकार पड़ा मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब
Fri, 23 Aug 2024 04:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 23 Aug 2024 04:44 AM IST
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सिंदुरिया। क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़हरा मीर में किसान मंडी बदहाल है। यहां बने कमरों की स्थिति ठीक नहीं है। बिजली का कनेक्शन भी अब तक नहीं हुआ है। मंडी के चारों ओर पोल व बिजली के तारों का जाल बिछा है, लेकिन ट्रांसफाॅर्मर नहीं लग सका है। टिनशेड जंक खाकर उजड़ने लगा है।
जानकारी के अनुसार, करीब 12 वर्ष पहले किसानों के हित में लगभग एक करोड़ की लागत से ग्राम पंचायत की 30 डिस्मिल भूमि पर किसान मंडी का निर्माण कार्यदायी संस्था मंडी समिति गड़ौरा ने कराया था। जिसे मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से आसपास के ग्राम पंचायत के किसानों की उपज को यहां लाकर बेचने तथा किसानों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करना था, लेकिन मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब निर्माण के बाद आज तक संचालित न हो सका।
इसका मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना ही बंद होने का मुख्य कारण है। बड़हरा मीर में बने इस मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब के पास ही इससे संबंधित 10 दुकानेंबनी हैं। यह दुकानें अष्टभुजा, अरविंद सिंह, राजेंद्र यादव, घनश्याम, सोनू गुप्ता, हितेश कुमार, चोकट, प्रमोद गुप्ता, संतोष गुप्ता के नाम से निर्माण होने के बाद से ही आवंटित की जा चुकी हैं।
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विद्युत आपूर्ति न होने से समस्या है। अगर मंडी में ट्रांसफाॅर्मर लग जाए तो विद्युत सप्लाई मिलते ही फिर से यह मंडी गुलजार हो जाएगी।
-सचिंद्र कुमार गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष, सिंदुरिया
संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
सुविधाओं से वंचित रह गई 25 हजार की आबादी
सरकार ने एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन क्षेत्र के लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्राम पंचायत बड़हरामीर, कुइयां कंचनपुर, मोहनापुर, रामपुरमीर, बसंतपुर खुर्द, नारायनपुर की लगभग 25 हजार की आबादी सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र के किसान मुकेश मिश्र, दिग्विजयनाथ, महेंद्र, राजेश गुप्ता, दशरथ रौनियार, शिवनारायण ने बताया कि मंडी के शुरू न होने से सरकार की मंशा पर पानी फिर गया।
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जानकारी के अनुसार, करीब 12 वर्ष पहले किसानों के हित में लगभग एक करोड़ की लागत से ग्राम पंचायत की 30 डिस्मिल भूमि पर किसान मंडी का निर्माण कार्यदायी संस्था मंडी समिति गड़ौरा ने कराया था। जिसे मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से आसपास के ग्राम पंचायत के किसानों की उपज को यहां लाकर बेचने तथा किसानों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करना था, लेकिन मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब निर्माण के बाद आज तक संचालित न हो सका।
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इसका मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना ही बंद होने का मुख्य कारण है। बड़हरा मीर में बने इस मार्केटिंग एग्रीकल्चर हब के पास ही इससे संबंधित 10 दुकानेंबनी हैं। यह दुकानें अष्टभुजा, अरविंद सिंह, राजेंद्र यादव, घनश्याम, सोनू गुप्ता, हितेश कुमार, चोकट, प्रमोद गुप्ता, संतोष गुप्ता के नाम से निर्माण होने के बाद से ही आवंटित की जा चुकी हैं।
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विद्युत आपूर्ति न होने से समस्या है। अगर मंडी में ट्रांसफाॅर्मर लग जाए तो विद्युत सप्लाई मिलते ही फिर से यह मंडी गुलजार हो जाएगी।
-सचिंद्र कुमार गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष, सिंदुरिया
संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
सुविधाओं से वंचित रह गई 25 हजार की आबादी
सरकार ने एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन क्षेत्र के लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्राम पंचायत बड़हरामीर, कुइयां कंचनपुर, मोहनापुर, रामपुरमीर, बसंतपुर खुर्द, नारायनपुर की लगभग 25 हजार की आबादी सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र के किसान मुकेश मिश्र, दिग्विजयनाथ, महेंद्र, राजेश गुप्ता, दशरथ रौनियार, शिवनारायण ने बताया कि मंडी के शुरू न होने से सरकार की मंशा पर पानी फिर गया।