{"_id":"61608d038ebc3e334f7c2802","slug":"no-benifit-was-ayushman-card-maharajganj-news-gkp412233144","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंख के मरीजों को नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंख के मरीजों को नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ
विज्ञापन
आंख के मरीजों को नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ
क्रीटोमीटर, ए स्कैनर एवं ओटी टेबल की दरकार, समस्या के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं, पर्ची कटवाकर कराना पड़ता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों को ही नहीं आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी परेशानी है। गोल्डन कार्ड धारक आंख के मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। वजह जरूरी सामग्री नहीं है। जिससे उन्हें अस्पताल में पर्ची कटवाकर इलाज कराना पड़ रहा है। ऐसे में वे योजना के तहत मिलने वाली सुविधा हैं। औसतन एक दिन में करीब 20 से 25 आयुष्मान योजना के पात्र मरीज अस्पताल में आंख का इलाज कराने आते हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग अनुभाग में क्रीटोमीटर, ए स्कैनर, ओटी टेबल के लिए मांग की गई है, लेकिन अभी तक मिला नहीं है। इसके लिए करीब चार बार पत्राचार हो चुका है। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान प्रत्यारोपित किए जाने वाले लेंस का पावर ज्ञात करने वाला उपकरण भी अस्पताल में नहीं है। ऐसे में लेंस लगाने के दौरान परेशानी होती है। बायोमीटरी रीडिंग नहीं होने से आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। जिले में एक लाख अड़तालीस हजार चार सौ पचास परिवार योजना के तहत शामिल किए गए हैं। जिनमें एक लाख अड़तालीस हजार 260 गोल्डन कार्ड बन चुका है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को आंख का इलाज कराने की सुविधा कार्ड पर नहीं मिल पा रही है। क्योंकि अस्पताल बायोमीटरी रिडिंग नहीं हो पा रही है। आवश्यक सामग्री की मांग की गई है, जैसे ही सामग्री मिलेगी, योजना के लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा। सितंबर माह में करीब 20 से 22 लोगों का इलाज अस्पताल की पर्ची पर किया गया। यह सभी आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं। अस्पताल में जो व्यवस्था है, उसमें सभी का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
----------------
इन लाभार्थियों का हुआ इलाज
आयुष्मान योजना के लाभार्थी देवी दीन, संगीता, निर्मला और मलखा ने आंख का इलाज पर्ची कटवाकर कराया गया। गोल्डन कार्ड होने के बाद भी इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। सिंतबर माह में करीब 22 लोगों की आंख का इलाज हुआ।
--------------------
आवश्यक सामग्री के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्दी ही सामान उपलब्ध होते ही आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का बेहतर ढंग से इलाज होगा। -डॉ. एके राय, सीएमएस
विज्ञापन
क्रीटोमीटर, ए स्कैनर एवं ओटी टेबल की दरकार, समस्या के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं, पर्ची कटवाकर कराना पड़ता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों को ही नहीं आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी परेशानी है। गोल्डन कार्ड धारक आंख के मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। वजह जरूरी सामग्री नहीं है। जिससे उन्हें अस्पताल में पर्ची कटवाकर इलाज कराना पड़ रहा है। ऐसे में वे योजना के तहत मिलने वाली सुविधा हैं। औसतन एक दिन में करीब 20 से 25 आयुष्मान योजना के पात्र मरीज अस्पताल में आंख का इलाज कराने आते हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग अनुभाग में क्रीटोमीटर, ए स्कैनर, ओटी टेबल के लिए मांग की गई है, लेकिन अभी तक मिला नहीं है। इसके लिए करीब चार बार पत्राचार हो चुका है। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान प्रत्यारोपित किए जाने वाले लेंस का पावर ज्ञात करने वाला उपकरण भी अस्पताल में नहीं है। ऐसे में लेंस लगाने के दौरान परेशानी होती है। बायोमीटरी रीडिंग नहीं होने से आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। जिले में एक लाख अड़तालीस हजार चार सौ पचास परिवार योजना के तहत शामिल किए गए हैं। जिनमें एक लाख अड़तालीस हजार 260 गोल्डन कार्ड बन चुका है।
विज्ञापन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को आंख का इलाज कराने की सुविधा कार्ड पर नहीं मिल पा रही है। क्योंकि अस्पताल बायोमीटरी रिडिंग नहीं हो पा रही है। आवश्यक सामग्री की मांग की गई है, जैसे ही सामग्री मिलेगी, योजना के लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा। सितंबर माह में करीब 20 से 22 लोगों का इलाज अस्पताल की पर्ची पर किया गया। यह सभी आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं। अस्पताल में जो व्यवस्था है, उसमें सभी का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
----------------
इन लाभार्थियों का हुआ इलाज
आयुष्मान योजना के लाभार्थी देवी दीन, संगीता, निर्मला और मलखा ने आंख का इलाज पर्ची कटवाकर कराया गया। गोल्डन कार्ड होने के बाद भी इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। सिंतबर माह में करीब 22 लोगों की आंख का इलाज हुआ।
--------------------
आवश्यक सामग्री के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्दी ही सामान उपलब्ध होते ही आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का बेहतर ढंग से इलाज होगा। -डॉ. एके राय, सीएमएस