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Maharajganj News: नेपाल का वांटेड बॉर्डर पर चला रहा तस्करी का सिंडिकेट

Wed, 20 Dec 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 20 Dec 2023 12:55 AM IST
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Nepal's wanted smuggling syndicate running on the border
महराजगंज। इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल का वांटेड तस्करी का सिंडिकेट चला रहा है। आरोपी ने पहले बॉर्डर पर कबाड़ का कारोबार शुरू किया। अब वह तस्करी और नशे का अवैध धंधा कर रहा है। बॉर्डर के दोनों तरफ हो रही तस्करी की हर गतिविधि में उसकी संलिप्तता इन दिनों चर्चा में है।
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सूत्र बताते हैं कि साइकिल से गांव-गांव घूमकर कबाड़ बेचने वालों को तस्कर ने पैसे का लालच देकर कैरियर बना लिया। अब ठूठीबारी से लेकर नौतनवा के श्यामकाट तक नशे का अवैध धंधा चला रहा है। इसका खुलासा पिछले दिनों कोल्हुई पुलिस व एसओजी टीम द्वारा बरामद चरस की बड़ी खेप में भी हुआ। भारतीय क्षेत्र में तस्करी के जरिए लाई गई करोड़ों की चरस को तस्कर देश के महानगरों तक पहुंचाने के दौरान पकड़े गए।
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भारतीय पुलिस के साथ-साथ नेपाल की पुलिस भी चरस तस्करी की तह तक पहुंचने का प्रयास तेज कर दी है। पुलिस जांच में पता चला की कबाड़ की आड़ में नेपाल से चरस की बड़ी खेप भारत पहुंच रही है। इसमें नेपाल का एक वांटेड अपराधी संलिप्त है। अभी तक पुलिस पूरी तरह से उस सिंडिकेट को तोड़ नहीं पाई है, लेकिन दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित दर्जनों संदिग्ध कबाड़ के गोदामों पर ताबड़तोड़ छापामारी भी की गई। भारतीय क्षेत्र में कई कबाड़ के गोदामों को सीज भी किया गया है। डीएम व एसपी ने भी संदिग्ध कबाड़ की दुकानों की जांच की, जहां भारी मात्रा में अवैध कबाड़ बरामद किया गया।
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पहले लगाते थे साइकिल से फेरी, अब बन गए गोदाम के मालिक
बाॅर्डर पर यूं तो स्क्रैप की आड़ में नशीली वस्तुओं और अन्य कीमती सामानों की तस्करी का यह किस्सा दशकों पुराना है, लेकिन हाल के दिनों में स्क्रैप के कारोबार की आड में नशे का अवैध धंधा चल रहा है। कबाड़ के साथ नशे की सामग्री आसानी से सरहद पार हो जा रही है। इनमें तमाम नए धनाड्य भी शामिल हैं। जो पहले कबाड़ के लिए साइकिल और रिक्शे से फेरी लगाते थे वह इन दिनों कई बड़े गोदामों के मालिक बन गए हैं।
नेपाल का चरस तस्कर भारत में बन गया कबाड़ी
पिछले कुछ सालों से ठूठीबारी में कबाड़ का कारोबार करने वाला एक चर्चित युवक कभी नेपाल में गांजा व चरस की कैरिंग करता था। नेपाली सूत्र बताते हैं कि रुपनदेही के मौनीहवा व नवलपरासी के हरकपुरा में स्थित संदिग्ध कबाड़ गोदामों के जरिए चरस व गांजे की कैरिंग करने वाला युवक इन दिनों ठूठीबारी का बड़ा कबाड़ का कारोबारी बन गया है।
तीन कबाड़ व्यवसायी के पास है जीएसटी लाइसेंस
कस्टम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कबाड़ व्यवसाय के लिए शासन ने कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाया है। इसके लिए जीएसटी लाइसेंस होना जरूरी है। नियम के मुताबिक कबाड़ के व्यवसाय के लिए लाइसेंस बना होना चाहिए। हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र में तीन कबाड़ की दुकानों का लाइसेंस है।
नेपाल में सस्ते कीमत पर मिलता है कबाड़
शहर के घोड़हवा वार्ड में निचलौल सिंदुरिया मार्ग स्थित अक्षत ट्रेडर्स के नाम से कबाड़ की दुकान चलाने वाले परवीन कुमार ने बातचीत में बताया कि नेपाल राष्ट्र में सस्ता कबाड़ मिल मिलता है। जहां से खरीदारी कर भारत नेपाल-बॉर्डर की खुली सरहद के रास्ते आसानी से भारतीय सीमा क्षेत्र में लाया जाता है। उसके बाद भारत के कई राज्यों में संचालित फैक्ट्रीयों को अच्छी कीमत पर बेच दिया जाता है।

सीमावर्ती क्षेत्र में 30 से अधिक हैं कबाड़ की दुकान
इस धंधे में कोई रोकटोक नहीं होने के कारण शहर से लेकर बॉर्डर तक कोई भी व्यक्ति कबाड़ की दुकान शुरु कर दे रहा है। शुरू-शुरू में एक दो एजेंट रखकर कबाड़ खरीदते हैं। बाद में इनके एजेंट बढ़ जाते हैं। फिर यह धंधा बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। खास बात यह है कि पूरे जिले में इस तरह के कितने कबाड़ी हैं, यह भी प्रशासन के पास रिकार्ड नहीं है।
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