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अब भी हाथों में दिख रही पॉलिथीन
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:36 AM IST
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अब भी हाथों में दिख रही पॉलिथीन
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। पॉलिथीन पर प्रतिबंध तो लगा दिया गया लेकिन यह लोगों के हाथ से नहीं छूट रही है। शहर में तमाम लोग अब भी पॉलिथीन का इस्तेमाल करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। अभी तमाम लोग कपडे़ के झोले की बजाय पॉलिथीन में सामान ले जाते हुए दिख जाएंगे। हाल ही में शहर के कुछ दुकानदारों ने लोगों को जागरूक भी किया। शहर में बैनर लगाकर कपडे़ का झोला प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में कपडे़ का झोला बांटकर जागरूकता का संदेश दिया गया था, लेकिन इसका असर कुछ खास नहीं दिख रहा है।
एडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि प्रदेश में 15 जुलाई से 50 माइक्रान से कम की पॉलिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब पॉलिथिन का प्रयोग करते पाए जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। जिले में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए सदर एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। जिसमें नगर पालिका ईओ, वन विभाग से डीएफओ, पुलिस विभाग सेे सीओ, फूड विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि 50 माइक्रान से कम की पॉलीथिन की खरीद-बिक्री न करें। अन्यथा जब्त करने के साथ ही जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला संयोजक विंध्यवासिनी सिंह ने कहा कि पॉलीथिन के प्रयोग ने वातावरण को प्रदूषित कर दिया है। इस पर जितनी जल्दी रोक लग जाए, लाभप्रद है। इसके लिए हमे खुद जागरूक होना पड़ेगा। वातावरण को प्रदूषित करने में पॉलीथिन का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में जरूरी है कि हम स्वयं इसके इस्तेमाल से बचें और दूसरों को भी इसका इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करें। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट इस मुहिम में साथ जुड़ गया है। नगरीय सहकारी बैंक के सचिव विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक की थैलियों के प्रयोग से वातावरण दूषित हो गया है। यह मिट्टी में दबने के बाद भी नष्ट नहीं होता। खेत की उर्वरा शक्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है, लेकिन यह सफल तभी होगा जब हम स्वयं इन चीजों का इस्तेमाल बंद करेंगे।
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एडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने बताया कि प्रदेश में 15 जुलाई से 50 माइक्रान से कम की पॉलिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब पॉलिथिन का प्रयोग करते पाए जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। जिले में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए सदर एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। जिसमें नगर पालिका ईओ, वन विभाग से डीएफओ, पुलिस विभाग सेे सीओ, फूड विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि 50 माइक्रान से कम की पॉलीथिन की खरीद-बिक्री न करें। अन्यथा जब्त करने के साथ ही जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला संयोजक विंध्यवासिनी सिंह ने कहा कि पॉलीथिन के प्रयोग ने वातावरण को प्रदूषित कर दिया है। इस पर जितनी जल्दी रोक लग जाए, लाभप्रद है। इसके लिए हमे खुद जागरूक होना पड़ेगा। वातावरण को प्रदूषित करने में पॉलीथिन का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में जरूरी है कि हम स्वयं इसके इस्तेमाल से बचें और दूसरों को भी इसका इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करें। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट इस मुहिम में साथ जुड़ गया है। नगरीय सहकारी बैंक के सचिव विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक की थैलियों के प्रयोग से वातावरण दूषित हो गया है। यह मिट्टी में दबने के बाद भी नष्ट नहीं होता। खेत की उर्वरा शक्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है, लेकिन यह सफल तभी होगा जब हम स्वयं इन चीजों का इस्तेमाल बंद करेंगे।
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